18 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था 10 हजार का इनामी स्थायी वारंटी, नई गल्ला मंडी से दबोचा भिण्ड। थाना देहात भिण्ड पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 18 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस की सतत निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार आरोपी को नई गल्ला मंडी भिण्ड से पकड़वा दिया। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में जिले में इनामी एवं स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। 2000 में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था पुलिस के मुताबिक वर्ष 2000 में थाना देहात पुलिस ने आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इस मामले में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2000 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो गया। इसके बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी तलाश लगातार की जाती रही, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पहचान छिपाकर रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सूचना पर नई गल्ला मंडी में घेराबंदी पुलिस टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र के माध्यम से उसके नई गल्ला मंडी क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। 18 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की निगरानी और मुखबिर तंत्र के सामने टिक नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक राजवीर पिप्पल, आरक्षक कमल तोमर, भूपेन्द्र तोमर, अजीत सिकरवार, सुमित शर्मा, अवधेश चौहान, फिरोज खान, अतुल पाण्डेय एवं कुलदीप कसौटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस मीडिया सेल, भिण्ड द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, स्थायी वारंटियों और इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी है।
18 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था 10 हजार का इनामी स्थायी वारंटी, नई गल्ला मंडी से दबोचा भिण्ड। थाना देहात भिण्ड पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 18 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस की सतत निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार आरोपी को नई गल्ला मंडी भिण्ड से पकड़वा दिया। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में जिले में इनामी एवं स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। 2000 में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था पुलिस के मुताबिक वर्ष 2000 में थाना देहात पुलिस ने आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इस मामले में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2000 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो
गया। इसके बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी तलाश लगातार की जाती रही, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पहचान छिपाकर रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सूचना पर नई गल्ला मंडी में घेराबंदी पुलिस टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र के माध्यम से उसके नई गल्ला मंडी क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। 18 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की निगरानी और मुखबिर तंत्र के सामने टिक नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक राजवीर पिप्पल, आरक्षक कमल तोमर, भूपेन्द्र तोमर, अजीत सिकरवार, सुमित शर्मा, अवधेश चौहान, फिरोज खान, अतुल पाण्डेय एवं कुलदीप कसौटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस मीडिया सेल, भिण्ड द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, स्थायी वारंटियों और इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी है।
- पिनाहट घाट पर स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद,,,,,,,,, पिनाहट थाना प्रभारी वीरेश पाल गिरी ने चंबल नदी के पिनाहट घाट पर मुनादी कर यात्रियों को स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद किए जाने की जानकारी दी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है। चंबल घाट और आसपास की हर महत्वपूर्ण खबर के लिए हमें Like और Follow करें, ताकि आने वाली हर खबर की अपडेट आपको तुरंत मिल सके। जितेन्द्र सिंह करोरिया, पत्रकार1
- **सुकुमा में शहीद हुए 76 CRPFसैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर मनाया 80वा स्वतंत्रता दिवस** *80वे स्वतंत्रता दिवस पर नन्हे-मुन्ने बच्चों की देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन* *अम्बाह*। श्वेता पब्लिक स्कूल में राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश सचिव *विनेंद्र सिंह तोमर* तथा विशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नगर विकास प्रस्फुटन समिति, महात्मा लोचन दास वार्ड क्रमांक-3 अम्बाह के अध्यक्ष *धर्मेंद्र सिंह तोमर* रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने सुकमा में शहीद हुए *76 सीआरपीएफ जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।* उल्लेखनीय है कि 6 अप्रैल 2010 को ताड़मेटला क्षेत्र में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अतिथियों का विद्यालय परिवार द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। बच्चों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और समारोह में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम, शहीदों के सम्मान और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। मुख्य अतिथि विनेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि *देश के वीर जवानों का बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। बच्चों में बचपन से ही राष्ट्रभक्ति एवं संस्कारों का विकास करना समाज और विद्यालय दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।* विशिष्ट अतिथि धर्मेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और शहीदों के सम्मान से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ हुआ।4
- अम्बाह के वार्ड क्रमांक 17 में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित अम्बाह। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर के वार्ड क्रमांक 17 में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी शामिल हुए। सभी ने उत्साहपूर्वक तिरंगा फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी तथा देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों को पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इस दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम की भावना से गूंज उठा। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं वार्डवासियों ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने तथा तिरंगे की आन-बान-शान को सदैव ऊंचा रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री नारद जी, महेश चंद जैन विकल, उमाचरण कटारे, वार्ड क्रमांक 17 के पार्षद सुनील सखवार, जय राजोरिया, बृज किशोर सखवार उर्फ बिज्जू, शैलू सिंह तोमर, खलील खान, पातीराम सखवार, मुकेश सिलावट एवं मनोज सिंह तोमर उर्फ जहरीला सहित कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता एवं वार्डवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के त्याग एवं बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी हमें लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद मिली है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अपना योगदान दे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारे लगाते हुए तिरंगे की शान को हमेशा ऊंचा रखने का संकल्प दोहराया।1
- निरोगी होने की मन्नत लेकर 200 किलोमीटर पैदल चलीं शिवानी और प्राची, नागाजी मंदिर में भोलेनाथ को अर्पित की कांवड़ पोरसा सावन माह के तृतीया सोमवार को नगर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा और अपने परिजनों के स्वास्थ्य की कामना लेकर सैकड़ों कांवड़िए पवित्र गंगाजल की कांवड़ लेकर सौरों से पोरसा पहुंचे। आज सोमवार को श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धा के साथ कांवड़ में लाए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा में भगवान शिव के प्रति समर्पण, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र गंगाजल को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और संकल्प के साथ की गई कांवड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्त की आस्था और समर्पण को दर्शाती है। इसी विश्वास के साथ अनेक श्रद्धालु अपने और अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति के लिए कांवड़ उठाते हैं। पिता के स्वास्थ्य के लिए शिवानी ने उठाई कांवड़ रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,, बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं। बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़ परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की। इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे। कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे। सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की। आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा। शिव के प्रति समर्पण, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र गंगाजल को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और संकल्प के साथ की गई कांवड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्त की आस्था और समर्पण को दर्शाती है। इसी विश्वास के साथ अनेक श्रद्धालु अपने और अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति के लिए कांवड़ उठाते हैं। पिता के स्वास्थ्य के लिए शिवानी ने उठाई कांवड़ रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,, बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं। बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़ परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की। इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे। कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे। सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की। आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।1
- बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे पैदल चलना और वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है।1
- सेमरी ग्राम पंचायत के प्रधान का राष्ट्रगान पढ़ते हुए वीडियो वायरल, उच्चारण को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल। वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों में चर्चा—लोग पूछ रहे हैं, राष्ट्रगान जैसी मूलभूत बात में कठिनाई है तो पंचायत का संचालन कैसे होगा? हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे मामले पर संबंधित पक्ष का जवाब अभी आना बाकी है। आगरा ब्रेकिंग!!! सेमरी ग्राम पंचायत के प्रधान का राष्ट्रगान पढ़ते हुए वीडियो वायरल, उच्चारण को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल। वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों में चर्चा—लोग पूछ रहे हैं, राष्ट्रगान जैसी मूलभूत बात में कठिनाई है तो पंचायत का संचालन कैसे होगा? हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे मामले पर संबंधित पक्ष का जवाब अभी आना बाकी है।1
- कृष्ण जन्माष्टमी पर फतेहाबाद में मेले में उमड़ी भीड़ दूर दूर से आर हे है1
- 18 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था 10 हजार का इनामी स्थायी वारंटी, नई गल्ला मंडी से दबोचा भिण्ड। थाना देहात भिण्ड पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 18 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस की सतत निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार आरोपी को नई गल्ला मंडी भिण्ड से पकड़वा दिया। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में जिले में इनामी एवं स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। 2000 में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था पुलिस के मुताबिक वर्ष 2000 में थाना देहात पुलिस ने आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इस मामले में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2000 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो गया। इसके बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी तलाश लगातार की जाती रही, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पहचान छिपाकर रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सूचना पर नई गल्ला मंडी में घेराबंदी पुलिस टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र के माध्यम से उसके नई गल्ला मंडी क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। 18 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की निगरानी और मुखबिर तंत्र के सामने टिक नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक राजवीर पिप्पल, आरक्षक कमल तोमर, भूपेन्द्र तोमर, अजीत सिकरवार, सुमित शर्मा, अवधेश चौहान, फिरोज खान, अतुल पाण्डेय एवं कुलदीप कसौटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस मीडिया सेल, भिण्ड द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, स्थायी वारंटियों और इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी है।2