खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड सभागार में 'द हंस फाउंडेशन' के तत्वावधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीडीओ स्मिता नगेशिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्रामीण किशोरियों ने रंगोली, नृत्य, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ स्मिता नगेशिया ने स्पष्ट किया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर किसी प्रकार की शर्म या संकोच नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार के "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान पर विशेष जोर दिया और किशोरियों से माहवारी के दौरान स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। नगेशिया ने यह भी कहा कि जागरूकता ही महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बना सकती है। इस आयोजन में मुख्य योजना पर्यवेक्षक प्रतिभा तिर्की, स्वस्थ एवं पोषण विशेषज्ञ सावन कुमार, कृष्ण मोहन मिश्रा, अभिजित रंजन और सुनिता कुमारी सहित कई सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जल सहिया, स्वास्थ्य सहिया, किशोरियां और महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।1
- झारखंड के खूंटी जिले में स्थित अरकी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुड़िया नरकागरा गाँव (डाकघर कचांग) में सोलर पंप और सबमर्सिबल पंप पिछले एक साल से खराब पड़े हैं। इन दोनों के काम न करने के कारण ग्रामीण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।2
- राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद, शहर में आज गरज के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। इस मूसलाधार बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है, जिससे पिछले कई दिनों से बढ़ते पारे पर रोक लगी है और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक रांची और इसके आस-पास के जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर वज्रपात (बिजली चमकने) के साथ बारिश होने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।1
- लातेहार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ₹2.5 करोड़ की अवैध शराब बरामद की है।1
- रांची में संवेदक संघ ने भवन निर्माण विभाग प्रमंडल-2 से जुड़े NIT-11/2026-27 निविदा विवाद मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया, विभागीय कार्यप्रणाली और हालिया घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता में संवेदक संघ ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। यह पूरा मामला रांची में निविदा से संबंधित विवाद पर केंद्रित है।1
- चौपारण समाचार के मुताबिक, झारखंड राज्य में अगले 48 घंटे 'भारी' रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान, लोगों से अपने-अपने जिले का हाल जानने का आग्रह किया गया है।1
- भारत को 'आदिवासी राष्ट्र' घोषित करने की एक सशक्त मांग उठाई गई है। इस मांग के पीछे तर्क दिया गया है कि आदिवासी समुदाय का अस्तित्व डायनासोर के समय से भी पहले का है, जो उनकी प्राचीनता और इस भूमि से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब समय आ गया है कि आदिवासियों को उनका उचित सम्मान मिले, और इसी क्रम में भारत को आदिवासी राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए।1
- खुंटी जिले के बाड़ीनिजकेल पंचायत के टोला बाड़ी में ग्राम प्रधान दुगा पाहन के नेतृत्व में एक भव्य पारंपरिक छऊ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कलाकारों की प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया। कार्यक्रम में झामुमो के जिला प्रवक्ता और विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने फीता काटकर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और आयोजन समिति के साथ-साथ ग्रामीणों को इस तरह की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए बधाई दी। मंडल ने इस अवसर पर कहा कि छऊ नृत्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखने का भी आग्रह किया। इस मौके पर पूर्व मुखिया रेजन मुंडा, संतोष कुम्हार, बुधो मुंडा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। गांव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1