जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ 134 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ 134 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई की श्रृंखला में 25 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम की अध्यक्षता में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल, श्री विजय यादव तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी ने आवेदकों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 134 आवेदक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे। जनसुनवाई में कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गाँव में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी महिला श्रमिक सुनीता कावरे छह माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर आयी थी। उसका कहना था कि नियमित कार्य करने के बावजूद प्रतिमाह 2 से 7 दिनों की अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन में कटौती की गई। सुनीता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर श्रमिक के रूप में कार्य दिया गया था और वह लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वर्ष 2025-26 में की गई वेतन कटौती की राशि सहित छह माह का लंबित वेतन शीघ्र दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में उपसंचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। लामता तहसील अंतर्गत ग्राम खुरसोडा निवासी 59 वर्षीय सूप सिंह मरावी भविष्य निधि की जमा राशि दिलाने की मांग लेकर आये थे। उन्होंने बताया कि लामता परियोजना मंडल में वर्ष 1989 से 2015 तक चौकीदार के पद पर कार्य किया और उनके पीएफ खाते में राशि जमा है। राशि के भुगतान के लिए वर्ष 2024 में आवेदन देने के बाद संबंधित विभागों द्वारा पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। सूप सिंह ने पीएफ खाते की समस्त जमा राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। इस प्रकरण में जिला कोषालय अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गए है। लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर आये थे कि गांव में बिजली के तार नीचे झुकने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद सहायक अभियंता लांजी द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि लाइन सुधारने के लिए पैसे जमा करने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल झुके तारों को ठीक कराने की मांग की है। इस प्रकरण में एमपीईबी के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। लालबर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम बडगांव के निवासी पवन आचरे सस्पेंड आधार कार्ड को पुन: एक्टिव कराने की मांग लेकर आये थे। पवन का कहना था कि उसका आधार कार्ड सस्पेंड हो चुका है और आधार कार्ड न होने की वजह से उसे बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। उसने बताया कि वह 04 वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है किंतु उसका आधार कार्ड एक्टिव नही हो रहा है। अत: शीघ्र आधार एक्टिव किया जाए। इस प्रकरण में डीईजीएम को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सिहोरा निवासी किसान धनलाल माहुले एवं विरेंद्र माहुले मुख्यमंत्री किसान कल्याण निधि एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर आये थे। उन्होने बताया कि 24 अगस्त 2025 से उन्हें दोनों योजनाओं की राशि प्राप्त नहीं हुई है, जबकि आवश्यक दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। उन्होंने शीघ्र योजना की लंबित राशि दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में अधीक्षक भू-अभिलेख को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिहोरा के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की आवास प्लस सूची से नाम गायब होने की शिकायत लेकर आये थे। उनका कहा था कि सर्वे एवं सत्यापन पूरा होने के बावजूद सर्वे सूची में नाम जोड़े गए सभी नाम प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। हितग्राहियों का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कुछ पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में नहीं जोड़े गए, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हैं। अत: सभी पात्र लोगों के नाम आवास सूची में शामिल कर योजना का लाभ दिलाया जाए। इस प्रकरण में जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी आवास को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। वार्ड नं. 14 बालाघाट की निवासी गिरजा बाई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ दोबारा दिलाए जाने की मांग लेकर आयी थी। गिरजा बाई का कहना था कि उसके आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि दर्ज होने के कारण पूर्व में मिलने वाला योजना का लाभ वर्तमान में बंद हो गया है। उसने बताया कि आधार कार्ड में अब वास्तविक जन्मतिथि 23 मई 1978 संशोधित करवा ली गई है। अत: संशोधित जन्मतिथि के आधार पर योजना का लाभ पुनः प्रदान किया जाए। इस प्रकरण में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। जनसुनवाई में किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम करियादण्ड की निवासी भूमेश्वरी शरणागत रोजगार दिलाने की मांग लेकर आयी थी। भूमेश्वरी ने बताया कि वह और उसके पति विकलांग श्रेणी में आते है और उनकी एक बच्ची भी है। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है और परिवार के पालन पोषण में बहुत कठिनाई हो रही है। अत: किसी भी तरह से रोजगार प्राप्त हो जाने से उसकी बहुत सी समस्याओ का समाधान हो जाएगा। इस प्रकरण में जिला रोजगार अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। बालाघाट तहसील अंतर्गत ग्राम हट्टा निवासी घुरपता साठे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत लेकर आयी थी। उसने बताया कि वर्ष 2005 से वह अपने परिवार के साथ पिता एवं भाई के घर में रह रही हैं, बावजूद इसके उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। घुरपता ने बताया कि पहले योजना में नाम आने के बाद भी लाभ नहीं दिया गया और दोबारा सत्यापन होने के बावजूद वर्तमान सूची में नाम नहीं है। आवेदिका ने घर का पुनः सत्यापन कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी आवास को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत भाण्डामुर्री के निवासी मनोज कटरे पुलिया निर्माण कार्य में लगायी गई मिक्चर मशीन का भुगतान नही किये जाने की शिकायत लेकर आये थे। मनोज ने बताया कि उसने वर्ष 2023-24 में भाण्डामुर्री में पुलिया निर्माण के दौरान अपनी सीमेंट कांक्रीट की मिक्चर मशीन लगाया था, जिसका भुगतान उसे आज दिनांक तक नही मिला है। अत: शीघ्र भुगतान दिलाया जाए। इस प्रकरण में जनपद सीईओ लालबर्रा को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। बैहर तहसील अंतर्गत ग्राम छिंदीटोला निवासी दिलीप तिलगाम और तृप्ति वरकड़े हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड में कॉन्ट्रैक्ट नौकरी के बावजूद मासिक वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर आये थे। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर 2023 से नौकरी करने के बावजूद उन्हें नियमित मासिक भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को भुगतान मिल रहा है। उन्होंने चार वर्षों की एरियर्स राशि, पूर्ण हाजिरी और लंबित वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम बैहर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम मोहगांव खुर्द के निवासी रंगलाल पारधी बिना सहमति की स्टाप डेम निर्माण किये जाने की शिकायत लेकर आये थे। किसान रंगलाल का कहना था कि उसकी सहमति के बिना करीब 14.99 लाख रुपये की लागत से स्टॉप डेम निर्माण किया गया है, स्टाप डेम निर्माण से पानी का संग्रह नहीं हो रहा, बल्कि तेज बहाव के कारण खेत की मेड़ को नुकसान पहुंच रहा है। रंगलाल ने स्टॉप डेम निर्माण की जांच कर मामले में उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में जनपद सीईओ किरनापुर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।
जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ 134 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए जनसुनवाई में सुनी गईं आवेदकों की समस्याएँ 134 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई की श्रृंखला में 25 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम की अध्यक्षता में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल, श्री विजय यादव तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी ने आवेदकों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 134 आवेदक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे। जनसुनवाई में कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गाँव में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी महिला श्रमिक सुनीता कावरे छह माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर आयी थी। उसका कहना था कि नियमित कार्य करने के बावजूद प्रतिमाह 2 से 7 दिनों की अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन में कटौती की गई। सुनीता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर श्रमिक के रूप में कार्य दिया गया था और वह लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वर्ष 2025-26 में की गई वेतन कटौती की राशि सहित छह माह का लंबित वेतन शीघ्र दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में उपसंचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। लामता तहसील अंतर्गत ग्राम खुरसोडा निवासी 59 वर्षीय सूप सिंह मरावी भविष्य निधि की जमा राशि दिलाने की मांग लेकर आये थे। उन्होंने बताया कि लामता परियोजना मंडल में वर्ष 1989 से 2015 तक चौकीदार के पद पर कार्य किया और उनके पीएफ खाते में राशि जमा है। राशि के भुगतान के लिए वर्ष 2024 में आवेदन देने के बाद संबंधित विभागों द्वारा पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। सूप सिंह ने पीएफ खाते की समस्त जमा राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। इस प्रकरण में जिला कोषालय
अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गए है। लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर आये थे कि गांव में बिजली के तार नीचे झुकने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद सहायक अभियंता लांजी द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि लाइन सुधारने के लिए पैसे जमा करने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल झुके तारों को ठीक कराने की मांग की है। इस प्रकरण में एमपीईबी के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। लालबर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम बडगांव के निवासी पवन आचरे सस्पेंड आधार कार्ड को पुन: एक्टिव कराने की मांग लेकर आये थे। पवन का कहना था कि उसका आधार कार्ड सस्पेंड हो चुका है और आधार कार्ड न होने की वजह से उसे बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। उसने बताया कि वह 04 वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है किंतु उसका आधार कार्ड एक्टिव नही हो रहा है। अत: शीघ्र आधार एक्टिव किया जाए। इस प्रकरण में डीईजीएम को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सिहोरा निवासी किसान धनलाल माहुले एवं विरेंद्र माहुले मुख्यमंत्री किसान कल्याण निधि एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर आये थे। उन्होने बताया कि 24 अगस्त 2025 से उन्हें दोनों योजनाओं की राशि प्राप्त नहीं हुई है, जबकि आवश्यक दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। उन्होंने शीघ्र योजना की लंबित राशि दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में अधीक्षक भू-अभिलेख को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिहोरा के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की आवास प्लस सूची से नाम गायब होने की शिकायत लेकर आये थे। उनका कहा था कि सर्वे एवं सत्यापन पूरा होने के
बावजूद सर्वे सूची में नाम जोड़े गए सभी नाम प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। हितग्राहियों का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कुछ पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में नहीं जोड़े गए, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हैं। अत: सभी पात्र लोगों के नाम आवास सूची में शामिल कर योजना का लाभ दिलाया जाए। इस प्रकरण में जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी आवास को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। वार्ड नं. 14 बालाघाट की निवासी गिरजा बाई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ दोबारा दिलाए जाने की मांग लेकर आयी थी। गिरजा बाई का कहना था कि उसके आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि दर्ज होने के कारण पूर्व में मिलने वाला योजना का लाभ वर्तमान में बंद हो गया है। उसने बताया कि आधार कार्ड में अब वास्तविक जन्मतिथि 23 मई 1978 संशोधित करवा ली गई है। अत: संशोधित जन्मतिथि के आधार पर योजना का लाभ पुनः प्रदान किया जाए। इस प्रकरण में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। जनसुनवाई में किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम करियादण्ड की निवासी भूमेश्वरी शरणागत रोजगार दिलाने की मांग लेकर आयी थी। भूमेश्वरी ने बताया कि वह और उसके पति विकलांग श्रेणी में आते है और उनकी एक बच्ची भी है। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है और परिवार के पालन पोषण में बहुत कठिनाई हो रही है। अत: किसी भी तरह से रोजगार प्राप्त हो जाने से उसकी बहुत सी समस्याओ का समाधान हो जाएगा। इस प्रकरण में जिला रोजगार अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। बालाघाट तहसील अंतर्गत ग्राम हट्टा निवासी घुरपता साठे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत लेकर आयी थी। उसने बताया कि वर्ष 2005 से वह अपने परिवार के साथ पिता एवं भाई के घर में रह रही हैं, बावजूद इसके उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। घुरपता ने बताया कि पहले योजना में नाम आने के बाद भी लाभ नहीं
दिया गया और दोबारा सत्यापन होने के बावजूद वर्तमान सूची में नाम नहीं है। आवेदिका ने घर का पुनः सत्यापन कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी आवास को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत भाण्डामुर्री के निवासी मनोज कटरे पुलिया निर्माण कार्य में लगायी गई मिक्चर मशीन का भुगतान नही किये जाने की शिकायत लेकर आये थे। मनोज ने बताया कि उसने वर्ष 2023-24 में भाण्डामुर्री में पुलिया निर्माण के दौरान अपनी सीमेंट कांक्रीट की मिक्चर मशीन लगाया था, जिसका भुगतान उसे आज दिनांक तक नही मिला है। अत: शीघ्र भुगतान दिलाया जाए। इस प्रकरण में जनपद सीईओ लालबर्रा को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। बैहर तहसील अंतर्गत ग्राम छिंदीटोला निवासी दिलीप तिलगाम और तृप्ति वरकड़े हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड में कॉन्ट्रैक्ट नौकरी के बावजूद मासिक वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर आये थे। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर 2023 से नौकरी करने के बावजूद उन्हें नियमित मासिक भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को भुगतान मिल रहा है। उन्होंने चार वर्षों की एरियर्स राशि, पूर्ण हाजिरी और लंबित वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की है। इस प्रकरण में एसडीएम बैहर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है। किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम मोहगांव खुर्द के निवासी रंगलाल पारधी बिना सहमति की स्टाप डेम निर्माण किये जाने की शिकायत लेकर आये थे। किसान रंगलाल का कहना था कि उसकी सहमति के बिना करीब 14.99 लाख रुपये की लागत से स्टॉप डेम निर्माण किया गया है, स्टाप डेम निर्माण से पानी का संग्रह नहीं हो रहा, बल्कि तेज बहाव के कारण खेत की मेड़ को नुकसान पहुंच रहा है। रंगलाल ने स्टॉप डेम निर्माण की जांच कर मामले में उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है। इस प्रकरण में जनपद सीईओ किरनापुर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।
- देवलगांव में 9 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया लांजी। ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से नियम विरुद्ध 09 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 181 पर शिकायत करने वाले ग्राम बिसोनी निवासी पवन कश्यप ने जिला कलेक्टर बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ शिकायत के बाद कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव की भी जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पवन कश्यप ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच हैं तथा पिछले लगभग 10 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव में नियम विरुद्ध बबूल के 09 शासकीय पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने लगभग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा जांच किए जाने तथा पंचनामा तैयार किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है। 22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है। 05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है। पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं पवन कश्यप ने यह भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है। धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल कार्य भार मुक्त, परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी ने सम्हाला एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार वारासिवनी। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा 21 अगस्त 2026 को वारासिवनी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्तिकेय जायसवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा 2022 का स्थानांतरण जिला पंचायत श्योपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया गया था। जिस पर कलेक्टर बालाघाट के आदेश पर अपर कलेक्टर जी एस धुर्वे द्वारा 24 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर परसवाड़ा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीश प्यासी को अपने कार्य के साथ-साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त सौंपा गया है। वहीं एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल को शासन के आदेशानुसार जिला पंचायत श्योपुर के लिए पद से भारमुक्त कर दिया गया है। अपर कलेक्टर बालाघाट द्वारा आदेश जारी करते ही 24 अगस्त की दोपहर में एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने अपने पद से भारमुक्त होकर परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी को वारासिवनी एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सांैप दिया है। श्रीश प्यासी ने 24 अगस्त को ही अतिरिक्त प्रभार संभाल कर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। अब वारासिवनी की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रीश प्यासी के पास रहेगी। उनके सामने आम जनता से जुड़े मामलों और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। देखना होगा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था में वारासिवनी के कामकाज को लेकर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं?1
- भाजपा ने कटंगी विधानसभा के लिए सोशल मीडिया टीम की घोषणा की, शैलेष ठाकरे बने संयोजक1
- खैरागढ़ में बी.एससी. केमिस्ट्री रिजल्ट पर बवाल, छात्रों का चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन! खैरागढ़ में बी.एससी. अंतिम वर्ष के रसायनशास्त्र (Chemistry) विषय के परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा। परीक्षा परिणाम में संभावित गड़बड़ी और धांधली का आरोप लगाते हुए छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में हुई गड़बड़ी के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य और आगे की पढ़ाई अधर में लटक गई है। विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच (Re-checking) की मांग की है। छात्रों की मुख्य मांगें: रसायनशास्त्र परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच। उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन। त्रुटि पाए जाने पर अंक सुधार। पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) फॉर्म की तिथि बढ़ाना। देखें पूरी रिपोर्ट और जानें क्या है पूरा मामला।1
- केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, 2 हजार 420 लोग हुए जागरूक, केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, 2 हजार 420 लोग हुए जागरूक, 25 अगस्त मंगलवार को दोपहर दो बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में साइबर जागृति अभियान के द्वितीय सप्ताह के तहत आठ स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थानों और स्कूलों में नागरिकों, विद्यार्थियों व शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल-मैसेज, ओटीपी, पिन, सीवीवी, क्यूआर कोड और संदिग्ध लिंक से बचाव की जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।1
- मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त सिवनी। कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस ने मवेशी चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिकअप वाहन, दो मोटरसाइकिल और मवेशी बिक्री से प्राप्त 72 हजार रुपये नकद सहित कुल 6 लाख 97 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की दरमियानी रात ग्राम चक्की खमरिया निवासी फरियादी के खेत में बने कोठे का दरवाजा तोड़कर अज्ञात चोर पांच मवेशी चोरी कर ले गए थे। शिकायत पर बादलपार चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने पतारसी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से मवेशियों को चोरी कर पिकअप वाहन MP 50 ZB 8914 से मदार टेकरी, बरेला (जबलपुर) पहुंचाया था। वहां मवेशियों को मनोज यादव के माध्यम से 1 लाख 25 हजार रुपये में बेचने के बाद रकम आपस में बांट ली गई। सात आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में दीपक सोनवाने, अमित कुमार यादव, अशफाक खान, सलमान उर्फ बल्लम खान, मोहशीन उर्फ काले खान, वासिद खान और मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सिवनी, बरघाट, डूंडासिवनी क्षेत्र के साथ जबलपुर जिले का आरोपी भी शामिल है। यह सामान हुआ जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 72 हजार रुपये नकद, करीब 5 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन, करीब 55 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल और करीब 70 हजार रुपये कीमत की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत 6 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी बरघाट श्री ललित गठरे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- *जर्जर सड़क पर फूटा आक्रोश, सिवनी-छिंदवाड़ा मार्ग पर विद्यार्थियों ने लगाया जाम* *पीपरडाही में समस्याओं का अंबार, स्कूल ड्रेस में सड़क पर उतरे छात्र-छात्राएं; अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन* सिवनी/पीपरडाही। लखनवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सिवनी की ग्राम पंचायत पिपरडाही में सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और विद्यार्थियों का आक्रोश सामने आया। चारगांव से पिपरडाही तक करीब 10 वर्षों से जर्जर पड़े मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर एक शाला-एक परिसर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सिवनी-छिंदवाड़ा मार्ग पर पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन करते हुए घंटों जाम लगा दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे स्कूल जाने के बजाय स्कूल ड्रेस में ही सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण की मांग उठाई। उनका कहना था कि चारगांव से पिपरडाही पहुंच मार्ग की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क खराब होने से विद्यार्थियों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। दस साल से मिल रहा आश्वासन, नहीं हुआ सड़क निर्माण ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 10 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन सड़क की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से ग्रामीणों और विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती गई, जिसके बाद सोमवार को उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। जर्जर स्कूल और पंचायत भवन का भी उठाया मुद्दा प्रदर्शनकारियों ने स्कूल और ग्राम पंचायत कार्यालय के जर्जर भवनों का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि इन भवनों को अब तक डिस्मेंटल नहीं किया गया है, जिससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए और संबंधित समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की। अधिकारी पहुंचे मौके पर, समझाइश के बाद खत्म हुआ जाम जाम की सूचना मिलते ही लखनवाड़ा थाना प्रभारी सीके सीरामे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीएम पूर्वी तिवारी, नायब तहसीलदार राधिका पाठक, जिला शिक्षा अधिकारी अभिनाश दीक्षित, जनपद सीईओ लोकेश साहू और आरआई अनिल मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। विद्यार्थियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कलेक्टर को मौके पर बुलाने तथा सड़क और पुलिया निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन देने की मांग की। काफी देर तक चली समझाइश और चर्चा के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। विद्यार्थियों को साथ लेकर अधिकारियों ने किया मार्ग का निरीक्षण जाम समाप्त होने के बाद एसडीएम पूर्वी तिवारी और जनपद सीईओ लोकेश साहू कुछ विद्यार्थियों को अपने वाहनों में साथ लेकर संबंधित मार्ग का निरीक्षण करने गांव पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर सड़क और पुलिया की स्थिति देखी तथा समस्या को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही। सरपंच-सचिव की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव दोनों की मौके पर अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना था कि जब गांव के लोग वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, तब पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधियों की मौजूदगी आवश्यक थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क, पुलिया और अन्य मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। वहीं, पत्रकारों द्वारा ग्राम पंचायत में व्याप्त समस्याओं के संबंध में जनपद पंचायत सिवनी के सीईओ लोकेश साहू से जानकारी मांगी गई, लेकिन वे इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए।1
- टेकाड़ी (म.) में आजीविका समूह का विवाद पहुंचा थाने पहुंचा, पूर्व पदाधिकारियों पर झूठी शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर कर सीसीएल राशि निकालने का आरोप1