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प्रशासन का अलग रवैया 36 घंटे रखने के बाद भी कस्टडी में उसको नहीं छोड़ा जा रहा है नहीं भेजा जा रहा है जेल परिजन हो रहे हैं परेशान
User10408
प्रशासन का अलग रवैया 36 घंटे रखने के बाद भी कस्टडी में उसको नहीं छोड़ा जा रहा है नहीं भेजा जा रहा है जेल परिजन हो रहे हैं परेशान
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- Post by Umakant poddar 97095005121
- Post by N.k.choudhary1
- बिहार के आरा शहर की बेटी अपूर्वा वर्मा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत का शानदार प्रदर्शन करते हुए “मिसेज इंडिया” का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। देशभर से आई 22 प्रतिभागियों को कड़ी टक्कर देते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जिससे न केवल आरा बल्कि पूरे बिहार में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई है। अपूर्वा वर्मा इससे पहले “Mrs. Bihar 2025” का खिताब भी जीत चुकी हैं और अपनी प्रतिभा के दम पर कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो चुकी हैं। उनकी यह नई उपलब्धि उनके लगातार प्रयास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वर्तमान में वह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं, जिससे यह भी साबित होता है कि उन्होंने शिक्षा और प्रतिभा दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाते हुए उत्कृष्टता हासिल की है। अपनी इस ऐतिहासिक जीत पर अपूर्वा वर्मा ने भावुक होते हुए कहा, “मुझे यह क्राउन बिहार लाना था और मेरी मेहनत सफल हुई।” उनके इस कथन में न केवल आत्मविश्वास झलकता है, बल्कि अपने राज्य के प्रति गहरा लगाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हुए विशेष रूप से अपने माता-पिता और पति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि मुझ पर उनके विश्वास की जीत है।” अपूर्वा के अनुसार, परिवार का सहयोग और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा, जिसने उन्हें हर कठिनाई से लड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अपूर्वा वर्मा आरा शहर के पुरानी पुलिस लाइन की निवासी हैं। उनके पिता विजय लाल एक प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता सरोज श्रीवास्तव एक गृहिणी हैं। उनके पति अरुणजय वर्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के स्थानीय प्रधान कार्यालय, पटना (गांधी मैदान) में एक प्रतिष्ठित मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। पूरे परिवार ने अपूर्वा की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया है। अपूर्वा की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है। खासकर बिहार की बेटियों के लिए यह एक सशक्त संदेश है कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं। आरा की इस बेटी की उपलब्धि ने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बन गई है।1
- बिहार बांका- जिले के अमरपुर क्षेत्र में खेमीचा क्रिकेट क्लब के तत्वावधान में आयोजित KPL प्रीमियर लीग सीजन 3/2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथियों ने फीता काटकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। उद्घाटन मुकाबले में गोलाई 11 ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 195 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। टीम के स्टार बल्लेबाज रौनक कुमार ने मात्र 20 गेंदों में ताबड़तोड़ 75 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी तूफान टीम विश्वंभर चक ने शानदार कोशिश की, लेकिन 158 रन ही बना सकी। राहुल कुमार ने 68 रन की बेहतरीन पारी खेली। शानदार प्रदर्शन के लिए रौनक कुमार को मैन ऑफ द मैच चुना गया। टूर्नामेंट के आगाज से पूरे इलाके में खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।1
- अमरपुर में युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, हालत नाजुक – मायागंज भागलपुर रेफर 📰 खबर: बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सहुआ गांव निवासी नरेश दास के पुत्र गौतम हरिजन ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने आनन-फानन में उसे अमरपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज, भागलपुर रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि युवक की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और फिलहाल उसका इलाज जारी है। वहीं, गौतम की बहन ने बताया कि जहर खाने के कारणों की जानकारी उन्हें नहीं है और ना ही किसी घरेलू विवाद की कोई बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सूचना दी गई, जिसके बाद वह मायागंज अस्पताल पहुंचकर अपने भाई का इलाज करवा रही हैं।1
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