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फतेहाबाद में यमुना पुल के पास एक वाहन खराब हो गया। यह समस्या टायर में खराबी के कारण सामने आई, जिसके चलते वाहन नोएडा एक्सप्रेस की तरफ चला गया। इसी नोएडा एक्सप्रेस पर एक मुर्गी ढोने वाली कैंटर गाड़ी की एक अन्य वाहन से टक्कर हो गई।
तेजपाल फतेहाबाद आगरा 🇮🇳🇮🇳
फतेहाबाद में यमुना पुल के पास एक वाहन खराब हो गया। यह समस्या टायर में खराबी के कारण सामने आई, जिसके चलते वाहन नोएडा एक्सप्रेस की तरफ चला गया। इसी नोएडा एक्सप्रेस पर एक मुर्गी ढोने वाली कैंटर गाड़ी की एक अन्य वाहन से टक्कर हो गई।
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- जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के आवास विकास सेक्टर 12 स्थित पारस पल्स बिल्डिंग में निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में टीकमगढ़ निवासी मजदूर पर्बत की लिफ्ट में करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लिफ्ट खराब होने के बावजूद सुपरवाइजर ने मजदूर पर्बत को जबरन अकेले ऊपर भेजा था, जिसके बाद लिफ्ट में करंट लगने से यह दुखद हादसा हुआ। हादसे के तुरंत बाद, बिल्डर और सुपरवाइजर मौके से और अस्पताल से फरार हो गए। पुलिस ने मृतक मजदूर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- आगरा से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बकरी ईद की नमाज को लेकर आगरा ईदगाह पर मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा गौ माता को राष्ट्र बनाने की मांग की जा रही है।1
- आगरा के छिपीटोला में भीषण गर्मी के बीच स्थानीय लोगों ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब योगी सरकार द्वारा हर घर तक गंगा जल पहुँचाने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं और उन्हें अपने घरों के लिए दूर-दूर से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है।2
- आगरा में तेजो महालय ताजमहल में ईद की नमाज़ को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इस संबंध में, पुलिस ने अखिल भारत हिंदू महासभा के महानगर अध्यक्ष विशाल कुमार को उनके शाहगंज स्थित निवास पर सुबह से ही नजरबंद कर दिया है। इसके साथ ही, आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीतू ठाकुर और महानगर अध्यक्ष महिला मोर्चा निशा ठाकुर सहित दर्जनों अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है। थाना शाहगंज के इंस्पेक्टर ने पुलिस बल के साथ मिलकर उन कार्यकर्ताओं को जबरन रोका, जो ताजमहल में नमाज़ के विरोध में जा रहे थे। इस घटना पर आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने कड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि जब महाशिवरात्रि पर ताजमहल को 'फ्री' नहीं किया जा सकता, तो ईद की नमाज़ के लिए तीन घंटे के लिए इसे 'फ्री' क्यों किया जा रहा है।1
- आगरा के बहुप्रतीक्षित निर्माणाधीन सिविल टर्मिनल, धनौली का जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आज स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि भविष्य में यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान टर्मिनल परिसर में सुरक्षा इंतजाम, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की गति पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस सिविल टर्मिनल के तैयार होने के बाद आगरा की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।2
- आगरा की जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन, चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इस त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी दिखाई दी। मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था।1
- आगरा के ताजगंज स्थित चौपाटी में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां 45 फीट ऊंची जिप लाइन से गिरने के कारण फिरोजाबाद के एक 16 वर्षीय चूड़ी कारोबारी के बेटे कुणाल अग्रवाल की माता-पिता के सामने तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि नाबालिग जैसे ही जिप लाइन झूले से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसके सेफ्टी बेल्ट का हुक खुल गया और वह नीचे गिर गया। कुणाल अपने परिवार के साथ फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। रविवार शाम करीब 5 बजे वे ताजगंज की चौपाटी पहुंचे, जहां कुणाल ने एडवेंचर के शौक के चलते जिप लाइन झूले का आनंद लेने की जिद की। परिवार ने 400 रुपये का टिकट खरीदा, और कुणाल के छोटे भाई मयंक उसका वीडियो बना रहे थे जब यह दर्दनाक हादसा हुआ। संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। इस हादसे ने एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच में कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं, जिनमें सेफ्टी हुक का मजबूत न होना, किशोर को हेलमेट न दिया जाना, नीचे सुरक्षा जाल का मौजूद न होना, और मौके पर प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था न होना शामिल है। विशेषज्ञों ने भी कहा है कि यदि हेलमेट और सुरक्षा जाल होता तो जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने भी अपनी जांच में सुरक्षा मानकों में कमी की बात स्वीकार की है। घटनास्थल पर पहुंचे आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है और शुरुआती जांच में सुरक्षा उपकरणों व व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या लापरवाही के कारण। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में शाम के समय चौपाटी में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, और संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा मानकों की तरफ ध्यान न देने पर भी सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कई अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया है।1
- वाराणसी के बेनियाबाग स्थित राजनारायण स्मारक पार्क में आयोजित होने वाली पारंपरिक बकरीद बकरा मंडी इस बार विवादों के घेरे में आ गई है। मंडी के ठेकेदार साजिद खान ने नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ठेके की अवधि समाप्त होने से तीन दिन पहले ही बिना किसी लिखित आदेश के मंडी को जबरन बंद करा दिया गया। जानकारी के अनुसार, इस वर्ष यह मंडी 24 लाख 50 हजार रुपये के ठेके पर आवंटित की गई थी, जिसकी अवधि 16 मई 2026 से 27 मई 2026 तक निर्धारित थी। ठेकेदार साजिद खान के मुताबिक, प्रशासन ने शुरुआत से ही कार्य में बाधा डाली, पहले एनओसी जारी करने में देरी की और 18 मई को अनुमति मिलने के बाद मंडी को व्यवस्थित करने में करीब 5 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इसके बावजूद, 25 मई की सुबह पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँचकर मंडी को बंद करा दिया। ठेकेदार ने बताया कि 18 मई से 24 मई तक मंडी शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रही थी और इसमें वाराणसी समेत दूर-दराज के जिलों से व्यापारी व पशुपालक पहुँच रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अधिकारियों से ठेका अवधि 27 मई तक होने की बात कही गई, तो कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया और मौखिक रूप से 'सनातन धर्म को ठेस पहुंचने' जैसी बातें कहकर मंडी बंद करा दी गई। साजिद खान ने सवाल उठाया है कि यदि प्रशासन को मंडी के आयोजन पर कोई आपत्ति थी, तो यह बात ठेका देने से पहले ही स्पष्ट की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी ठेका राशि और टैक्स जमा करने के बावजूद समय से पहले मंडी बंद कराना गलत है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। ठेकेदार ने मांग की है कि समय से पहले निरस्त किए गए ठेके की राशि वापस की जाए और हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए। इस कार्रवाई से न केवल ठेकेदार बल्कि दूर-दराज से आए पशुपालकों और छोटे व्यापारियों को भी भारी आर्थिक क्षति हुई है। फिलहाल, पूरे मामले में नगर निगम, स्मार्ट सिटी और पुलिस प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1