डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को यूपीडा एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसा तेरुखा गांव के पास किलोमीटर संख्या 496 पर हुआ। सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र के बैसवार निवासी धीरज सिंह अपने परिवार के साथ मथुरा वृंदावन से दर्शन कर घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो में उनकी पत्नी रानू सिंह, बेटा अभिजीत सिंह, कंचन सिंह और भतीजी अनुष्का सिंह सवार थीं। रास्ते में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। पिछली सीट पर बैठी अनुष्का सिंह उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में कंचन सिंह को छोड़कर अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही यूपीडा की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को यूपीडा एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसा तेरुखा गांव के पास किलोमीटर संख्या 496 पर हुआ। सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र के बैसवार निवासी धीरज सिंह अपने परिवार के साथ मथुरा वृंदावन से दर्शन कर घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो में उनकी पत्नी रानू सिंह, बेटा अभिजीत सिंह, कंचन सिंह और भतीजी अनुष्का सिंह सवार थीं। रास्ते में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। पिछली सीट पर बैठी अनुष्का सिंह उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में कंचन सिंह को छोड़कर अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही यूपीडा की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
- पण्डित जालिपा प्रसाद सरस्वती विद्यालय कस्बा जगतपुर में साइबर क्राइम व मिशन शक्ति से संबंधित हेल्पलाइन नंबर जारी किया पंडित जालीपा प्रसाद सरस्वती विद्यालय कस्बा जगतपुर में साइबर क्राइम व मिशन शक्ति से संबंधित हेल्पलाइन नंबर जारी किया और थाना जगतपुर के थाना प्रभारी वागीश मिश्रा जी ने छात्रों को संबोधित किया4
- सपा विधायक राहुल लोधी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर साधा निशाना 179 हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी में सरकार पर जमकर बोला हमला। कहा इस सरकार में बढ़ती महंगाई बढ़ती बेरोजगारी पेपर लीक जैसे कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र स्थित ओई गांव में मिली रहस्यमयी सुरंग और प्राचीन अवशेषों की घटना को एक सप्ताह बीत चुका है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र स्थित ओई गांव में मिली रहस्यमयी सुरंग और प्राचीन अवशेषों की घटना को एक सप्ताह बीत चुका है। पिछले हफ्ते ओई गांव में बारिश के बाद अचानक जमीन धंस गई। जमीन धंसने से वहां एक रहस्यमयी सुरंग और पक्की दीवार जैसी संरचना दिखाई दी है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वी/ओ-- मामला रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र का है। यहां स्थित ओई गांव में एक निजी खेत के अंदर अचानक एक मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया। जब लोगों ने पास जाकर देखा, तो वहां पक्की दीवार से बनी एक प्राचीन सुरंग जैसी आकृति नजर आई। इस अनोखी संरचना को देखने के लिए देखते ही देखते पूरे गांव की भीड़ जमा हो गई वी/ओ-- मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। एसडीएम महराजगंज और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI लखनऊ मंडल की टीम मौके पर पहुंची। सहायक पुरातत्वविद डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम सीढ़ी के सहारे इस रहस्यमयी सुरंग के अंदर उतरी। सुरंग के अंदर जांच के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को कई ऐतिहासिक चीजें मिली हैं। यहां से प्राचीन काल की पुरानी ईंटें, मिट्टी की सुराही और एक हैंडल वाली धूपदानी बरामद की गई है। एक्सपर्ट्स के शुरुआती आकलन के मुताबिक, ये सभी अवशेष कुषाण कालीन बताए जा रहे हैं। वी/ओ-- इतना ही नहीं, इस मामले में आज एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ मंडल की टीम ने आज गांव के ही निवासी अशोक प्रताप मौर्य के घर पहुंचकर उनके पास मौजूद प्राचीन अवशेषों का बारीकी से निरीक्षण किया। गौरतलब है कि अशोक प्रताप मौर्य 1985 से इन ऐतिहासिक अवशेषों को सहेज कर रख रहे हैं। उनके दावे के अनुसार, यह ओई भीट पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज एक ऐतिहासिक स्थल है। फिलहाल, सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और ग्रामीणों को गड्ढे के पास जाने से साफ मना किया गया है। एएसआई की विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्राचीन और ऐतिहासिक सुरंग का पूरा सच सामने आ सकेगा।2
- वर्षों से जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ग्राम प्रधान के खिलाफ लगाए मुर्दाबाद के नारे रायबरेली। महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के संतोषपुर मजरे जनई गांव में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की मुख्य सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से बरसात में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों को रोजाना गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की सड़क का निर्माण कराने और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी।1
- डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को डलमऊ रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को यूपीडा एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसा तेरुखा गांव के पास किलोमीटर संख्या 496 पर हुआ। सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र के बैसवार निवासी धीरज सिंह अपने परिवार के साथ मथुरा वृंदावन से दर्शन कर घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो में उनकी पत्नी रानू सिंह, बेटा अभिजीत सिंह, कंचन सिंह और भतीजी अनुष्का सिंह सवार थीं। रास्ते में स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। पिछली सीट पर बैठी अनुष्का सिंह उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में कंचन सिंह को छोड़कर अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही यूपीडा की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सीएचसी ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।1