भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) से यह आग्रह किया गया है कि वे उन पुरानी कॉलोनियों में तत्काल नियमन शिविर आयोजित करें, जहाँ लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक भूमि के पट्टे नहीं मिल पाए हैं या उनके लेआउट सर्वे पूरे नहीं हुए हैं। यह मांग उठाई गई है कि बीडीए को नियमन प्रक्रिया शुरू करके इन निवासियों को पट्टे देने की कार्रवाई करनी चाहिए। इस कदम से न केवल इन निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि बीडीए को भी राजस्व की प्राप्ति होगी। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पहले ही इस तरह की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, यह देखा गया है कि नियमन शिविरों में काम तेज़ी से होता है, फिर भी कर्मचारी और अधिकारियों की इनमें रुचि कम होती है। इसी के मद्देनजर, माननीय नगरीय विकास मंत्री जी से अपील की गई है कि वे भरतपुर बीडीए के आयुक्त को इस संबंध में तुरंत निर्देश जारी करें, क्योंकि 'नियमन ही समाधान है'।
भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) से यह आग्रह किया गया है कि वे उन पुरानी कॉलोनियों में तत्काल नियमन शिविर आयोजित करें, जहाँ लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक भूमि के पट्टे नहीं मिल पाए हैं या उनके लेआउट सर्वे पूरे नहीं हुए हैं। यह मांग उठाई गई है कि बीडीए को नियमन प्रक्रिया शुरू करके इन निवासियों को पट्टे देने की कार्रवाई करनी चाहिए। इस कदम से न केवल इन निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि बीडीए को भी राजस्व की प्राप्ति होगी। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पहले ही इस तरह की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, यह देखा गया है कि नियमन शिविरों में काम तेज़ी से होता है, फिर भी कर्मचारी और अधिकारियों की इनमें रुचि कम होती है। इसी के मद्देनजर, माननीय नगरीय विकास मंत्री जी से अपील की गई है कि वे भरतपुर बीडीए के आयुक्त को इस संबंध में तुरंत निर्देश जारी करें, क्योंकि 'नियमन ही समाधान है'।
- भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र में धौलपुर मार्ग स्थित घाटौली गाँव में एक टाइगर की हलचल देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद से गाँव में भय का वातावरण बना हुआ है।1
- गोवर्धन तहसील के सौंख कस्बे में रविवार को अवकाश के दिन प्रशासन और भूमाफियाओं की कथित मिलीभगत से किसान रवि पुत्र लक्ष्मण सिंह के खेतों पर जबरन सड़क निर्माण का प्रयास किया गया। पटवारी राजस्व टीम के साथ भूमाफिया जेसीबी लेकर पहुंचे और सड़क डलवाने लगे। इस दौरान पीड़ित किसान परिवार की महिलाएं मौके पर पहुंचीं और उनसे सड़क न डालने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने सामूहिक रूप से आत्महत्या करने की धमकी दी, जिसके बाद ही जेसीबी को वापस लौटना पड़ा। पीड़ित परिवार की महिलाओं ने बताया कि शनिवार की रात नायब तहसीलदार जयंती मिश्रा, कानूनगो सतीशचन्द्र यादव और कई पटवारी, थाना मगोर्रा प्रभारी सौंख कस्बा इंचार्ज पावेंद्र पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। रात करीब 11 बजे तक उन्होंने पीड़ितों की दीवार तोड़ दी, देवताओं के थान ध्वस्त कर दिए और 20 से ज्यादा बबूल, पापड़ी, नीम, पीपल जैसे छायादार हरे पेड़ भी उखाड़ दिए। इस घटना से पेड़ों को बेटों की तरह पालने वाली महिला सुखवीरी देवी बेहोश हो गईं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया और बड़ी मुश्किल से उनकी जान बची। परिवार ने कानूनगो पर बुजुर्गों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप भी लगाया है और कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि दबंग भूमाफिया से पैसे लेकर प्रशासन आज रविवार को दोबारा जबरन सड़क निर्माण के लिए पहुंचा था। उन्होंने उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनकी जमीन पर यह अवैध कार्रवाई रोकी जा सके।3
- मथुरा के राधा कुंड से छटीकरा के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जहाँ एक इलेक्ट्रॉनिक बस ने एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ऑटो में सवार कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इस टक्कर के कारण राधा कुंड मार्ग पर भारी जाम लग गया, जिससे यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। दुर्घटना के लगभग आधे घंटे बाद भी, कोई भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ गई तथा मौके पर अफरा-तफरी मची रही। इस बीच, ऑटो में सवार श्रद्धालु बस चालक पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। प्रशासन की इस निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि सड़क पर जाम की स्थिति बनने या किसी घटना के घटित होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाना और सुचारू रूप से यातायात बहाल करना पुलिस प्रशासन का ही काम है।1
- अयोध्या धाम में हनुमानगढ़ी और श्रीरामलला के दर्शन के लिए करोड़ों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, लेकिन इस दौरान वहाँ मौजूद 'VIP कल्चर' को लेकर आम भक्तों के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। यह मुद्दा लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या भगवान के दरबार में भी ऐसी विशेष व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। एक तरफ़ जहाँ आम श्रद्धालु घंटों तक लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन का इंतजार करते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को कथित तौर पर विशेष सुविधाएँ मिलने की बातें सामने आती रहती हैं। इसी असमानता को लेकर श्रद्धालु पूछ रहे हैं कि जब भगवान के सामने सभी भक्त समान हैं, तो फिर VIP और आम भक्तों में यह अंतर क्यों? यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या अयोध्या में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से समान और पारदर्शी नहीं होनी चाहिए, और क्या भगवान के दरबार से VIP कल्चर समाप्त होना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों पर अवैध उगाही का एक मामला मथुरा में सामने आया है। एक वायरल वीडियो के आधार पर, एक परिचालक ने एआरएम मदन शर्मा पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिचालक द्वारा लगाए गए इन संगीन आरोपों के बाद, परिवहन निगम के सभी चालक और परिचालकों में भारी रोष व्याप्त है।4
- यह पोस्ट जोर देती है कि ताकत की बुलंदी पल भर का तमाशा है, चेतावनी देते हुए कि जिस डाल पर कोई बैठा है वह टूट भी सकती है। इसमें कहा गया है कि असली ताकत जनता का विश्वास है, और जो लोग घमंड में आकर इसे भूल जाते हैं, समय उन्हें याद दिला देता है। बंगाल में TMC के खिलाफ जनता का गुस्सा ऐसे ही घमंड का नतीजा बताया गया है। पोस्ट में आगे कहा गया है कि बंगाल में टीएमसी की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है, और यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब सरकार भाजपा की है।1