अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजेश सिंह के अनुसार, जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू किए जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। राजेश सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन एवं पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो।
अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू (PTW) विद्युत लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राजेश सिंह के अनुसार, जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी हो रही है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विद्युत विभाग उनकी भूमि पर लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस समझौते के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू किए जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। प्रेस वार्ता में यह बताया गया कि प्रस्तावित लाइन के लिए एक वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। राजेश सिंह ने चक मार्ग पर पोल लगाए जाने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर स्थित गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ मौजूद हैं, जिससे विद्युत सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय आने तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन एवं पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो।
- अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम केशवपुर मजरे पूरे मुहीबशाह में विद्युत विभाग द्वारा बिछाई गई 11 हजार वोल्टेज की एक लाइन को ग्रामीणों ने अवैध और गलत तरीका बताया है। उनका आरोप है कि इस लाइन से 12 से 15 घरों पर जान-माल का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस मामले पर आक्रोशित ग्रामीणों ने 30 जून को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल जांच कराने और लाइन को किसी दूसरे सुरक्षित विकल्प से लगवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि बड़गांव पावर हाउस से एक प्राइवेट नलकूप के लिए यह 11 हजार वोल्ट की लाइन गांव के बिल्कुल बीच से, दरवाजों के सामने से होकर निकाली जा रही है। यह रास्ता फलदार वृक्षों, आम, जामुन और बांस की कोठ से भरा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि विभाग ने गांव के एक तालाब में ही दो बिजली के पोल गाड़ दिए हैं। इसके अतिरिक्त, यही तालाब पूरे गांव के पानी निकासी का एकमात्र साधन है और बरसाती पानी की निकासी के लिए बनी वैकल्पिक नाली के बीचों-बीच भी दो पोल और स्टे लगा दिए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इससे भविष्य में जल निकासी असंभव हो जाएगी और गंभीर जलभराव का खतरा पैदा होगा। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि बार-बार मना करने के बावजूद विद्युत विभाग और नलकूप मालिक ने जबरन ये पोल गड़वा दिए। उन्हें आशंका है कि जलभराव की स्थिति में 11 हजार वोल्ट बिजली पेड़ या पोल के जरिए पानी में उतर सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामवासियों का कहना है कि लाइन बिछाने का एक दूसरा सुरक्षित विकल्प भी मौजूद है, लेकिन विभाग जानबूझकर आबादी वाले क्षेत्र से लाइन निकाल रहा है। बरसात में तालाब भरने से कई घरों में पानी घुस जाता है, ऐसे में 11 हजार वोल्ट की यह लाइन जान-माल के लिए लगातार खतरा बनी रहेगी। अजय कुमार, सहदेव सिंह, अभिषेक तिवारी, राजेश सिंह, राम कुमार और जीतलाल सहित समस्त ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से इस मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द 11 हजार वोल्ट की लाइन को दूसरे सुरक्षित स्थान से लगवाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि विभाग की यह घोर लापरवाही कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।2
- प्रतापगढ़ के सदर स्थित आम आदमी पार्टी (आप) के जिला कार्यालय पर आप जिला अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय के नेतृत्व में जिले के प्रमुख पदाधिकारियों की मासिक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में जिला अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय के साथ जिला कोषाध्यक्ष हाजी कमर अली, जिला उपाध्यक्ष विद्या शंकर विश्वकर्मा और देवी दीन गौतम मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, जिला कार्यकारिणी से धुन्नू सिंह, राजाराम यादव, आशा देवी, लीलावती, दिलावर, गोविंद हरि और बलदेव सिंह ने भी सहभागिता की। पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका अध्यक्ष पूनम उपाध्याय, सोशल मीडिया टीम से वैभव और हिमांशु, पंचायत प्रकोष्ठ से भानुमती बीएलए रामनयन, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ से मनोज सिंह, महिला प्रकोष्ठ की जिला महासचिव उषा पाल और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मो०सलमान सहित कई अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित थे।1
- रायबरेली जनपद के खीरो थाना क्षेत्र स्थित सराय महमूद गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। ये दोनों भाई-बहन थे, जिनकी पहचान 5 वर्षीय अंजलि और 7 वर्षीय अभिषेक के रूप में हुई है। घटना के वक्त दोनों बच्चे घर के बाहर छाते के नीचे खड़े थे, जब अचानक बिजली उन पर आ गिरी।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज में स्थित पौराणिक नगरी बाबा घुइसरनाथ धाम में पुरानी चुंगी के पास से लेकर मंदिर मार्ग तक बनी नाली कचरे से पूरी तरह अटी पड़ी है, जिससे पानी निकासी में गंभीर समस्या आ रही है। इस अवरुद्ध नाली से लगातार तेज़ बदबू आ रही है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों के लिए बीमारी का बड़ा खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, सफाई कर्मचारी इसकी सफाई करने के लिए तैयार नहीं हैं और उच्च अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से इस मामले को संज्ञान में लेकर नाली की तत्काल और पूर्ण सफाई कराने की मांग की है।1
- अमेठी के तिलोई क्षेत्र में नहर किनारे एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मोहनगंज पुलिस को सूचना मिलते ही, वे तत्काल मौके पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी। मृतका की पहचान 45 वर्षीया गुड्डा के रूप में हुई है, जो पाकरगाँव निवासी लल्लूराम की पत्नी थीं। पूछताछ में पता चला कि मृतका मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। पुलिस ने आवश्यक पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के मद्देनजर, रायबरेली जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लालगंज स्थित एक्सेस कंप्यूटर कोचिंग संस्थान की फायर विभाग ने जाँच की। इस जाँच में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियाँ सामने आईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यहाँ बच्चों की जान पर शिक्षा का कारोबार चल रहा था। संस्थान बिना अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के ही संचालित हो रहा था, और आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए न तो कोई दूसरा रास्ता उपलब्ध था और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस कोचिंग में एक साथ करीब 50 छात्र-छात्राएँ पढ़ाई कर रहे थे, जबकि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने इस स्थिति को विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ घोर लापरवाही मानते हुए संस्थान संचालक को तत्काल सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फायर विभाग की इस कार्रवाई के बाद नगर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे अन्य शिक्षण संस्थानों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते अभिभावकों ने प्रशासन से ऐसे सभी संस्थानों की व्यापक जाँच कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।2
- सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र में उत्तरदहा स्थित तिरंगा भट्टे के पास बुधवार देर रात लगभग 12 बजे एक बड़ी वारदात होने से टल गई। चाणक्य न्यूज़ प्रदेश हेड रामबाबू यादव ने एक मोटरसाइकिल पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे तीन युवकों को देखा और संदेह होने पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि रामबाबू यादव ने दो अन्य युवकों को उनकी मोटरसाइकिल सहित रोक लिया। रामबाबू यादव ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद कुड़वार थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिपाही अमरजीत यादव, अजय यादव और राजनारायण को मौके पर भेजा। 112 पुलिस टीम भी बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची और दोनों संदिग्ध युवकों को उनकी मोटरसाइकिल सहित हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस इन दोनों युवकों से गहन पूछताछ कर रही है और फरार तीसरे युवक की तलाश जारी है। प्रारंभिक आशंका है कि तीनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में कुड़वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की चर्चा हो रही है, जिससे एक संभावित बड़ी घटना टल गई।1
- सोशल मीडिया पर एक हृदय विदारक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बेटा अपनी माँ को बेरहमी से डंडों से पीट रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि माँ अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश कर रही है, जबकि बेटा उस पर लगातार वार कर रहा है। यह वही माँ है जिसने नौ महीने तक उसे अपने गर्भ में रखा, जन्म के बाद उसे पाला-पोसा, और अपने पैरों पर खड़ा किया; आज वही माँ उसके लिए मुसीबत बन गई है। इस घटना को फिल्माने वाले व्यक्ति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसके दिल में जरा भी रहम नहीं दिखा और जिसने वीडियो बनाने की बजाय इस क्रूरता को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इस घोर कलयुगी दृश्य को देखकर लोग स्तब्ध हैं, जहाँ बेटे की मार से कराहती हुई माँ जान बचाकर भागने को मजबूर है।1