जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित नौघढा़ गांव का दौरा किया। यह गांव बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान का पैतृक निवास है, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री का स्थानीय कार्यकर्ताओं, समर्थकों और ग्रामीणों द्वारा ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया गया। नौघढा़ पहुँचने पर नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर जेडीयू कार्यकर्ताओं और आम जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे सीधे मंत्री मोहम्मद जमा खान के आवास पर गए, जहाँ उन्होंने मंत्री के माता-पिता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका परिवार के प्रति गहरा और आत्मीय लगाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह और भीड़ को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने एक संक्षिप्त, लेकिन भावुक संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा किसी तय राजनीतिक कार्यक्रम या रैली का हिस्सा नहीं था, बल्कि वे केवल अपने लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलने के उद्देश्य से सीधे यहाँ आए थे। उन्होंने कहा कि सभी का स्नेह देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद नौघढा़ और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में पहुँचे ग्रामीणों और जेडीयू कार्यकर्ताओं ने 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मौजूद भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि क्षेत्र की जनता का अपार प्रेम और अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और वे हमेशा उनके सेवक रहेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता इस पूरे क्षेत्र का समग्र विकास और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, जिसके तहत शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, और आने वाले समय में कई नई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस अचानक और आत्मीय दौरे से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस दौरे से न केवल संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल भी ऊँचा हुआ है। इस कार्यक्रम में जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित नौघढा़ गांव का दौरा किया। यह गांव बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान का पैतृक निवास है, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री का स्थानीय कार्यकर्ताओं, समर्थकों और ग्रामीणों द्वारा ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया गया। नौघढा़ पहुँचने पर नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर जेडीयू कार्यकर्ताओं और आम जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे सीधे मंत्री मोहम्मद जमा खान के आवास पर गए, जहाँ उन्होंने मंत्री के माता-पिता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका परिवार के प्रति गहरा और आत्मीय लगाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह और भीड़ को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने एक संक्षिप्त, लेकिन भावुक संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा किसी तय राजनीतिक कार्यक्रम या रैली का हिस्सा नहीं था, बल्कि वे केवल अपने लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलने के उद्देश्य से सीधे यहाँ आए थे। उन्होंने कहा कि सभी का स्नेह देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद नौघढा़ और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में पहुँचे ग्रामीणों और जेडीयू कार्यकर्ताओं ने 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मौजूद भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि क्षेत्र की जनता का अपार प्रेम और अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और वे हमेशा उनके सेवक रहेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता इस पूरे क्षेत्र का समग्र विकास और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, जिसके तहत शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, और आने वाले समय में कई नई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस अचानक और आत्मीय दौरे से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस दौरे से न केवल संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल भी ऊँचा हुआ है। इस कार्यक्रम में जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित नौघढा़ गांव का दौरा किया। यह गांव बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान का पैतृक निवास है, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री का स्थानीय कार्यकर्ताओं, समर्थकों और ग्रामीणों द्वारा ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया गया। नौघढा़ पहुँचने पर नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर जेडीयू कार्यकर्ताओं और आम जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे सीधे मंत्री मोहम्मद जमा खान के आवास पर गए, जहाँ उन्होंने मंत्री के माता-पिता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका परिवार के प्रति गहरा और आत्मीय लगाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह और भीड़ को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने एक संक्षिप्त, लेकिन भावुक संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा किसी तय राजनीतिक कार्यक्रम या रैली का हिस्सा नहीं था, बल्कि वे केवल अपने लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलने के उद्देश्य से सीधे यहाँ आए थे। उन्होंने कहा कि सभी का स्नेह देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद नौघढा़ और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में पहुँचे ग्रामीणों और जेडीयू कार्यकर्ताओं ने 'नीतीश कुमार जिंदाबाद' के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मौजूद भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि क्षेत्र की जनता का अपार प्रेम और अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और वे हमेशा उनके सेवक रहेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता इस पूरे क्षेत्र का समग्र विकास और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, जिसके तहत शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, और आने वाले समय में कई नई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस अचानक और आत्मीय दौरे से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस दौरे से न केवल संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल भी ऊँचा हुआ है। इस कार्यक्रम में जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- आगामी पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से मोहनिया (कैमूर) के अनुमंडल अस्पताल में सोमवार को एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह अभियान आगामी 28 जून से 2 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। इस बैठक में अभियान के सफल संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।2
- Post by Sankat mochan dubey1
- बिहार सरकार के मंत्री जमा खां से एक पत्रकार ने सवाल पूछा है। इस बात पर उत्सुकता जताई जा रही है कि मंत्री जमा खां ने उस सवाल के जवाब में क्या प्रतिक्रिया दी है।1
- पुर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्री Md Zama Khan के पैतृक गांव नौघरा पहुंचे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि नीतीश कुमार का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार के आगमन से गांववासियों के हृदय में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और विकास के प्रति एक नया विश्वास जागा है। यह घटनाक्रम जनता दल (यूनाइटेड) से संबंधित है।1
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- चंदौली पुलिस ने ग्राम जोगिया कला में हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस का 36 घंटे के भीतर सनसनीखेज अनावरण करते हुए मुख्य अभियुक्त सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार किया है। दिनांक 05/06.06.2026 की मध्य रात्रि में चकिया थाना क्षेत्र के जोगिया कला गांव में बेचई उर्फ बृजेश यादव (उम्र लगभग 34 वर्ष) की उनके घर के बाहर चारपाई पर सोते समय गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और चकिया थाने में मुकदमा अपराध संख्या 153/2026 धारा 103(1) बीएनएस पंजीकृत कर गहन विवेचना शुरू की। पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी और गांव के ही सुनील यादव उर्फ कवि के बीच पिछले 4-5 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। घटना से लगभग एक सप्ताह पूर्व हुए झगड़े के बाद मृतक की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी। इस बात से व्यथित होकर मृतक बेचई ने सार्वजनिक रूप से अभियुक्त सुनील उर्फ कवि के अवैध संबंधों और कारनामों को उजागर करना शुरू कर दिया था। आगामी प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहे अभियुक्त सुनील ने इसे अपना सामाजिक अपमान मानते हुए बदले की भावना से हत्या की खौफनाक साजिश रची। अपनी योजना के तहत, अभियुक्त ने 05.06.2026 को दोपहर में अहरौरा से एक लोहे की कुल्हाड़ी खरीदी। उसी रात, 05/06.06.2026 की मध्य रात्रि में, जब सब सो गए, तो अभियुक्त सुनील यादव उर्फ कवि अपने खेत से लोहे की कुल्हाड़ी लेकर चोरी-छिपे मृतक के घर पहुंचा। उसने चारपाई पर सो रहे बेचई की गर्दन पर कुल्हाड़ी से तेज वार कर उसकी हत्या कर दी और चिल्लाने से रोकने के लिए मृतक के ही गमछे का एक टुकड़ा उसके मुंह में ठूंस दिया। हत्या के बाद, अभियुक्त ने कुल्हाड़ी को अपने खेत में गाड़ दिया और वहीं सो गया। दिनांक 07.06.2026 को शाम करीब 08:00 बजे एक मुखबिर की सटीक सूचना पर चकिया पुलिस टीम ने मोकरम बंधी के पास से अभियुक्त सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की धारदार कुल्हाड़ी उसके खेत से बरामद की गई। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुनील यादव उर्फ कवि पुत्र बलवंत यादव, निवासी ग्राम जोगिया कला, थाना चकिया, जनपद चन्दौली के रूप में हुई है।1
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