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फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सौहार्द सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
CITY NEWS
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सौहार्द सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
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- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक युवक पर शादी का झांसा देकर एक छात्रा से संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से संपर्क किया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि युवक ने उससे विवाह करने का वादा किया और इसी आधार पर उसके साथ संबंध बनाए। छात्रा अब इस घटना के बाद इंसाफ और उचित कार्रवाई की मांग कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट कर उससे रुपए छीनने का मामला सामने आया है। यह घटना फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार प्रकाश में आई है।1
- फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की एक मेगा मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। प्रशासन ने गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय स्थापित करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में 77 अतिसंवेदनशील और 112 संवेदनशील गांवों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 से 25 जून के बीच मानसून के फर्रुखाबाद पहुंचने की संभावना है। फर्रुखाबाद जिले में लगभग 68 किलोमीटर लंबा गंगा तटीय क्षेत्र है, जिसके कारण हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के साथ-साथ कटान की समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में आते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे, वहीं सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में कुल 191 नावों और उनके नाविकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें सदर तहसील की 30, कायमगंज की 54 और अमृतपुर की 107 नावें शामिल हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोरों को भी तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य बाढ़ के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखना है, जिसके लिए सभी विभागों को समय रहते पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मानसून से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है।1
- शाहजहांपुर के जलालाबाद में रेलवे के प्रति अनोखी दीवानगी की एक मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक शख्स ने अपने घर को हूबहू चलती ट्रेन का रूप दे दिया है। दूर से देखने पर यह घर एक आलीशान मकान की बजाय रेलवे का कोच नजर आता है, जिसके बाहर 'कानपुर से फर्रुखाबाद' और 'फर्रुखाबाद से कानपुर' लिखा हुआ है। घर की खिड़कियां, डिजाइन और पूरा बाहरी लुक बिल्कुल रेलवे के डिब्बे जैसा तैयार किया गया है, यहाँ तक कि खिड़कियां भी स्लाइडिंग हैं, जिससे हर कोई इसे पहली नजर में ट्रेन ही समझ बैठता है। इस अनोखे घर को जिस शख्स ने बनवाया है, उनका रेलवे से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने अपने इस प्रेम को यादगार बनाने के लिए सपनों के आशियाने को ही ट्रेन का रूप दे दिया। यह घर न सिर्फ उनकी पहचान बन गया है, बल्कि आसपास के इलाके में आकर्षण का केंद्र भी बन चुका है। घर के सामने से गुजरने वाला हर राहगीर इसे देखकर कुछ पल के लिए रुक जाता है और बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई इस अनोखे निर्माण को देखकर हैरान रह जाता है और तस्वीरें खींचने लगता है। यह 'रेलवे हाउस' अब लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- शाहजहांपुर जिले के कलान कस्बे में जनता रोड स्थित एक मंदिर के पास रखे ट्रांसफार्मर में करंट आने से एक सांड की मौके पर ही मौत हो गई। यह ट्रांसफार्मर मोहल्ला रामलीला ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों को बिजली की आपूर्ति देता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रांसफार्मर में काफी समय से अर्थिंग के जरिए करंट उतर रहा था। मंगलवार को सांड फुटपाथ पर पड़े सड़े-गले आम खाने के लिए ट्रांसफार्मर के पास पहुंचा और इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने विद्युत विभाग के प्रति गुस्सा जाहिर किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर में करंट रिसाव की समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई राहगीर या बच्चा भी इस हादसे का शिकार हो सकता है। लोगों ने विद्युत विभाग से तत्काल सुरक्षा उपाय करने और ट्रांसफार्मर की जांच कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक व्यक्ति ने रेलवे के प्रति अपने गहरे लगाव को अनोखे ढंग से दर्शाते हुए अपने घर को ही ट्रेन के डिब्बे का रूप दे दिया है। दूर से देखने पर यह आलीशान मकान रेलवे के एक कोच जैसा प्रतीत होता है। इस घर के बाहर "कानपुर से फर्रुखाबाद" और "फर्रुखाबाद से कानपुर" लिखा है, जिससे हर कोई पहली नजर में इसे ट्रेन ही समझ बैठता है। घर की बाहरी बनावट बिल्कुल रेलवे के डिब्बे जैसी है, जिसमें स्लाइडिंग खिड़कियां लगी हैं, जो किसी रेल कोच का एहसास कराती हैं। इस अनोखी दीवानगी की मिसाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। घर के सामने से गुजरने वाला हर राहगीर इसे देखकर रुक जाता है और बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, सभी हैरान होकर इसकी तस्वीरें लेते हैं। मकान मालिक का कहना है कि रेलवे उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, और इसी प्रेम को यादगार बनाने के लिए उन्होंने यह घर बनवाया है। यह अनोखा ‘रेलवे हाउस’ अब न केवल उनकी पहचान बन गया है, बल्कि आसपास के इलाके में आकर्षण का केंद्र भी है। यह निर्माण दिखाता है कि जब शौक जुनून बन जाए, तो कैसे उसे ईंट और पत्थरों में ढालकर हकीकत में बदला जा सकता है।4
- फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सौहार्द सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज विकासखंड के जीरागौर गांव में जलभराव और बढ़ती बीमारियों की समस्या को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंवरपुर बनवारी में कई महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण वे पूरी तरह चोक हो गई हैं। इस गंभीर समस्या के चलते कई स्थानीय लोगों के घरों में गंदा पानी भर गया है। जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी पैदा हो गई है।1