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एक नाली से लगातार गंदा पानी बह रहा है। इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।
Babu Saheb
एक नाली से लगातार गंदा पानी बह रहा है। इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।
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- एक नाली से लगातार गंदा पानी बह रहा है। इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मूसहर्नियां गांव में सोमवार देर रात अज्ञात चोरों ने दरवाजे पर बंधी तीन भैंसें चोरी कर लीं। इस घटना से पशुपालक धीरेन्द्र यादव के परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि भैंसें ही उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य जरिया थीं। बताया गया कि धीरेन्द्र यादव की पत्नी किरण कुमारी मंगलवार सुबह जब भैंसों को चारा देने पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि दरवाजे से तीनों भैंसें गायब थीं। उन्होंने तत्काल परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद गांव में भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में गहन खोजबीन की, लेकिन चोरी हुई भैंसों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पीड़ित परिवार ने अपनी भैंसों की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई है, और इस चोरी से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चिंता है; उनका कहना है कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को एक विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। अन्य पशुपालकों में भी गहरा भय व्याप्त है, उन्हें डर है कि वे भी ऐसी किसी चोरी का शिकार न हो जाएं। चोरी की इस घटना को लेकर सौर बाजार थाना में आवेदन दिया गया है, और उम्मीद है कि आवेदन के बाद ही पुलिस इस मामले का उद्भेदन कर पाएगी।1
- भागलपुर जिले के नौगछिया स्थित लत्तीपाकर से दरहरा तक की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। विशेष रूप से बारिश के बाद इस सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। बताया गया है कि पिछली बार वीडियो बनाने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। इस समस्या को उजागर करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- शादी की शुभकामनाएं हेलो गाइस हम लोग गुजारिश है लाल दुपट्टा उड़ गया हवा के झोंके से दूसरे घर में कैसे लड़ाई करें 😃😃😃😃1
- खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड गांव का ऐतिहासिक मुगलकालीन महल "52 कोठरी, 53 द्वार" एक बार फिर सुर्खियों में है। यह बेशकीमती धरोहर, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही है, अब पर्यटन के नक्शे पर जगह बनाने की उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में, कला एवं संस्कृति विभाग की एक टीम ने महल का निरीक्षण कर इसके संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया है। 17वीं शताब्दी में निर्मित इस अद्भुत महल में 52 कोठरियां, 53 द्वार, एक गुप्त सुरंग, रानी स्नान तालाब और अलग-अलग ध्वनि उत्पन्न करने वाले खंभे आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विभागीय अधिकारियों ने इस निरीक्षण की रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही है। वहीं, ग्रामीणों ने पुरज़ोर ढंग से मांग दोहराई है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित कर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।1
- लखीसराय के चानन प्रखंड के कछुआ में मंगलवार को आदिवासी किसान परिवारों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया और किसानों ने जैविक खेती की शपथ ली। यह आयोजन जिला प्रशासन लखीसराय के मार्गदर्शन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र लखीसराय, जिला कृषि कार्यालय और जिला उद्यान कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी सहित कृषि विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों के बीच राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए नींबू के उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जलवायु स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय किसान ऋषुदेव बिंद का उदाहरण भी दिया, जो स्ट्रॉबेरी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। अधिकारियों ने हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी, केंचुओं और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया, ताकि भूमि, जल और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक प्रमाणन से जुड़ी संस्था किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और उसके गुणवत्ता का आकलन करेगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीज और जैविक उत्पादों के विपणन के लिए एक संगठन का गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करेंगे, मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण करेंगे तथा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी किसान परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।4
- 13 साल की एक बच्ची के साथ 5 दिन तक दुष्कर्म करने के आरोप में, पुलिस प्रशासन ने 12 आरोपियों को हथकड़ी लगाकर पूरे शहर में घुमाया। इस दौरान उनकी जमकर पिटाई भी की गई।1