ईंधन की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) नीति और महंगाई के विरोध में विभिन्न संगठनों ने 15 जुलाई 2026 को भारत बंद का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी बंद के तहत किसान संगठनों, युवाओं और ट्रांसपोर्टरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और चक्का जाम करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि E20 नीति लागू होने से वाहनों के माइलेज में कमी आ रही है और उनके इंजन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई राहत प्रदान नहीं कर रही है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक न पहुंचाए जाने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। दूसरी ओर, इन दावों पर सरकार का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग है। सरकार की ओर से E20 नीति का बचाव करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) नीति और महंगाई के विरोध में विभिन्न संगठनों ने 15 जुलाई 2026 को भारत बंद का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी बंद के तहत किसान संगठनों, युवाओं और ट्रांसपोर्टरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और चक्का जाम करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि E20 नीति लागू होने से वाहनों के माइलेज में कमी आ रही है और उनके इंजन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई राहत प्रदान नहीं कर रही है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक न पहुंचाए जाने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। दूसरी ओर, इन दावों पर सरकार का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग है। सरकार की ओर से E20 नीति का बचाव करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
- उत्तराखण्ड के लिए नए विजन को लेकर सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी से 'सिस्टम बनाम समाधान' और 'आईआईटी से पॉलिसी तक' के विषय पर बातचीत की गई है। इस चर्चा में विशेष रूप से चकबंदी के महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया गया है। इसके साथ ही, राज्य में प्लानिंग या प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े करते हुए उत्तराखण्ड की सच्ची ज़रूरतों पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया है।1
- भारत में पुरुषों के खिलाफ होने वाली कथित क्रूरता के मामलों को लेकर सवाल उठाया गया है। इसमें यह पूछा गया है कि क्या पुरुषों के खिलाफ होने वाली इस कथित क्रूरता के मामलों से निपटने के लिए देश में पर्याप्त कानूनी सुरक्षा मौजूद है।1
- उत्तराखंड के देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने की खबरों को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास परेड ग्राउंड में इस कार्यक्रम के आयोजन की विधिवत अनुमति उपलब्ध है और शासन-प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द किए जाने का कोई भी लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। कार्यक्रम स्थल पर ट्रकों को प्रवेश न मिलने के संबंध में गणेश गोदियाल ने बताया कि इसका कारण केवल यह है कि दी गई अनुमति निर्धारित तिथि से ही प्रभावी होगी। उन्होंने छात्र और युवाओं से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार 17 जुलाई को हर हाल में आयोजित होगा। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक निर्णय लिया जाता है, तो उसकी जानकारी समय पर साझा कर दी जाएगी।1
- हरियाणा के यमुना नगर में 'नशा मुक्त हरियाणा' संकल्प के तहत 26 जुलाई 2026 को 10 किलोमीटर लंबी एक महा दौड़ (मैराथन) का आयोजन होने जा रहा है। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के चंगुल से बचाकर खेल और फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इस महा दौड़ का शुभारंभ करेंगे। इस दौड़ को एक जन आंदोलन का रूप देने के लिए यमुना नगर की डीसी प्रीति ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इस मैराथन दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से बड़े पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिसके तहत प्रथम आने वाले महिला और पुरुष दोनों विजेताओं को ₹5,100 से लेकर ₹1,00,000 तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। इसी कड़ी में यमुना संदेश के रिपोर्टर सत्यम नागपाल ने यमुना नगर की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिव्या मंगला का विशेष इंटरव्यू लिया है, जिसमें उन्होंने अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है।1
- यमुनानगर जिले के सढोरा अंतर्गत गांव रत्तूवाला में अंबाला के सांसद वरुण चौधरी पहुंचे। यहां उन्होंने शाहाबाद विधायक रामकरण के साथ एडवोकेट जसविंदर सिंह के निवास स्थान पर शिरकत की, जहां दोनों नेताओं का भव्य स्वागत किया गया। एडवोकेट जसविंद्र ने सांसद वरुण चौधरी और विधायक रामकरण को शाल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनिल संधू मोंटी और अमर सिंह बाल्टी भी उपस्थित रहे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद वरुण चौधरी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला और उसे हर मोर्चे पर नाकाम करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव, मोहल्ले और वार्ड में नशे का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार का इस पर कोई ध्यान नहीं है। राज्य में कारोबारियों से सरेआम फिरौतियां मांगी जा रही हैं, आए दिन गोलियां चल रही हैं, और लूटमार व हत्याओं के कारण चारों तरफ भय और अराजकता का माहौल बन गया है। उन्होंने स्वच्छता अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद सफाई का बुरा हाल है, जिसके कारण आज खुद मुख्यमंत्री को झाड़ू उठाना पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि सफाई के नाम पर खजाने से निकाला जा रहा करोड़ों रुपया आखिर कहां जा रहा है। सांसद ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि वर्ष 2047 में विकसित भारत की बात करने वाली सरकार में लोग अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए तरस रहे हैं तथा किसान, मजदूर व कर्मचारी सभी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा सत्र में पेपर लीक, यूएसए डील और मंदिरों में लूट के मामलों की गूंज रहने वाली है। इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय स्तर पर सढोरा विधायक रेनूबाला को घेरते हुए कहा कि विधायक इलाके में 50 करोड़ की लागत से सड़कें बनने की बात कहती हैं, लेकिन वह एक भी सड़क का नाम नहीं बता सकतीं। विधायक जी केवल उन सड़कों की रिपेयर की चर्चा करती रहती हैं जिन पर काम होना सिर्फ एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के दसिया गांव में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के विरोध की आशंका के चलते प्रशासन ने 14 जुलाई को एहतियातन BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस ने मुनादी कर लोगों को बिना अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी दी है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तराखंड के विकास और प्राथमिकताओं को लेकर 'सिस्टम बनाम समाधान' की बहस के बीच राज्य की वास्तविक जरूरतों को रेखांकित किया गया है। सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की असल जरूरतें क्या हैं। इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया गया है कि राज्य को इस समय बेहतर प्लानिंग (योजना) की आवश्यकता है या फिर प्रदर्शन की, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाजें उठ रही हैं।1
- देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश-भानियावाला सात मोड़ पर पेड़ों की कटाई के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन में उक्रांद नेता सौम्य पहाड़ी, संजय चौधरी, प्रमिला भंडारी और शैलेंद्र गुसाईं सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ऋषिकेश पुलिस द्वारा कई आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिए जाने से मौके पर कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। "पेड़ बचाओ, पर्यावरण बचाओ" के नारों के साथ उक्रांद ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों की कटाई तुरंत नहीं रोकी गई तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- सहारनपुर के तीतरो थाना क्षेत्र के गांव मनोहरा में गली में कूड़ा डालने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद एक हिंसक और खूनी झड़प में बदल गया। आरोप है कि गली में कबाड़ डालने को लेकर जब एक पड़ोसी ने मना किया, तो दूसरे पड़ोसी ने विवाद खड़ा कर दिया। इस दौरान कुछ लोग बृजपाल (पुत्र बारू सिंह) नामक वृद्ध के घर में जबरन घुस गए और उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पीड़ित के परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस खूनी बवाल के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले की सूचना पाकर तीतरो थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित पक्ष की तहरीर पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।1