आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटोमोबाइल कंपनियों और सरकार दोनों से कई सवाल पूछे और जनता को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हीरो मोटोकॉर्प सहित 6 प्रमुख ऑटो कंपनियां E20 को सुरक्षित बता रही हैं। जबकि, उन्हीं कंपनियों के 'ओनर मैनुअल' में यह चेतावनी दी गई है कि 10% से ज़्यादा इथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का इस्तेमाल न करें और अगर कोई तकनीकी दिक्कत आए तो उसे तुरंत रोक दें। उन्होंने इन ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर लिखित आश्वासन मांगा है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज 10% से ज़्यादा गिरता है या इंजन के पुर्जे खराब होते हैं, तो क्या कंपनियां ग्राहकों को इसका हर्जाना देंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछेंगे कि इस 'एक्सपेरिमेंट' से होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा — सरकार या कार बनाने वाली कंपनियां? केजरीवाल ने चिंता जताई कि देश में मौजूदा समय में करीब 22 करोड़ दोपहिया वाहन और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 फ्यूल के लिए नहीं बनी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस 'जिद' के कारण आम लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि पेट्रोल पंपों पर E0 (बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल), E10 और E20 तीनों प्रकार के पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे जनता अपनी गाड़ी के इंजन के अनुसार खुद तय कर सकेगी कि उसे कौन सा पेट्रोल भरवाना है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटोमोबाइल कंपनियों और सरकार दोनों से कई सवाल पूछे और जनता को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हीरो मोटोकॉर्प सहित 6 प्रमुख ऑटो कंपनियां E20 को सुरक्षित बता रही हैं। जबकि, उन्हीं कंपनियों के 'ओनर मैनुअल' में यह चेतावनी दी गई है कि 10% से ज़्यादा इथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का इस्तेमाल न करें और अगर कोई तकनीकी दिक्कत आए तो उसे तुरंत रोक दें। उन्होंने इन ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर लिखित आश्वासन मांगा है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज 10% से ज़्यादा गिरता है या इंजन के पुर्जे खराब होते हैं, तो क्या कंपनियां ग्राहकों को इसका हर्जाना देंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछेंगे कि इस 'एक्सपेरिमेंट' से होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा — सरकार या कार बनाने वाली कंपनियां? केजरीवाल ने चिंता जताई कि देश में मौजूदा समय में करीब 22 करोड़ दोपहिया वाहन और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 फ्यूल के लिए नहीं बनी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस 'जिद' के कारण आम लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि पेट्रोल पंपों पर E0 (बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल), E10 और E20 तीनों प्रकार के पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे जनता अपनी गाड़ी के इंजन के अनुसार खुद तय कर सकेगी कि उसे कौन सा पेट्रोल भरवाना है।
- सीकर में बंधेज शिल्पकार महिलाओं के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में महिलाओं ने ऑर्डर प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और व्यवसाय विकास से संबंधित महत्वपूर्ण गुर सीखे। यह कार्यक्रम बजाज फिनसर्व के सहयोग से उरमूल ट्रस्ट द्वारा संचालित "पारंपरिक शिल्प पुनर्जीवन एवं बाजार एकीकरण के माध्यम से सतत कौशल विकास परियोजना" के अंतर्गत आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बंधेज शिल्प से जुड़ी इन महिलाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उनके हुनर और उद्यम को बढ़ावा देना था।1
- झुंझुनूं के रिजर्व पुलिस लाइन में बुधवार को महिला सुरक्षा जागरूकता माह के तहत एक संवाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में एक सुरक्षित वातावरण के निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। राजस्थान पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार, जिले में 1 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में सुरक्षा सखी, साथिन, महिला अधिवक्ता, एनजीओ कार्यकर्ता, एएनएम, जीएनएम, गृहिणियां, एनएसएस, एनसीसी और सीएलजी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिला वॉलन्टियर्स को आत्मरक्षा के तरीके, राजकोप सिटिजन ऐप का उपयोग, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव, नवीन न्याय संहिता, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की कार्यप्रणाली, पॉक्सो एक्ट के प्रावधान, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की भूमिका, नौकर एवं किरायेदार सत्यापन की प्रक्रिया, SHe-Box सुविधा, कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित कानून तथा वरिष्ठ जन संबल योजना जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तार से दी गईं। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से स्वयं जागरूक रहने और समाज में महिला सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में थाना स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला वॉलन्टियर्स को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत (आरपीएस), वृताधिकारी झुंझुनूं शहर गोपाल सिंह ढाका (आरपीएस), वृताधिकारी झुंझुनूं ग्रामीण हरिसिंह धायल (आरपीएस) और अम्बिका चौधरी (आरपीएस प्रोबेशनर) सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में चल रहे 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, झुंझुनूं की फूड सेफ्टी टीम ने बुधवार को रीको शास्त्री नगर स्थित एक गोदाम पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 200 कार्टून में रखी 'स्टिंग क्लासिक' की कुल 6012 बोतलों को नमूना लेने के बाद सीज कर दिया। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि इन बोतलों के लेबल पर "Stimulates Mind" और "Energizes Body" जैसे दावे अंकित पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार भ्रामक प्रचार माना जाता है। एफएसओ महेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व वाली टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत ये कार्रवाई की। FSSAI के निर्देशों के मुताबिक, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' और 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में आता है। हाल ही में इस संबंध में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अधिक कैफीन वाले ऐसे पेय गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भ्रामक दावों वाले उत्पादों पर भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- आज श्री सेठ सांवलिया जी के पावन दर्शन करके मन को अद्भुत शांति और अपार सुकून की अनुभूति हुई। इस अवसर पर प्रभु श्री सांवलिया से सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की गई है। यह अनुभव पूरी तरह से आस्था और भक्ति से परिपूर्ण था।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटोमोबाइल कंपनियों और सरकार दोनों से कई सवाल पूछे और जनता को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार के दबाव में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हीरो मोटोकॉर्प सहित 6 प्रमुख ऑटो कंपनियां E20 को सुरक्षित बता रही हैं। जबकि, उन्हीं कंपनियों के 'ओनर मैनुअल' में यह चेतावनी दी गई है कि 10% से ज़्यादा इथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का इस्तेमाल न करें और अगर कोई तकनीकी दिक्कत आए तो उसे तुरंत रोक दें। उन्होंने इन ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर लिखित आश्वासन मांगा है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज 10% से ज़्यादा गिरता है या इंजन के पुर्जे खराब होते हैं, तो क्या कंपनियां ग्राहकों को इसका हर्जाना देंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछेंगे कि इस 'एक्सपेरिमेंट' से होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा — सरकार या कार बनाने वाली कंपनियां? केजरीवाल ने चिंता जताई कि देश में मौजूदा समय में करीब 22 करोड़ दोपहिया वाहन और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 फ्यूल के लिए नहीं बनी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस 'जिद' के कारण आम लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि पेट्रोल पंपों पर E0 (बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल), E10 और E20 तीनों प्रकार के पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे जनता अपनी गाड़ी के इंजन के अनुसार खुद तय कर सकेगी कि उसे कौन सा पेट्रोल भरवाना है।1
- चूरू शहर के अति व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्ट्रेट इलाके के पास दिनदहाड़े एक रोडवेज बस के परिचालक पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हमले में परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि घटना के बाद भी अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह घटना मंगलवार, 7 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब चूरू आगार में कार्यरत रोडवेज परिचालक सुरेंद्र पूनियां के साथ कलेक्ट्रेट के समीप मारपीट की गई। आरोप है कि 'मुस्कान' नामक एक प्राइवेट बस के मालिक उम्मेद खां (निवासी राणासर) ने उन पर अचानक हमला किया। हमलावर ने परिचालक सुरेंद्र पूनियां पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनके पेट, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरी चोटें आई हैं। शरीर पर पड़े गहरे लाल और नीले निशान इस बर्बर हमले की गंभीरता को साफ बयां करते हैं। इस घटना के बाद से रोडवेज कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है। देर रात पुलिस ने रोडवेज परिचालक पर हुए इस जानलेवा हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन अब भी ठोस कार्रवाई की कमी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।2