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प्रतापगढ़ जिले के ग्राम देवऊ पश्चिम, सांगीपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में बारिश न होने के बावजूद सड़क पर आवागमन कठिन है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि बारिश शुरू होने पर यह स्थिति और भी बिगड़ जाएगी, जिससे कई लोगों के गिरने और हाथ-पैर टूटने का खतरा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। हर हर महादेव।
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प्रतापगढ़ जिले के ग्राम देवऊ पश्चिम, सांगीपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में बारिश न होने के बावजूद सड़क पर आवागमन कठिन है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि बारिश शुरू होने पर यह स्थिति और भी बिगड़ जाएगी, जिससे कई लोगों के गिरने और हाथ-पैर टूटने का खतरा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। हर हर महादेव।
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- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ स्थित ग्राम देव पश्चिम सांगीपुर में 'विकास' की स्थिति पर एक पोस्ट सामने आई है। पोस्ट में लोगों से इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे स्वयं देख सकें कि क्षेत्र में किस प्रकार का विकास हुआ है।1
- प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना पुलिस और स्वाट टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में हत्या के अभियोग में वांछित दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में एक अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। इस कार्रवाई में, मौके से दूसरे अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए दोनों अभियुक्तों में से प्रत्येक पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस इन अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री बृजनन्दन राय ने जानकारी दी।1
- अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजेश सिंह के अनुसार, जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू किए जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। राजेश सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन एवं पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो।1
- अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में एक प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद सामने आया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, साथ ही मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजेश सिंह ने बताया कि जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। सिंह ने दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी, जिसमें यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। उन्होंने इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू करने पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजर रही है, जहाँ बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं। इस स्थिति में उन्होंने विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन और संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन और पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने की मांग की, यह कहते हुए कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, खासकर जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो। वहीं, इस मामले में एसडीओ कमलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित मार्ग चकमार्ग और चारागाह भूमि पर स्थित है, जिसका राजस्व विभाग द्वारा मौके पर चिन्हांकन किया जा चुका है। उन्होंने बिजली विभाग पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को निराधार बताया। एसडीओ के अनुसार, संबंधित विद्युत कनेक्शन वर्ष 2024 में स्वीकृत हुआ था। मामले में शिकायतें प्राप्त होने के बाद, जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। इस टीम ने नायब तहसीलदार की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और राजस्व अभिलेखों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की।1
- हर हर महादेव हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम2
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में बहन की लव मैरिज को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक खूनी अंजाम तक पहुँच गया है। प्रतापगढ़ पुलिस ने बहनोई की हत्या के मामले में फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी पिंटू वर्मा के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। यह मुठभेड़ जेठवारा थाना क्षेत्र में गजराही पुलिया, एसएनएस स्कूल के पास हुई। पुलिस के अनुसार, स्वाट टीम और जेठवारा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अपाचे बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में पुलिस की गोली मुख्य आरोपी पिंटू वर्मा के पैर में लगी और वह बाइक समेत गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस जाँच के मुताबिक, इस हत्याकांड की वजह एक साल पुरानी लव मैरिज थी। जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा गाँव निवासी राजू सिंह का पिंटू वर्मा की बहन से प्रेम संबंध था। लगभग एक साल पहले दोनों घर छोड़कर चले गए थे और मंदिर में शादी कर ली थी। इस घटना से नाराज़ होकर पिंटू वर्मा ने तभी राजू सिंह से बदला लेने की ठान ली थी। करीब एक साल बाद, जब राजू सिंह अपने गाँव लौटा, तो पिंटू वर्मा को इसकी जानकारी मिल गई। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर राजू की हत्या की साजिश रची। अगले दिन, जब राजू सिंह बाइक से बाजार जा रहा था, तभी घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर जाँच शुरू की। उसी दिन पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी पिंटू वर्मा और उसका साथी फरार चल रहे थे, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब पुलिस मुठभेड़ में दोनों इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस चर्चित हत्याकांड में बड़ी सफलता मिलने का दावा कर रही है। घायल आरोपी पिंटू वर्मा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।4
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