सिसई : "शहीद की प्रतिमा के सम्मान में उठे हाथ, श्रमदान से चमका प्रतिमा स्थल केंद्रीय सरना समिति ने चलाया स्वच्छता अभियान ; सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का दिया संदेश सिसई (गुमला)। शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से केंद्रीय सरना समिति सिसई के तत्वावधान में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए प्रतिमा स्थल के आसपास उगी झाड़ियों और जमा गंदगी की सफाई की। समिति के कार्यकर्ताओं ने काफी समय तक श्रमदान कर प्रतिमा स्थल एवं आसपास के परिसर को साफ-सुथरा किया। इस दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया गया। अभियान की पहल केंद्रीय सरना समिति की अध्यक्ष जलेश्वर उरांव ने की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि पूरे समाज के होते हैं। ऐसे स्थलों की स्वच्छता और देखभाल की जिम्मेदारी भी सामूहिक है। उन्होंने आम लोगों से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। इसकी नियमित साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। मौके पर धनेश्वर उरांव, सोमेश्वर उरांव, कैप्टन लोहरा उरांव, माधव उरांव, सुरेंद्र उरांव सहित केंद्रीय सरना समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
सिसई : "शहीद की प्रतिमा के सम्मान में उठे हाथ, श्रमदान से चमका प्रतिमा स्थल केंद्रीय सरना समिति ने चलाया स्वच्छता अभियान ; सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का दिया संदेश सिसई (गुमला)। शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से केंद्रीय सरना समिति सिसई के तत्वावधान में स्वच्छता अभियान चलाया
गया। अभियान के दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए प्रतिमा स्थल के आसपास उगी झाड़ियों और जमा गंदगी की सफाई की। समिति के कार्यकर्ताओं ने काफी समय तक श्रमदान कर प्रतिमा स्थल एवं आसपास के परिसर को साफ-सुथरा किया। इस दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता
का संदेश दिया गया। अभियान की पहल केंद्रीय सरना समिति की अध्यक्ष जलेश्वर उरांव ने की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि पूरे समाज के होते हैं। ऐसे स्थलों की स्वच्छता और देखभाल की जिम्मेदारी भी सामूहिक है। उन्होंने आम लोगों से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की
अपील की। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। इसकी नियमित साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। मौके पर धनेश्वर उरांव, सोमेश्वर उरांव, कैप्टन लोहरा उरांव, माधव उरांव, सुरेंद्र उरांव सहित केंद्रीय सरना समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ सिसई / गुमला : कुएं में मिला 30 वर्षीय युवक का शव, इलाके में सनसनी तम्बाकू के दो पैकेट ने बढ़ाया मौत का रहस्य *गुमला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है... ढोढ़रीटोली में कुएं से 30 वर्षीय युवक का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। युवक घर से लापता था और तलाश के दौरान कुएं में तंबाकू के दो पैकेट तैरते मिले। इसके बाद कुएं में खोजबीन की गई तो युवक का शव बरामद हुआ। आखिर कुएं तक कैसे पहुंचा युवक? हादसा, बीमारी या कोई और वजह? फिलहाल मौत की गुत्थी पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है। गुमला के ढोढ़रीटोली में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कुएं से 30 वर्षीय सुनील उरांव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सुनील के घर में नहीं मिलने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान कुएं के पानी में तंबाकू के दो पैकेट तैरते दिखाई दिए। संदेह होने पर कुएं में तलाश की गई, जहां सुनील का शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों के मुताबिक, सुनील को पहले से मिर्गी की बीमारी थी। डॉक्टर ने उसे शराब के सेवन से दूर रहने की सलाह दी थी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि मौत से कुछ दिन पहले उसने दोबारा शराब का सेवन शुरू कर दिया था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुनील कुएं में किन परिस्थितियों में पहुंचा? क्या यह महज हादसा था या मौत के पीछे कोई और वजह है? फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।4
- ग्रामीण क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा कचड़ा डंपिंग यार्ड निर्माण की सूचना पंचायत के ग्रामीण भड़के उक्त मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत झालजमीरा पंचायत क्षेत्र के दतरी गांव का बताया जाता है। जिसको लेकर ग्रामप्रधान के अध्यक्षता में ग्रामीणों की अहम बैठक आहूत कर निर्माण कार्य बंद करने तथा आबादी क्षेत्र से दूर जहां नदी तालाब और मवेशियों के चारागाह तथा खेल स्थान से दूर बनाने का मांग किया। तथा विभिन्न प्रकार की समस्या उतपन होने और पेय जल दूषित होने जैसे निम्न बिंदुओं पर विचार विमर्श कर कचड़ा डंपिंग यार्ड निर्माण पर रोक लगाने का सहमति ग्रामीणों की बनी।1
- लोहरदगा जिला झामुमो कार्यालय में जिलाध्यक्ष मोज़म्मिल अहमद के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उपस्थित नेताओं ने उनके राजनीतिक व सामाजिक योगदान को याद करते हुए इसे पार्टी और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। लोहरदगा जिला झामुमो कार्यालय में जिलाध्यक्ष मोज़म्मिल अहमद के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उपस्थित नेताओं ने उनके राजनीतिक व सामाजिक योगदान को याद करते हुए इसे पार्टी और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।1
- आज दिनांक 07/09/26 को भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत देवेंद्र नाथ महतो लोहरदगा पहुंचे आज दिनांक 07/09/26 को भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत देवेंद्र नाथ महतो लोहरदगा पहुंचे1
- झारखंड में शिक्षा मंत्री बनते ही क्यों हो रहा निधन.? #school #shorts #shortvideo #viralvideo #news1
- चार साल बाद दो परिवारों ने सरना धर्म में वापसी, दो परिवारों ने बजरंगबली मंदिर में किया पुजा। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड़ के बमरजा गांव में रविवार को दो परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपनी पारंपरिक आस्था सरना धर्म में वापसी हुआ। रमेश लोहरा, पिता गमहीर लोहरा और लक्ष्मण महली, पिता सोमरा महली ने परिवार सहित भगवान बजरंगबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर विधि-विधान के साथ अपने पारंपरिक धर्म को पुनः अपनाया। दोनों परिवारों ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व कुछ लोगों के प्रभाव में आकर उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार किया था। हालांकि, समय के साथ उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं से दूरी महसूस होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी जड़ों और पारंपरिक आस्था से दोबारा जुड़ने का निर्णय लिया। धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के बाद ग्रामीणों ने दोनों परिवारों का स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में निहित है। जल, जंगल और जमीन के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण समाज की एकजुटता को मजबूत करता है। ग्रामीणों ने कहा कि अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।1
- सिसई : "शहीद की प्रतिमा के सम्मान में उठे हाथ, श्रमदान से चमका प्रतिमा स्थल केंद्रीय सरना समिति ने चलाया स्वच्छता अभियान ; सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का दिया संदेश सिसई (गुमला)। शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से केंद्रीय सरना समिति सिसई के तत्वावधान में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए प्रतिमा स्थल के आसपास उगी झाड़ियों और जमा गंदगी की सफाई की। समिति के कार्यकर्ताओं ने काफी समय तक श्रमदान कर प्रतिमा स्थल एवं आसपास के परिसर को साफ-सुथरा किया। इस दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया गया। अभियान की पहल केंद्रीय सरना समिति की अध्यक्ष जलेश्वर उरांव ने की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि पूरे समाज के होते हैं। ऐसे स्थलों की स्वच्छता और देखभाल की जिम्मेदारी भी सामूहिक है। उन्होंने आम लोगों से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद कैप्टन लोहरा उरांव की प्रतिमा स्थल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। इसकी नियमित साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। मौके पर धनेश्वर उरांव, सोमेश्वर उरांव, कैप्टन लोहरा उरांव, माधव उरांव, सुरेंद्र उरांव सहित केंद्रीय सरना समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।4
- कुएं में मिला युवक का शव ... हादसा या हत्या?? 🤔 देखिये1