उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा हापुड़ नगर "जय जगन्नाथ, जय बलदेव और जय सुभद्रा" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस धार्मिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और महिलाएं, पुरुष, बच्चे व युवा नंगे पैर भगवान के दर्शन करने तथा रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े। मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर भक्तों को शरण प्रदान करते हैं। इस भव्य आयोजन से एक दिन पूर्व पुराना बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया था। गुरुवार सुबह श्री निकुंज भवन में ठाकुर जी का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। इसके बाद प्राचीन शिव मंदिर में छप्पन भोग अर्पित कर भगवान श्री जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को भव्य रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। प्राचीन शिव मंदिर से लेकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर तक के करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का जोरदार स्वागत किया। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है, जहां भगवान एक सप्ताह तक विश्राम करेंगे। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भक्तों के लिए खिचड़ी, शीतल पेयजल, आइसक्रीम, फलूदा और मिठाइयों का वितरण किया गया। इस रथ यात्रा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गुलावठी, मोदीनगर और हापुड़ की विभिन्न संकीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, श्री चंडीधाम में आयोजित महाभोग प्रसाद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री जगन्नाथ के रथ के दर्शन करने, रथ की रस्सियों को स्पर्श करने और महाप्रसाद ग्रहण करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस विशाल रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके तहत पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा हापुड़ नगर "जय जगन्नाथ, जय बलदेव और जय सुभद्रा" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस धार्मिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और महिलाएं, पुरुष, बच्चे व युवा नंगे पैर भगवान के दर्शन करने तथा रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े। मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन भगवान जगन्नाथ अपने
बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर भक्तों को शरण प्रदान करते हैं। इस भव्य आयोजन से एक दिन पूर्व पुराना बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया था। गुरुवार सुबह श्री निकुंज भवन में ठाकुर जी का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। इसके बाद प्राचीन शिव मंदिर में छप्पन भोग अर्पित कर भगवान श्री जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को भव्य रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। प्राचीन शिव मंदिर से लेकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर तक
के करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का जोरदार स्वागत किया। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है, जहां भगवान एक सप्ताह तक विश्राम करेंगे। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भक्तों के लिए खिचड़ी, शीतल पेयजल, आइसक्रीम, फलूदा और मिठाइयों का वितरण किया गया। इस रथ यात्रा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गुलावठी, मोदीनगर और हापुड़ की विभिन्न संकीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, श्री चंडीधाम में आयोजित महाभोग
प्रसाद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री जगन्नाथ के रथ के दर्शन करने, रथ की रस्सियों को स्पर्श करने और महाप्रसाद ग्रहण करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस विशाल रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके तहत पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में आयोजित श्री जगन्नाथ रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए खुद पुलिस अधीक्षक ने हापुड़ नगर क्षेत्र में निर्धारित रथ यात्रा मार्ग का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक पूरी शोभायात्रा के दौरान पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं पर लगातार अपनी नजर बनाए रखी। शोभायात्रा के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा मार्ग पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ सभी जरूरी इंतजाम किए गए। पुलिस प्रशासन की इस सतर्कता और बेहतर प्रबंधन के चलते श्री जगन्नाथ रथ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंधों की सराहना की।3
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने युवा समाजसेवी व समाजवादी नेता दिग्विजय शिशोदिया के आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, आगामी राजनीतिक रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। दिग्विजय शिशोदिया ने शिवपाल सिंह यादव का स्वागत किया और उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को प्रेरणादायक बताया।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कांस्टेबल सुधीर ने खुद को सरकारी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। सुसाइड से पहले सुधीर ने एक ऑडियो नोट रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने थानेदार और सहकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि पेट में दर्द होने पर उन्होंने छुट्टी मांगी थी, जिस पर मुंशी ने उन्हें भला-बुरा कहा और थानेदार ने गालियां देकर उन्हें लाइन हाजिर करवा दिया।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में सदर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की 116 साल पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी में निकाली जा रही है। लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण इस बार रथयात्रा के आयोजन को लेकर अंतिम समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही। मंदिर में रिसीवर नियुक्त किए गए सदर तहसीलदार और सदर थाना प्रभारी के संयुक्त निर्देशन में पुलिस बल की मौजूदगी में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा चांदी के रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। इस बार पारंपरिक रथयात्रा की तैयारियां बेहद सीमित समय में पूरी की गईं, जबकि पूर्व के वर्षों में इसकी तैयारियां एक सप्ताह पहले से ही शुरू हो जाती थीं। बुधवार को रथगृह से चांदी के रथ को बाहर निकालकर उसकी साफ-सफाई कराई गई। प्रशासन द्वारा मंदिर की व्यवस्था अपने हाथ में लेने के बाद से इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी भी प्रशासन के पास ही है। तनाव और विवाद के बीच इस बार यात्रा की वर्षों पुरानी परंपरा में भी बदलाव देखने को मिलेगा। सालों से रथ पर विराजमान होकर यात्रा में शामिल होने वाले मंदिर के पुजारी पंडित गणेश दत्त शर्मा और पंडित विष्णु दत्त शर्मा इस बार रथ पर सवार नहीं होंगे। प्रशासन ने दोनों पुजारियों की भूमिका को केवल पूजा-अर्चना तक ही सीमित रखने का निर्णय लिया है, जिस पर पुजारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में नाली का कार्य सही तरीके से नहीं कराया जा रहा है। यहाँ चल रहे नाली निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और काम को ठीक ढंग से अंजाम नहीं दिया जा रहा है।4
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा सेवा समिति के तत्वावधान में भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा हापुड़ नगर "जय जगन्नाथ, जय बलदेव और जय सुभद्रा" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस धार्मिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और महिलाएं, पुरुष, बच्चे व युवा नंगे पैर भगवान के दर्शन करने तथा रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े। मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर भक्तों को शरण प्रदान करते हैं। इस भव्य आयोजन से एक दिन पूर्व पुराना बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया था। गुरुवार सुबह श्री निकुंज भवन में ठाकुर जी का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। इसके बाद प्राचीन शिव मंदिर में छप्पन भोग अर्पित कर भगवान श्री जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को भव्य रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। प्राचीन शिव मंदिर से लेकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर तक के करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का जोरदार स्वागत किया। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है, जहां भगवान एक सप्ताह तक विश्राम करेंगे। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भक्तों के लिए खिचड़ी, शीतल पेयजल, आइसक्रीम, फलूदा और मिठाइयों का वितरण किया गया। इस रथ यात्रा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गुलावठी, मोदीनगर और हापुड़ की विभिन्न संकीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, श्री चंडीधाम में आयोजित महाभोग प्रसाद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री जगन्नाथ के रथ के दर्शन करने, रथ की रस्सियों को स्पर्श करने और महाप्रसाद ग्रहण करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस विशाल रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके तहत पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।4
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान जेबकतरों ने श्रद्धालुओं को अपना निशाना बनाया है। इस दौरान चेन स्नेचिंग, मोबाइल और पर्स चोरी की कई वारदातें सामने आई हैं, जिससे यात्रियों के बीच भारी अफरातफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शातिर तरीके से भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद चंडी मार्ग पर पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है ताकि लोग अपने सामान के प्रति सावधान रह सकें।1