मप्र: 50 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘निःशुल्क रजिस्ट्री’ महाअभियान शहडोल—-मध्य प्रदेश की ग्रामीण आबादी के लिए सरकार एक बड़ा जन-कल्याणकारी कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में पट्टे की जमीन पर रह रहे 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का असली मालिकाना हक सौंपने के लिए आगामी 17 सितंबर 2026 से एक विशेष महाअभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराकर ‘अधिकार अभिलेख’ सौंपे जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी अभियान की तैयारियों और रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री ने आज जिला कलेक्टर्स एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की। ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के अंतर्गत गांवों में विशेष शिविर (कैंप) आयोजित किए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से सभी पात्र भूमि स्वामियों का रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए और ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए कलेक्टर्स करेंगे नेतृत्व, बनाई गई माइक्रो प्लानिंग मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर जोर देते हुए कहा कि अभियान के दौरान आम जनता से किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टर्स की होगी।कलेक्टर स्वयं इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक मजबूत माइक्रो प्लानिंग के तहत कार्य किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती इस योजना के दूरगामी आर्थिक लाभों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी भू-स्वामियों को बैंकों से आसानी से ऋण (Loan) प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी। संपत्ति के आधिकारिक दस्तावेज होने से ग्रामीण न केवल वित्तीय रूप से सशक्त होंगे, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक प्रभावी और नई मजबूती मिलेगी। शहडोल से सत्येन्द्र सोनी
मप्र: 50 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘निःशुल्क रजिस्ट्री’ महाअभियान शहडोल—-मध्य प्रदेश की ग्रामीण आबादी के लिए सरकार एक बड़ा जन-कल्याणकारी कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में पट्टे की जमीन पर रह रहे 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का असली मालिकाना हक सौंपने के लिए आगामी 17 सितंबर 2026 से एक विशेष महाअभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराकर ‘अधिकार अभिलेख’ सौंपे जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी अभियान की तैयारियों और रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री ने आज जिला कलेक्टर्स एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की। ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के अंतर्गत गांवों में विशेष शिविर (कैंप) आयोजित किए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से सभी पात्र भूमि स्वामियों का रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए और ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए कलेक्टर्स करेंगे नेतृत्व, बनाई गई माइक्रो प्लानिंग मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर जोर देते हुए कहा कि अभियान के दौरान आम जनता से किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टर्स की होगी।कलेक्टर स्वयं इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक मजबूत माइक्रो प्लानिंग के तहत कार्य किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती इस योजना के दूरगामी आर्थिक लाभों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी भू-स्वामियों को बैंकों से आसानी से ऋण (Loan) प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी। संपत्ति के आधिकारिक दस्तावेज होने से ग्रामीण न केवल वित्तीय रूप से सशक्त होंगे, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक प्रभावी और नई मजबूती मिलेगी। शहडोल से सत्येन्द्र सोनी
- उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।1
- कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।1
- थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।3
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करें। बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol1
- ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।1
- नगर में गड्ढा या गड्ढे में नगर बादल सड़के जनता परेशान. उमरिया जिले से ब्यूरो चीफ शम्मी खान नियाजी. Mo. No✨78690837101