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सभी मोहल्ला वासियों और प्रदेशवासियों और देशवासी विशेष ध्यान रखते हुए अपने बच्चों का ध्यान रखें किसी अनजान व्यक्ति के पास न जाने दे और ना ही किसी प्रकार की चीज उनको खाने दे।।

2 hrs ago
user_Kishan Lal jangid
Kishan Lal jangid
Real Estate Developer लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
2 hrs ago

सभी मोहल्ला वासियों और प्रदेशवासियों और देशवासी विशेष ध्यान रखते हुए अपने बच्चों का ध्यान रखें किसी अनजान व्यक्ति के पास न जाने दे और ना ही किसी प्रकार की चीज उनको खाने दे।।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • कोटा *वेस्टपिकर्स का सर्वे अब 28 फरवरी तक* -नमस्ते योजना के तहत हो रही प्रोफाइलिंग कोटा। केंद्र सरकार की नमस्ते योजना (नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) के अंतर्गत नगर निगम अनौपचारिक श्रेणी के वेस्ट पिकर्स का सर्वे एवं प्रोफाइलिंग कार्य अब 28 फरवरी तक किया जाएगा। पूर्व में इसके लिए 17 फरवरी तक का समय निर्धारित था। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि इस सर्वे में शहर के ऐसे महिला-पुरुष वेस्ट पिकर्स शामिल किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। सर्वे के अंतर्गत कचरा पॉइंट से कचरा बीनने वाले, कबाड़ संग्रह करने वाले, डंपिंग यार्ड में कूड़ा-कचरा एकत्र करने वाले तथा निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले व्यक्तियों की प्रोफाइल नमस्ते योजना से लिंक की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सर्वे से जुड़ने के लिए हितग्राहियों को स्वयं का आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कचरा बीनने का कार्य करने वाले व्यक्ति नगर निगम कार्यालय के कमरा नंबर 310 में संपर्क कर सकते हैं, ताकि अधिकृत संस्था द्वारा उनका सर्वे किया जा सके।
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    कोटा 
*वेस्टपिकर्स का सर्वे अब 28 फरवरी तक*
-नमस्ते योजना के तहत हो रही प्रोफाइलिंग
कोटा। केंद्र सरकार की नमस्ते योजना (नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) के अंतर्गत नगर निगम अनौपचारिक श्रेणी के वेस्ट पिकर्स का सर्वे एवं प्रोफाइलिंग कार्य अब 28 फरवरी तक किया जाएगा। पूर्व में इसके लिए 17 फरवरी तक का समय निर्धारित था। 
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि इस सर्वे में शहर के ऐसे महिला-पुरुष वेस्ट पिकर्स शामिल किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। सर्वे के अंतर्गत कचरा पॉइंट से कचरा बीनने वाले, कबाड़ संग्रह करने वाले, डंपिंग यार्ड में कूड़ा-कचरा एकत्र करने वाले तथा निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले व्यक्तियों की प्रोफाइल नमस्ते योजना से लिंक की जा रही है। 
उन्होंने बताया कि इस सर्वे से जुड़ने के लिए हितग्राहियों को स्वयं का आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कचरा बीनने का कार्य करने वाले व्यक्ति नगर निगम कार्यालय के कमरा नंबर 310 में संपर्क कर सकते हैं, ताकि अधिकृत संस्था द्वारा उनका सर्वे किया जा सके।
    user_Dushyant singh gehlot (journalist)
    Dushyant singh gehlot (journalist)
    पत्रकार लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    47 min ago
  • कोटा,17 फरवरी 2026/ सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया किकोटा उद्योग नगर स्थित जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के 1997 में अचानक बन्द होने से सैकड़ों मजदूरों का बकाया वेतन अटक गया और मजदूरों के सामने अपने परिवार पालन करने में संकट पैदा हो गया था फिर भी मजदूरों ने अपने बकाया वेतन भुगतान करवाने और रोजगार के लिए बन्द हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री को चालू करवाने को लेकर फैक्ट्री प्लांट के गेट के सामने धरने प्रदर्शन किए गए उस समय की मौजूदा सरकार ने मजदूरों और फैक्ट्री मालिक के बीच हस्तक्षेप करते हुए सीटू के मजदूर नेताओं से वार्ता करके एक त्रिकोणीय समझौता कराया और मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने और मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को अराफात पेट्रोकेमिकल प्रा. लि. को लीज पर दिया जिसमें सरकार ने शर्त रखी थी कि एक साल के अंदर अराफात ग्रुप द्वारा फैक्ट्री प्लांट को चालू करके मजदूरों को रोजगार और बकाया वेतन भुगतान करना है कि शर्तों पर अराफात ग्रुप ने फैक्ट्री प्लांट को चालू नहीं किया और नाही मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किया जिसको लेकर सीटू से संबंधित जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह ने कानून का सहारा लिया और मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर लम्बे समय तक संघर्ष किया हाईकोर्ट, इलाहाबाद कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक केश लड़ा गया कोटा के इतिहास में मजदूरों का सबसे बड़ा आंदोलन जे के मजदूरों का आंदोलन बनने जा रहा है वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला दिया गया और राजस्थान सरकार को आदेश जारी किया गया कि जे के सिंथेटिक फैक्ट्री चलाने को लेकर अराफात सेकी गई लीज रद्द करके सरकार फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करके अपनी जिम्मेदारी पर तमाम 4200 मजदूरों का मूल वेतन 260 करोड़ रुपयों से अधिक मय 18 %ब्याज के साथ जल्द भुगतान करे सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार को दिए आदेश के दो साल बाद भी जब सरकार ने मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया तो मजबूरन जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों ने सीटू के बैनर तले तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में 18 फरवरी 2025 को कोटा जिला न्यायाधीश के सामने अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठना पड़ा जिसका असर है हुआ कि सरकार को मजदूरों के धरने के दबाव में फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करना पड़ा और अराफात ग्रुप को देखल किया गया मजदूर और मालिक की लड़ाई में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी मालिक को सरकार ने फैक्ट्री प्लांट से बेदखल किया है यह मजदूरों और सीटू के लाल झंडे की पूंजीपतियों और भूमाफियाओं पर जीत हासिल हुई है। आज धरने का एक साल पूरा होने पर धरने में उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए जे के मजदूर नेता एवं सीपीआईएम जिला सचिव कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने धरने में उपस्थित मजदूरों को एकजुटता के साथ सफल आंदोलन करने और सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने के लिए फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए मजबूर करने के लिए क्रांतिकारी बधाई देते हुए कहा कि एक साल के अंदर सीटू के नेतृत्व में चल रहे जे के मजदूरों के धरने के दौरान हमने सरकार की आमजन विरोधी और किसान मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किए सरकार द्वारा आमजनता को बर्बाद करने के लिए लागू स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध किया, किसानों के खिलाफ बीज विधेयक लागू करना चाहती है सरकार जे के मजदूरों ने किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 18%टैरिफ का सीटू के बैनर तले विरोध किया मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बिल को रद्द करवाने और ग्रामीण मजदूरों को बर्बाद करने वाले वी बी जी राम जी मनरेगा विधेयक बिजली बिल विधेयक बीज विधेयक को रद्द करवाने और कोटा के विकास में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सरकार से लागू करवाने और जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के तमाम 4200 मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने के साथ साथ सभी को पेंशन दिलाने, राजीविका सुविधा कर्मचारी को पक्का करवाने हेतु जे के मजदूरों ने अपनी एकता बनाकर संघर्ष किया। मजदूर नेताओं ने कहा जब तक सरकार से बकाया वेतन भुगतान नहीं करवाया जाता तब तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर हमारा अनिश्चितकालीन धरना सीटू के बैनर तले जारी रहेगा जिला कलेक्टर महोदय से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकरठोस कार्यवाही करे और फैक्ट्री प्लांट की मशीनों को बरामद करने को लेकर अराफात ग्रुप के मालिक को गिरफ्तार करके जेल में भेजने का काम करे। धरने में उपस्थित मजदूरों की उपस्थिति के बारे जानकारी देते हुए कामरेड महावीर प्रसाद ने बताया कि आज धरने के साल पूरा हो गया धरने पर यूनियन के रजिस्टर में 875 मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है जिसमें सैकड़ों मजदूर महिलाए और आमजनता तानाशाही बीजेपी सरकार से मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे धरने में उपस्थित रहे। धरने का संचालन करते हुए कामरेड अशोक सिंह ने बताया कि धरने को कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू देवी निर्मला बाई, रईसा बानो ने भी सम्बोधित किया। सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने के सफलता पूर्वक एक साल पूरा होने पर जे के मजदूरों का हौसला बढ़ा दिया सभी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारा बकाया वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर मजदूरों का हक अधिकार है सरकार बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए फैक्ट्री की जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकती है। जमीन सरकार ने अधिग्रहण करके अपने कब्जे ले ली है मजदूरों का बकाया वेतन सरकार को ही करना है मजदूरों को गुमराह करना बन्द करे प्रशासन और सरकार। धरने में मलखान सिंह यादव, शिशुपाल सिंह,मोहम्मद मंसूरी सलीम भाई गिरजा शंकर पांडे गणेश प्रसाद छीतरलाल ओमप्रकाश पाल, गुलाबशंकर, बनेसिंह गोपाल शर्मा, महिला मजदूर मंजू बाई कलावती चंद्रकला कंचन पुष्पा बाई, सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और जे के मजदूर परिजन मौजूद रहे।
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    कोटा,17 फरवरी 2026/ सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया किकोटा उद्योग नगर स्थित जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के 1997 में अचानक बन्द होने से सैकड़ों मजदूरों का बकाया वेतन अटक गया और मजदूरों के सामने अपने परिवार पालन करने में संकट पैदा हो गया था फिर भी मजदूरों ने अपने बकाया वेतन भुगतान करवाने और रोजगार के लिए बन्द हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री को चालू करवाने को लेकर फैक्ट्री प्लांट के गेट के सामने धरने प्रदर्शन किए गए उस समय की मौजूदा सरकार ने मजदूरों और फैक्ट्री मालिक के बीच हस्तक्षेप करते हुए सीटू के मजदूर नेताओं से वार्ता करके एक त्रिकोणीय समझौता कराया और मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने और मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को अराफात पेट्रोकेमिकल प्रा. लि. को लीज पर दिया जिसमें सरकार ने शर्त रखी थी कि एक साल के अंदर अराफात ग्रुप द्वारा फैक्ट्री प्लांट को चालू करके मजदूरों को रोजगार और बकाया वेतन भुगतान करना है कि शर्तों पर अराफात ग्रुप ने फैक्ट्री प्लांट को चालू नहीं किया और नाही मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किया जिसको लेकर सीटू से संबंधित जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह ने कानून का सहारा लिया और मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर लम्बे समय तक संघर्ष किया हाईकोर्ट, इलाहाबाद कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक केश लड़ा गया कोटा के इतिहास में मजदूरों का सबसे बड़ा आंदोलन जे के मजदूरों का आंदोलन बनने जा रहा है वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला दिया गया और राजस्थान सरकार को आदेश जारी किया गया कि जे के सिंथेटिक फैक्ट्री चलाने को लेकर अराफात सेकी गई लीज रद्द करके सरकार फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करके अपनी जिम्मेदारी पर तमाम 4200 मजदूरों का मूल वेतन 260 करोड़ रुपयों से अधिक मय 18 %ब्याज के साथ जल्द भुगतान करे सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार को दिए आदेश के दो साल बाद भी जब सरकार ने मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया तो मजबूरन जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों ने सीटू के बैनर तले तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में 18 फरवरी 2025 को कोटा जिला न्यायाधीश के सामने अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठना पड़ा जिसका असर है हुआ कि सरकार को मजदूरों के धरने के दबाव में फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करना पड़ा और अराफात ग्रुप को देखल किया गया मजदूर और मालिक की लड़ाई में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी मालिक को सरकार ने फैक्ट्री प्लांट से बेदखल किया है यह मजदूरों और सीटू के लाल झंडे की पूंजीपतियों और भूमाफियाओं पर जीत हासिल हुई है। 
आज धरने का एक साल पूरा होने पर धरने में उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए जे के मजदूर नेता एवं सीपीआईएम जिला सचिव कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने धरने में उपस्थित मजदूरों को एकजुटता के साथ सफल आंदोलन करने और सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने के लिए फैक्ट्री प्लांट की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए मजबूर करने के लिए क्रांतिकारी बधाई देते हुए कहा कि एक साल के अंदर सीटू के नेतृत्व में चल रहे जे के मजदूरों के धरने के दौरान हमने सरकार की आमजन विरोधी और किसान मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किए सरकार द्वारा आमजनता को बर्बाद करने के लिए लागू स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध किया, किसानों के खिलाफ बीज विधेयक लागू करना चाहती है सरकार जे के मजदूरों ने किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 18%टैरिफ का सीटू के बैनर तले विरोध किया मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बिल को रद्द करवाने और ग्रामीण मजदूरों को बर्बाद करने वाले वी बी जी राम जी मनरेगा विधेयक बिजली बिल विधेयक बीज विधेयक को रद्द करवाने और कोटा के विकास में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सरकार से लागू करवाने और जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के तमाम 4200 मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने के साथ साथ सभी को पेंशन दिलाने, राजीविका सुविधा कर्मचारी को पक्का करवाने हेतु जे के मजदूरों ने अपनी एकता बनाकर संघर्ष किया। मजदूर नेताओं ने कहा जब तक सरकार से बकाया वेतन भुगतान नहीं करवाया जाता तब तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर हमारा 
अनिश्चितकालीन धरना सीटू के बैनर तले जारी रहेगा जिला कलेक्टर महोदय से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द मजदूरों का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकरठोस कार्यवाही करे और फैक्ट्री प्लांट की मशीनों को बरामद करने को लेकर अराफात ग्रुप के मालिक को गिरफ्तार करके जेल में भेजने का काम करे।
धरने में उपस्थित मजदूरों की उपस्थिति के बारे जानकारी देते हुए कामरेड महावीर प्रसाद ने बताया कि आज धरने के साल पूरा हो गया धरने पर यूनियन के रजिस्टर में 875 मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है जिसमें सैकड़ों मजदूर महिलाए और आमजनता तानाशाही बीजेपी सरकार से मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे धरने में उपस्थित रहे।
धरने का संचालन करते हुए कामरेड अशोक सिंह ने बताया कि धरने को कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू देवी निर्मला बाई, रईसा बानो ने भी सम्बोधित किया। 
सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने के सफलता पूर्वक एक साल पूरा होने पर जे के मजदूरों का हौसला बढ़ा दिया सभी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारा बकाया वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक फैक्ट्री प्लांट की जमीन पर मजदूरों का हक अधिकार है सरकार बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए फैक्ट्री की जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकती है। जमीन सरकार ने अधिग्रहण करके अपने कब्जे ले ली है मजदूरों का बकाया वेतन सरकार को ही करना है मजदूरों को गुमराह करना बन्द करे प्रशासन और सरकार।
धरने में मलखान सिंह यादव, शिशुपाल सिंह,मोहम्मद मंसूरी सलीम भाई गिरजा शंकर पांडे गणेश प्रसाद छीतरलाल ओमप्रकाश पाल,  गुलाबशंकर, बनेसिंह गोपाल शर्मा, महिला मजदूर मंजू बाई कलावती चंद्रकला कंचन पुष्पा बाई, सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और जे के मजदूर परिजन मौजूद रहे।
    user_Ravi Samariya
    Ravi Samariya
    Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जॉइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेंस में 99.99 परसेंटाइल हासिल करने वाले कोटा के जुड़वां भाई चर्चा में हैं। एक ही शिफ्ट में परीक्षा देने वाले भाइयों का स्कोर भी सेम है। दोनों को 300 में से 285 नंबर मिले हैं।
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    जॉइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेंस में 99.99 परसेंटाइल हासिल करने वाले कोटा के जुड़वां भाई चर्चा में हैं। एक ही शिफ्ट में परीक्षा देने वाले भाइयों का स्कोर भी सेम है। दोनों को 300 में से 285 नंबर मिले हैं।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by VKH NEWS
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    Post by VKH NEWS
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Kishan Lal jangid
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    Post by Kishan Lal jangid
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • अपने हमशक्ल नरेश सिंधी से मिलकर क्या बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा...
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    अपने हमशक्ल नरेश सिंधी से मिलकर क्या बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा...
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS
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    Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • आवर(झालावाड़) अफीम के खेतों में माँ काली की स्थापना, लच्छा बांधकर नक्का से लगाते हैं चीरा, नंगे पैर खेत में जाकर निकालते हैं अफीम अफीम के डोडों में चीरा लगाने का काम शुरू, शुभ मुहूर्त में हुई 'नाणा' की परंपरा काले सोने की खेती उगलने लगी अफीम। भवानीमंडी क्षेत्र में अफीम उत्पादक किसानों ने अपने खेतों में अफीम के डोडो में चीरा लगाकर अफीम निकालने का काम शुरू कर दिया है। डोडो की चिराई से पूर्व खेतों की मेड़ पर माँ कालिका की प्रतिमा स्थापना की गई। पूजापाठ के बाद अफीम के डोडों में चीरा लगाने का कार्य शुरू हो गया है। अफीम उत्पादक किसान अफीम की फसल को कितनी सावधानी से संजोकर उसे बड़ी करता है, इसका अंदाजा इसी बात से किया जा सकता है कि बुवाई के बाद किसान खेत के अंदर चम्पल, जूते तक पहनकर नहीं जाते है। पौधों की सुरक्षा के लिए खेत मे प्रत्येक पौधे को हवा एवं पक्षियों से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। जहाँ खेत में पौधों को मजबूती से खड़ा रहने के लिए रस्सियां बांध कर सहारा दिया गया है। वही फसल में डोडे आने के बाद इन पर नशेड़ी तोते की नजर भी पड़ जाती है। ये तोते डोडो को कुतरकर फसल खराब कर देते हैं। इससे बचाव के लिए पूरी फसल को बारीक जाली से कवर किया गया है ताकि कोई भी पक्षी फसल को नुकसान नहीं पहुँचा सके। पौधों में डोडो के परिपक्व होने के बाद किसानों ने शुभ मुहर्त में धार्मिक विधि-विधान से मां काली की पूजा-अर्चना की इसके बाद अनुभवी किसानों द्वारा लुवाई एवं चिराई का कार्य प्रारंभ किया। किसानों का मानना है कि अच्छी पैदावार और सुख-समृद्धि की कामना से मां कालिका की पूजा कर डोडों पर चीरा लगाने की परंपरा है, जिसे स्थानीय भाषा में 'नाणा' कहा जाता है। अफीम उत्पादक पगारिया निवासी किसान अर्जुनसिंह भगत, शिवसिंह परमार आदि ने बताया कि नाणा से पूर्व काली माता की पूजा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। डोडो से अफीम निकालने के लिए 'नक्का' नामक विशेष औजार से दोपहर बाद चीरा लगाया जाता है। अगले दिन सुबह दस बजे से पहले ही छरपलों से डोडो पर जमा अफीम का दूध एकत्र कर लिया जाता है। यह प्रक्रिया करीब पच्चीस दिनों तक चलती है। लुवाई-चिराई के बाद सूखे डोड़ों से पोस्तदाना निकाला जाता है। किसान शिवसिंह एवं अर्जुनसिंह भगत जी ने बताया कि अफीम के कई पौधें अज्ञात रोग की चपेट में आ गए हैं। इस रोग के चलते पौधे पीले पड़ गए हैं एवं डोडो के निचले हिस्से से दूध निकलने लगा है इस कारण पौधा एवं डोडा दोनों ही सुख गए हैं जिनसे अफीम का उत्पादन सम्भव नहीं है।
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    आवर(झालावाड़)
अफीम के खेतों में माँ काली की स्थापना,
लच्छा बांधकर नक्का से लगाते हैं चीरा, नंगे पैर खेत में जाकर निकालते हैं अफीम
अफीम के डोडों में चीरा लगाने का काम शुरू, शुभ मुहूर्त में हुई 'नाणा' की परंपरा
काले सोने की खेती उगलने लगी अफीम।
भवानीमंडी क्षेत्र में अफीम उत्पादक किसानों ने अपने खेतों में अफीम के डोडो में चीरा लगाकर अफीम निकालने का काम शुरू कर दिया है। 
डोडो की चिराई से पूर्व  खेतों की मेड़ पर माँ कालिका की प्रतिमा स्थापना की गई। पूजापाठ के बाद अफीम के डोडों में चीरा लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
अफीम उत्पादक किसान अफीम की फसल को कितनी सावधानी से संजोकर उसे बड़ी करता है, इसका अंदाजा इसी बात से किया जा सकता है कि बुवाई के बाद किसान खेत के अंदर चम्पल, जूते तक पहनकर नहीं जाते है। पौधों की सुरक्षा के लिए खेत मे प्रत्येक पौधे को हवा एवं पक्षियों से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। जहाँ खेत में पौधों को मजबूती से खड़ा रहने के लिए रस्सियां बांध कर सहारा दिया गया है। वही फसल में डोडे आने के बाद इन पर नशेड़ी तोते की नजर भी पड़ जाती है। ये तोते डोडो को कुतरकर फसल खराब कर देते हैं। इससे बचाव के लिए पूरी फसल को बारीक जाली से कवर किया गया है ताकि कोई भी पक्षी फसल को नुकसान नहीं पहुँचा सके।
पौधों में डोडो के परिपक्व होने के बाद किसानों ने शुभ मुहर्त में धार्मिक विधि-विधान से मां काली की पूजा-अर्चना की इसके बाद अनुभवी किसानों द्वारा लुवाई एवं चिराई का कार्य प्रारंभ किया। किसानों का मानना है कि अच्छी पैदावार और सुख-समृद्धि की कामना से मां कालिका की पूजा कर डोडों पर चीरा लगाने की परंपरा है, जिसे स्थानीय भाषा में 'नाणा' कहा जाता है। 
अफीम उत्पादक पगारिया निवासी किसान अर्जुनसिंह भगत, शिवसिंह परमार आदि ने बताया कि नाणा से पूर्व काली माता की पूजा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है।
डोडो से अफीम निकालने के लिए  'नक्का' नामक विशेष औजार से दोपहर बाद चीरा लगाया जाता है। अगले दिन सुबह दस बजे से पहले ही छरपलों से डोडो पर जमा अफीम का दूध एकत्र कर लिया जाता है। यह प्रक्रिया करीब पच्चीस दिनों तक चलती है। लुवाई-चिराई के बाद सूखे डोड़ों से पोस्तदाना निकाला जाता है।
किसान शिवसिंह एवं अर्जुनसिंह भगत जी ने बताया कि अफीम के कई पौधें अज्ञात रोग की चपेट में आ गए हैं। इस रोग के चलते पौधे पीले पड़ गए हैं एवं डोडो के निचले हिस्से से दूध निकलने लगा है इस कारण पौधा एवं डोडा दोनों ही सुख गए हैं जिनसे अफीम का उत्पादन सम्भव नहीं है।
    user_Dushyant singh gehlot (journalist)
    Dushyant singh gehlot (journalist)
    पत्रकार लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
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