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जालौर शहर के प्रमुख मार्गों पर, जिनमें बागोड़ा रोड पेट्रोल पंप के पास, वनवे रोड, रेलवे स्टेशन रोड और पंचायत समिति के सामने वाले क्षेत्र शामिल हैं, फुटपाथ लगभग गायब हो चुके हैं। दुकानदारों ने अपना सामान इन फुटपाथों पर जमा लिया है, जिसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए थोड़ी भी जगह नहीं बची है। नगर परिषद की निरंतर अनदेखी के कारण, पैदल चलने वाले राहगीरों को कई बार भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस फुटपाथ अतिक्रमण के चलते राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है और वे खासे परेशान हैं।
कमलेश शर्मा
जालौर शहर के प्रमुख मार्गों पर, जिनमें बागोड़ा रोड पेट्रोल पंप के पास, वनवे रोड, रेलवे स्टेशन रोड और पंचायत समिति के सामने वाले क्षेत्र शामिल हैं, फुटपाथ लगभग गायब हो चुके हैं। दुकानदारों ने अपना सामान इन फुटपाथों पर जमा लिया है, जिसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए थोड़ी भी जगह नहीं बची है। नगर परिषद की निरंतर अनदेखी के कारण, पैदल चलने वाले राहगीरों को कई बार भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस फुटपाथ अतिक्रमण के चलते राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है और वे खासे परेशान हैं।
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- जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।2
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को जालौर से जोधपुर जाते समय तखतगढ़ में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचने के बावजूद, भीषण गर्मी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और उनके आगमन पर जोरदार अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीनों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की वर्षा की और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाई। इस दौरान नगर अध्यक्ष फुटरमल सुथार और ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गहलोत ने तीन बार की पार्षद पुरीबाई का माला पहनाकर सम्मान भी किया। अपने संबोधन में गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यकाल की अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जिससे लाखों परिवारों को महंगे इलाज का लाभ मिला), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, महंगाई राहत कैंप और महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण जैसी ऐतिहासिक पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य आमजन को राहत प्रदान करना था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया, और कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तखतगढ़ के अलावा, गहलोत का बलाना, दुजाना, सांडेराव और गुंदोज में भी जोरदार स्वागत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, PCC महासचिव भूराराम सीरवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगरवासियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।4
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- जालोर जिले के रानीवाड़ा स्थित प्रसिद्ध सुंधा माता मंदिर पर्वत क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि सुंधा माता पर्वत पर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अवैध रूप से अंग्रेजी शराब और बीयर बेची जा रही थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने सादा वेश में जाकर आरोपी नरपतराम, निवासी कारलू (जो वर्तमान में सुंधा पर्वत पर रह रहा था), को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दस कैन बीयर और दो बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी नरपतराम अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब की बिक्री कर रहा था। पुलिस ने आरोपी नरपतराम के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल लाडूराम की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश और उनसे संबंधित आगे की जांच कर रही है।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा में काछोली नदी के पास तारबंदी के नजदीक बजरी भरने को लेकर ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान ट्रैक्टर चालकों ने ग्रामीणों पर पथराव किया। पथराव की इस घटना में शंकरलाल कलबी नामक एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।3
- पाली जिले की खुडाला फालना नगरपालिका क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड अपनी अव्यवस्था के कारण गंभीर समस्याएँ पैदा कर रहा है। कांगड़ी रोड, खुडाला पर स्थित इस डंपिंग यार्ड में न तो कोई चारदीवारी है और न ही कोई गेट लगा है, जिसके परिणामस्वरूप आवारा पशु खुलेआम इसमें प्रवेश कर रहे हैं। यार्ड में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिसे ये आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और पशु कल्याण दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, नगरपालिका खुडाला फालना के अधिशाषी अधिकारी से एक आवेदन के माध्यम से अपील की गई है। इस आवेदन में मांग की गई है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर बाउंड्री या तारबंदी करवाई जाए और एक गेट लगाया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।1
- पाली जिले के रानी नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में सोमवार को कुछ लोगों के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कई व्यक्ति सड़क किनारे आपस में धक्का-मुक्की और हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना को लेकर पुलिस में कोई मामला दर्ज हुआ है या नहीं। मामले की वास्तविक जानकारी पुलिस जांच और प्रशासनिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी।1