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देवलगांव में 9 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया लांजी। ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से नियम विरुद्ध 09 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 181 पर शिकायत करने वाले ग्राम बिसोनी निवासी पवन कश्यप ने जिला कलेक्टर बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ शिकायत के बाद कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव की भी जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पवन कश्यप ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच हैं तथा पिछले लगभग 10 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव में नियम विरुद्ध बबूल के 09 शासकीय पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने लगभग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा जांच किए जाने तथा पंचनामा तैयार किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है। 22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है। 05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है। पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं पवन कश्यप ने यह भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है। धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

12 hrs ago
user_ASHISH NEWARE Journalist
ASHISH NEWARE Journalist
बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago
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देवलगांव में 9 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया लांजी। ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से नियम विरुद्ध 09 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 181 पर शिकायत करने वाले ग्राम बिसोनी निवासी पवन कश्यप ने जिला कलेक्टर बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ शिकायत के बाद कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव की भी जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पवन कश्यप ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच हैं तथा पिछले लगभग 10 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव में नियम विरुद्ध बबूल के 09 शासकीय पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने लगभग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा जांच किए जाने तथा पंचनामा तैयार किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम

कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है। 22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है। 05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक

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परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है। पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं पवन कश्यप ने यह

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भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है। धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है। 22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है। 05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है। पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं पवन कश्यप ने यह भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है। धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    देवलगांव में 9 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया

लांजी। ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से नियम विरुद्ध 09 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 181 पर शिकायत करने वाले ग्राम बिसोनी निवासी पवन कश्यप ने जिला कलेक्टर बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ शिकायत के बाद कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव की भी जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पवन कश्यप ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच हैं तथा पिछले लगभग 10 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव में नियम विरुद्ध बबूल के 09 शासकीय पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने लगभग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा जांच किए जाने तथा पंचनामा तैयार किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है।
शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है।
22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा
आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस
पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है।
05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख
शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग
आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है।
पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए।
वहीं पवन कश्यप ने यह भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है।
धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग
आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद
पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल कार्य भार मुक्त, परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी ने सम्हाला एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार वारासिवनी। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा 21 अगस्त 2026 को वारासिवनी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्तिकेय जायसवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा 2022 का स्थानांतरण जिला पंचायत श्योपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया गया था। जिस पर कलेक्टर बालाघाट के आदेश पर अपर कलेक्टर जी एस धुर्वे द्वारा 24 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर परसवाड़ा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीश प्यासी को अपने कार्य के साथ-साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त सौंपा गया है। वहीं एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल को शासन के आदेशानुसार जिला पंचायत श्योपुर के लिए पद से भारमुक्त कर दिया गया है। अपर कलेक्टर बालाघाट द्वारा आदेश जारी करते ही 24 अगस्त की दोपहर में एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने अपने पद से भारमुक्त होकर परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी को वारासिवनी एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सांैप दिया है। श्रीश प्यासी ने 24 अगस्त को ही अतिरिक्त प्रभार संभाल कर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। अब वारासिवनी की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रीश प्यासी के पास रहेगी। उनके सामने आम जनता से जुड़े मामलों और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। देखना होगा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था में वारासिवनी के कामकाज को लेकर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं?
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    एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल कार्य भार मुक्त, परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी ने सम्हाला एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार 
वारासिवनी। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा 21 अगस्त 2026 को वारासिवनी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्तिकेय जायसवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा 2022 का स्थानांतरण जिला पंचायत श्योपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया गया था। 
जिस पर कलेक्टर बालाघाट के आदेश पर अपर कलेक्टर जी एस धुर्वे द्वारा 24 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर परसवाड़ा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीश प्यासी को अपने कार्य के साथ-साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त सौंपा गया है। वहीं एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल को शासन के आदेशानुसार जिला पंचायत श्योपुर के लिए पद से भारमुक्त कर दिया गया है। 
अपर कलेक्टर बालाघाट द्वारा आदेश जारी करते ही 24 अगस्त की दोपहर में एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने अपने पद से भारमुक्त होकर परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी को वारासिवनी एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सांैप दिया है। श्रीश प्यासी ने 24 अगस्त को ही अतिरिक्त प्रभार संभाल कर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।
अब वारासिवनी की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रीश प्यासी के पास रहेगी। उनके सामने आम जनता से जुड़े मामलों और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। देखना होगा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था में वारासिवनी के कामकाज को लेकर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं?
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • भाजपा ने कटंगी विधानसभा के लिए सोशल मीडिया टीम की घोषणा की, शैलेष ठाकरे बने संयोजक
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    भाजपा ने कटंगी विधानसभा के लिए सोशल मीडिया टीम की घोषणा की, शैलेष ठाकरे बने संयोजक
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त सिवनी। कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस ने मवेशी चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिकअप वाहन, दो मोटरसाइकिल और मवेशी बिक्री से प्राप्त 72 हजार रुपये नकद सहित कुल 6 लाख 97 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की दरमियानी रात ग्राम चक्की खमरिया निवासी फरियादी के खेत में बने कोठे का दरवाजा तोड़कर अज्ञात चोर पांच मवेशी चोरी कर ले गए थे। शिकायत पर बादलपार चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने पतारसी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से मवेशियों को चोरी कर पिकअप वाहन MP 50 ZB 8914 से मदार टेकरी, बरेला (जबलपुर) पहुंचाया था। वहां मवेशियों को मनोज यादव के माध्यम से 1 लाख 25 हजार रुपये में बेचने के बाद रकम आपस में बांट ली गई। सात आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में दीपक सोनवाने, अमित कुमार यादव, अशफाक खान, सलमान उर्फ बल्लम खान, मोहशीन उर्फ काले खान, वासिद खान और मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सिवनी, बरघाट, डूंडासिवनी क्षेत्र के साथ जबलपुर जिले का आरोपी भी शामिल है। यह सामान हुआ जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 72 हजार रुपये नकद, करीब 5 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन, करीब 55 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल और करीब 70 हजार रुपये कीमत की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत 6 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी बरघाट श्री ललित गठरे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार
पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त
मवेशी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार
पिकअप, दो मोटरसाइकिल और 72 हजार रुपये नकद समेत 6.97 लाख का मशरूका जब्त
सिवनी। कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस ने मवेशी चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिकअप वाहन, दो मोटरसाइकिल और मवेशी बिक्री से प्राप्त 72 हजार रुपये नकद सहित कुल 6 लाख 97 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की दरमियानी रात ग्राम चक्की खमरिया निवासी फरियादी के खेत में बने कोठे का दरवाजा तोड़कर अज्ञात चोर पांच मवेशी चोरी कर ले गए थे। शिकायत पर बादलपार चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस टीम ने पतारसी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से मवेशियों को चोरी कर पिकअप वाहन MP 50 ZB 8914 से मदार टेकरी, बरेला (जबलपुर) पहुंचाया था। वहां मवेशियों को मनोज यादव के माध्यम से 1 लाख 25 हजार रुपये में बेचने के बाद रकम आपस में बांट ली गई।
सात आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दीपक सोनवाने, अमित कुमार यादव, अशफाक खान, सलमान उर्फ बल्लम खान, मोहशीन उर्फ काले खान, वासिद खान और मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सिवनी, बरघाट, डूंडासिवनी क्षेत्र के साथ जबलपुर जिले का आरोपी भी शामिल है।
यह सामान हुआ जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 72 हजार रुपये नकद, करीब 5 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन, करीब 55 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल और करीब 70 हजार रुपये कीमत की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत 6 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी बरघाट श्री ललित गठरे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में कुरई थाना एवं बादलपार चौकी पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उफनते नाले पर जान हथेली पर रखकर सफर, पुल की मांग के बावजूद नहीं जागा प्रशासन सिवनी जिले के धोरिया और धाधर टोला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें छात्र-छात्राएं और ग्रामीण उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर पार करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। बारिश के मौसम में आवागमन पूरी तरह जोखिम भरा हो जाता है और हादसों का खतरा बना रहता है। एसडीएम और जनपद सीईओ ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार किया, जबकि आरईएस विभाग को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले पर जनपद सदस्य जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार आवेदन निवेदन किया पर कोई कार्रवाई नहीं लगता है किसी बड़े हादसे के बाद प्रशासन जागेगा
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    उफनते नाले पर जान हथेली पर रखकर सफर, पुल की मांग के बावजूद नहीं जागा प्रशासन
सिवनी जिले के धोरिया और धाधर टोला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें छात्र-छात्राएं और ग्रामीण उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर पार करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। बारिश के मौसम में आवागमन पूरी तरह जोखिम भरा हो जाता है और हादसों का खतरा बना रहता है। एसडीएम और जनपद सीईओ ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार किया, जबकि आरईएस विभाग को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले पर जनपद सदस्य जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार आवेदन निवेदन किया पर कोई कार्रवाई नहीं लगता है किसी बड़े हादसे के बाद प्रशासन जागेगा
    user_BRMG SEONI
    BRMG SEONI
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनसुनवाई में विधायक ने सुनीं जनता की समस्याएं, बुजुर्ग ने सुनाया मधुर गीत सिवनी। विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं के निराकरण के लिए विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। इसी क्रम में मंगलवार को कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं। विधायक ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही हमारा मुख्य लक्ष्य है और जनता की हर समस्या का समाधान हमारी जिम्मेदारी है। इसी दौरान ग्राम बाँकी से पहुंचे एक बुजुर्ग ने विधायक के समक्ष मधुर गीत प्रस्तुत किया। बुजुर्ग के गीत ने जनसुनवाई के माहौल को भावुक और आत्मीय बना दिया। विधायक ने भी बुजुर्ग का उत्साहवर्धन किया।
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    जनसुनवाई में विधायक ने सुनीं जनता की समस्याएं, बुजुर्ग ने सुनाया मधुर गीत
सिवनी। विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं के निराकरण के लिए विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है। इसी क्रम में मंगलवार को कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं।
विधायक ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही हमारा मुख्य लक्ष्य है और जनता की हर समस्या का समाधान हमारी जिम्मेदारी है।
इसी दौरान ग्राम बाँकी से पहुंचे एक बुजुर्ग ने विधायक के समक्ष मधुर गीत प्रस्तुत किया। बुजुर्ग के गीत ने जनसुनवाई के माहौल को भावुक और आत्मीय बना दिया। विधायक ने भी बुजुर्ग का उत्साहवर्धन किया।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Seoni News: खेतों में घुसा जंगली हाथी, 20 एकड़ मक्का चट—दहशत में किसान!
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    Seoni News: खेतों में घुसा जंगली हाथी, 20 एकड़ मक्का चट—दहशत में किसान!
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • टेकाड़ी (म.) में आजीविका समूह का विवाद पहुंचा थाने पहुंचा, पूर्व पदाधिकारियों पर झूठी शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर कर सीसीएल राशि निकालने का आरोप
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    टेकाड़ी (म.) में आजीविका समूह का विवाद पहुंचा थाने पहुंचा, पूर्व पदाधिकारियों पर झूठी शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर कर सीसीएल राशि निकालने का आरोप
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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