उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
- धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।1
- थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।3
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- राम भगत सोनी कीendara न नष्ट हो गयादशक गया राम भगत सोनी के द्वारा धस गया एक महीना पहले की बात है पानी खूब भरी बरसात के कारण जितना ग्राम पोस्ट चित्र2
- उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।1