सारवां ब्लॉक में शनिवार को बीडीओ रजनीश कुमार की देखरेख में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला कॉर्डिनेटर प्रमोद कापरी, जेई चंदन कुमार और शैलेश कुमार सहित कई जल सहियाएँ उपस्थित थीं। अधिकारियों ने जल सहियाओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में बंद पड़े अथवा खराब चापानलों और जलमीनारों का तत्काल सर्वेक्षण करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन जलस्रोतों से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट बिना किसी तथ्यात्मक बदलाव के शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराए जा सकें। इस अवसर पर जल सहियाओं को पेयजल की गुणवत्ता जांच से संबंधित महत्वपूर्ण और विस्तृत जानकारियां भी प्रदान की गईं। अधिकारियों ने पानी की नियमित जांच और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में जल सहियाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। बैठक में उपस्थित जल सहियाओं में राधा बलियासे, चांदनी देवी, अनीता देवी, आरती देवी, किरण देवी, खुशबू खातून, बेबी देवी, प्रेमलता देवी, बबीता देवी, रंजना देवी सहित अन्य शामिल थीं।
सारवां ब्लॉक में शनिवार को बीडीओ रजनीश कुमार की देखरेख में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला कॉर्डिनेटर प्रमोद कापरी, जेई चंदन कुमार और शैलेश कुमार सहित कई जल सहियाएँ उपस्थित थीं। अधिकारियों ने जल सहियाओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में बंद पड़े अथवा खराब चापानलों और जलमीनारों का तत्काल सर्वेक्षण करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन जलस्रोतों से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट बिना किसी तथ्यात्मक बदलाव के शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराए जा सकें। इस अवसर पर जल सहियाओं को पेयजल की गुणवत्ता जांच से संबंधित महत्वपूर्ण और विस्तृत जानकारियां भी प्रदान की गईं। अधिकारियों ने पानी की नियमित जांच और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में जल सहियाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। बैठक में उपस्थित जल सहियाओं में राधा बलियासे, चांदनी देवी, अनीता देवी, आरती देवी, किरण देवी, खुशबू खातून, बेबी देवी, प्रेमलता देवी, बबीता देवी, रंजना देवी सहित अन्य शामिल थीं।
- आदिवासी समाज ने दिल्ली में धर्मांतरण के मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद की है। समाज ने धर्मांतरण पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है, और इस संदर्भ में लोहरदगा का भी उल्लेख किया गया है।1
- शनिवार की सुबह बुढ़मू और उमेडंडा समेत आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बादलों के जमाव के साथ गरज-चमक हुई और जल्द ही हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव से पूरे क्षेत्र में ठंडक फैल गई, जिससे लोगों ने घरों की खिड़कियों से बाहर निकलकर इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह के समय आकाश में काले घने बादल दिखाई दिए और करीब आधे घंटे के भीतर बिजली चमकी व गर्जना गूंजी। इसके बाद कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी से लेकर मंद-मध्यम बारिश दर्ज की गई। बुढ़मू-उमेडंडा इलाके में शनिवार सुबह से ही मानसूनी मौसम की यह झलक देखने को मिली, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद लिया।1
- सामाजिक कार्यकर्ता फातिमा नूरी ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड की सामाजिक एकता, आदिवासी पहचान, संविधान और भाईचारे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना था। प्रेस वार्ता में सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक पहचान, संवैधानिक अधिकार और जनहित से जुड़े विषयों पर गहराई से बातचीत की गई। इस पूरे प्रसारण का लक्ष्य केवल सूचना, समाचार और जन-जागरूकता फैलाना है।1
- झारखंड के खूंटी जिले में स्थित अरकी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुड़िया नरकागरा गाँव (डाकघर कचांग) में सोलर पंप और सबमर्सिबल पंप पिछले एक साल से खराब पड़े हैं। इन दोनों के काम न करने के कारण ग्रामीण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।2
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।1
- एक वायरल वीडियो के माध्यम से एक स्कूल के निर्माण या उसकी स्थिति पर गहरी हैरानी जताई गई है। वीडियो में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'गरीब के बच्चे पढ़ेंगे, इसीलिए ऐसा बना रहा है', जिससे स्कूल के स्वरूप या गुणवत्ता पर एक प्रश्नचिन्ह लग रहा है और लोग इस पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं।1
- झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई है। यह घटना जमीन से जुड़े विवाद के परिणामस्वरूप सामने आई है, जिसमें दो अलग-अलग समूह आपस में भिड़ गए।1
- रांची के डोरंडा स्थित नीलम कॉम्प्लेक्स के पास एक पेड़ गिर गया है। इस घटना के कारण क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो गया है।1