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सत्य गंगा मैया पारस धाम सकरौली मंदिर में हुआ पूजा पाठ, दर्शन मात्र से सारी कष्ट मिट जाते हैं। सिसई प्रखंड सकरौली गांव परास नदी स्थित सत्य गंगा मैया पारस धाम मंदिर में नवमी के दिन भक्तों ने महावीर झंडा साथ लेकर पहुंचे और विधि पूर्वक पूजा अर्चना किया। सकरौली गांव में नया बने श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा के 25 मार्च को हवन पूजन के रात्रि में गंगा मैया सभी देवी देवताओं के साथ प्रकट हुई और कही कि भक्ति में कमी हो रहा हैं। नवमी को सत्य गंगा मैया पारस धाम में पूजा अर्चना के साथ प्रसाद में चना गुड का वितरण होना चाहिए। माता से जानकारी मिलने के बाद पूजा अर्चना शुरू हुआ। मंदिर का दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
कृष्णा कुमार साहु
सत्य गंगा मैया पारस धाम सकरौली मंदिर में हुआ पूजा पाठ, दर्शन मात्र से सारी कष्ट मिट जाते हैं। सिसई प्रखंड सकरौली गांव परास नदी स्थित सत्य गंगा मैया पारस धाम मंदिर में नवमी के दिन भक्तों ने महावीर झंडा साथ लेकर पहुंचे और विधि पूर्वक पूजा अर्चना किया। सकरौली गांव में नया बने श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा के 25 मार्च को हवन पूजन के रात्रि में गंगा मैया सभी देवी देवताओं के साथ प्रकट हुई और कही कि भक्ति में कमी हो रहा हैं। नवमी को सत्य गंगा मैया पारस धाम में पूजा अर्चना के साथ प्रसाद में चना गुड का वितरण होना चाहिए। माता से जानकारी मिलने के बाद पूजा अर्चना शुरू हुआ। मंदिर का दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
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- सिसई (गुमला)।जनजातीय सुरक्षा मंच झारखंड के तत्वाधान में प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय बैठक संजय कुमार वर्मा के पिलखी मोड़ स्थित आवास में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार झारखंड के संयोजक संदीप उरांव शामिल हुए। संयोजक संदीप उरांव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जो "भोलेनाथ का नहीं वो हमारे जात का नहीं"। उन्होंने सिसई के अनुसूचित जनजाति से अपील करते हुए कहा कि सिसई कार्तिक बाबा का जन्मस्थल क्षेत्र है उनके सपनों को साकार करने हेतु मई महीना में दिल्ली में जनआक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इस रैली में सिसई प्रखंड से सैकड़ों की संख्या में दिल्ली पहुँचने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सरना अनुसूचित जन जातियों का पूजा स्थल है यह कोई जाति या धर्म नहीं है। हम सभी सरना सनातन हैं और रहेंगे। जनजातीय सुरक्षा मंच के रांची जिला संयोजक जगरनाथ भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जी का सपना था कि जो आदिवासी से धर्मांतरित होकर ईसाई बन चुके हैं वो आदिवासी नहीं हैं कार्तिक बाबा ने पूरे धर्मांतरित ईसाई का विरोध सदन में किया था और आरक्षण समाप्त करने का आवाज़ उठाया था। उन्होंने ये भी कहा कि हम माता अंजनि एवं बजरंग बली के उपासक हैं हमें ईसाई एजेंटों के द्वारा दिग्भ्रमित किया जा रहा है और सरना सनातन को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है उन्होंने कहा कि हम सनातन थे, सनातन हैं और सनातन ही रहेंगे। बैठक में सोमेश्वर उरांव को सिसई का संयोजक नियुक्त किया गया है वहीं बालेश्वर उरांव कोडेकेरा, विश्व भूषण बिलुङ, भुरसो,दिनेश उरांव लठदाग, देवकु भगत ओलमुंडा एवं बालेश्वर भगत कोटारी को सह संयोजक बनाया गया है। बैठक में सभी पंचायत के प्रतिनिधि कार्यकर्ता उपस्थित थे।3
- गुमला मुख्यालय से 5 किमी दूर सीलम ढलान के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने सवारी ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ऑटो सड़क पर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें 3 को गंभीर चोट पहुंची। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को ऑटो से निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि सभी यात्री ऑटो से गुमला की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सीलम ढलान के पास सामने से आ रही बस ने टक्कर मार दी, जिससे ऑटो पलट गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार बस और चालक की तलाश में जुटी हुई है।1
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- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक घायल कंडरा में अज्ञात बोलोरो के चपेट में आने हुआ हादसा1
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- बसिया। प्रखंड के नवाटोली स्थित संत अन्ना चर्च में रविवार को खजूर पर्व (पाम संडे) का आयोजन पारंपरिक उल्लास और गहरी आस्था के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर मसीही समुदाय के सैकड़ों लोगों ने हाथों में खजूर की डालियाँ लेकर प्रभु यीशु के यरूशलेम प्रवेश की याद ताजा की। *विशेष मिस्सा और भक्तिमय वातावरण* कार्यक्रम की शुरुआत फादर सिप्रियन कुल्लू के नेतृत्व में हुई। विशेष मिस्सा पूजा के दौरान चर्च परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने गीतों और प्रार्थनाओं के माध्यम से प्रभु की आराधना की। इस दौरान भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह की प्रार्थनाओं से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। *प्रेम और त्याग का संदेश* अपने संदेश में फादर सिप्रियन कुल्लू ने खजूर पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: "खजूर पर्व हमें प्रेम, त्याग और शांति का संदेश देता है। यह पर्व प्रभु यीशु के यरूशलेम में विनम्र प्रवेश का प्रतीक है, जो हमें सच्चाई और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।" उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए सभी से मानवता की सेवा करने का आह्वान किया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में कई धर्मगुरुओं का सानिध्य प्राप्त हुआ। मौके पर मुख्य रूप से फादर अमृत एक्का, ,फादर अमृत तिर्की, फादर जॉन अल्बर्ट बाड़ा, फादर माइकल टोप्पो, फादर निकोलस सोरेंग सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के लकेया बांस टोली में नवनिर्मित अख़रा से समाजसेवी किशोर उरांव के अगुवाई में भव्य रामनवमी सरहुल शोभायात्रा निकाला गया। शोभायात्रा से पूर्व पाहान करमा उरांव, लखन उरांव एवं पूजार चउठा उरांव द्वारा अख़रा में माँ सरना का विधिवत् पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख शांति के लिए प्रार्थना किया गया। तत्पश्चात फूल खोंसी का रस्म अदा करते हुए सभी श्रधालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया और शोभायात्रा प्रारंभ किया गया। बताते चलें कि लकेया बांस टोली में समाजसेवी किशोर उरांव के पहल से ही ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर अख़रा का निर्माण कराया है। जो गांव के लिए एक सराहनीय पहल माना जा रहा है शोभायात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला पुरुष व बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर मांदर के थाप व डीजे पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। पुरा गांव भ्रमण करने के पश्चात वापस अख़रा में शोभायात्रा का समापन किया गया। इस दौरान गांव के सभी आदिवासी समुदाय के लोग आनंद में भावविभोर नज़र आ रहे थे।4