विषय: बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पडरौना के न्यायालय की त्रिस्तरीय औचक जांच आख्या जारी। कार्यालय जिलाधिकारी, कुशीनगर - विषय: बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पडरौना के न्यायालय की त्रिस्तरीय औचक जांच आख्या जारी। जिलाधिकारी कुशीनगर के निर्देश पर SOC न्यायालय का औचक निरीक्षण; अधिकारी के आवास से 26 पत्रावलियां बरामद, अनियमितता कुशीनगर: जिलाधिकारी कुशीनगर के आदेश (पत्र संख्या- 6590/ओ0एस0डी0-2026) के अनुपालन में 30 जुलाई 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) पडरौना डॉ. संतराज एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हाटा श्री विवेकशील यादव की संयुक्त जांच टीम द्वारा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC), पडरौना के न्यायालय का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पर आदेश हेतु सुरक्षित 50 पत्रावलियां प्रदर्शित थीं, किंतु मौके पर पेशकार द्वारा मात्र 14 पत्रावलियां उपलब्ध कराई गईं। जांच टीम द्वारा की गई पड़ताल में पीठासीन अधिकारी श्री संतोष कुमार (SOC पडरौना) के सरकारी आवास से 26 अतिरिक्त पत्रावलियां बरामद कर न्यायालय लाई गईं। इनमें से 15 पत्रावलियां ऐसी पाई गईं जो ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज ही नहीं थीं। इसके अतिरिक्त कई मामलों में महीनों पूर्व बहस पूरी होने के बाद भी आदेश पारित नहीं किया गया था तथा आदेश फर्दकाम बारकोड के बजाय सादे कागजों पर दर्ज पाए गए। जांच टीम का निष्कर्ष: जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि पीठासीन अधिकारी द्वारा पत्रावलियों को नियत समय पर निस्तारित न कर अनुचित लाभ के उद्देश्य से अपने आवास पर रखकर अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया। जिलाधिकारी महोदय को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपते हुए संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
विषय: बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पडरौना के न्यायालय की त्रिस्तरीय औचक जांच आख्या जारी। कार्यालय जिलाधिकारी, कुशीनगर - विषय: बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) पडरौना के न्यायालय की त्रिस्तरीय औचक जांच आख्या जारी। जिलाधिकारी कुशीनगर के निर्देश पर SOC न्यायालय का औचक निरीक्षण; अधिकारी के आवास से 26 पत्रावलियां बरामद, अनियमितता कुशीनगर: जिलाधिकारी कुशीनगर के आदेश (पत्र संख्या- 6590/ओ0एस0डी0-2026) के अनुपालन में 30 जुलाई 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) पडरौना डॉ. संतराज एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) हाटा श्री विवेकशील यादव की संयुक्त
जांच टीम द्वारा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC), पडरौना के न्यायालय का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पर आदेश हेतु सुरक्षित 50 पत्रावलियां प्रदर्शित थीं, किंतु मौके पर पेशकार द्वारा मात्र 14 पत्रावलियां उपलब्ध कराई गईं। जांच टीम द्वारा की गई पड़ताल में पीठासीन अधिकारी श्री संतोष कुमार (SOC पडरौना) के सरकारी आवास से 26 अतिरिक्त पत्रावलियां बरामद कर न्यायालय लाई गईं। इनमें से 15 पत्रावलियां ऐसी पाई गईं जो ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज ही नहीं थीं। इसके अतिरिक्त कई मामलों
में महीनों पूर्व बहस पूरी होने के बाद भी आदेश पारित नहीं किया गया था तथा आदेश फर्दकाम बारकोड के बजाय सादे कागजों पर दर्ज पाए गए। जांच टीम का निष्कर्ष: जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि पीठासीन अधिकारी द्वारा पत्रावलियों को नियत समय पर निस्तारित न कर अनुचित लाभ के उद्देश्य से अपने आवास पर रखकर अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया। जिलाधिकारी महोदय को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपते हुए संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
- 5 हजार की रिश्वत लेते जिला उद्योग विभाग का बाबू गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा ब्यूरो प्रभारी. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर 5 हजार की रिश्वत लेते जिला उद्योग विभाग का बाबू गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा ब्यूरो प्रभारी. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर कुशीनगर। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन संगठन गोरखपुर की ट्रैप टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में तैनात कनिष्ठ सहायक (बाबू) शैलेश कुमार कुशवाहा को ₹5 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत ऋण की सब्सिडी जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार अमन कश्यप पुत्र अनिलेश कश्यप, निवासी मंगल बाजार, कप्तानगंज, जनपद कुशीनगर ने एंटी करप्शन संगठन गोरखपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी के खाते में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत 9 लाख रुपये के ऋण पर मिलने वाली सब्सिडी जारी करने के लिए जिला उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा ₹5 हजार रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के कार्यालय में जाल बिछाया गया। दोपहर लगभग 12:25 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता अमन कश्यप ने आरोपी कर्मचारी को ₹5 हजार दिए, पहले से मौजूद ट्रैप टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेश कुमार कुशवाहा पुत्र मुन्नी लाल, निवासी शेखपुर पोस्ट कुलगांव, थाना महाराजपुर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर में कनिष्ठ सहायक (बाबू) के पद पर कार्यरत था। एंटी करप्शन संगठन के प्रभारी निरीक्षक शिव मनोहर यादव ने बताया कि कुशीनगर के उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध रिश्वत लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का सत्यापन कर साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर ट्रैप टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई रविन्द्रनगर धूस थाना में की जा रही है।4
- कुशीनगर में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्यवाही ,जिला उद्योग विभाग के लिपिक शैलेश कुशवाहा गिरफ्तार कुशीनगर में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्यवाही - जिला उद्योग विभाग के लिपिक शैलेश कुशवाहा गिरफ्तार - पांच हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार - मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना मे अनुदान दिलाने के नाम पर मांग रहा था रिश्वत - अमन कश्यप की पत्नी के नाम से थी अनुदान की फ़ाइल - एंटी करप्शन टीम अपने साथ गोरखपुर ले गई लिपिक को1
- ओआरएस सप्ताह: सीएचसी देवतहा में डायरिया से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान1
- Vaibhav Suryavanshi has set a new record in international cricket1
- कुशीनगर:नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पटेरा बुजुर्ग गांव के सामने ड्रेन में तीन बच्चियां डूब गईं कुशीनगर:नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पटेरा बुजुर्ग गांव के सामने ड्रेन में तीन बच्चियां डूब गईं। डूबने वालों में दो सगी बहनें और उनकी एक चचेरी बहन शामिल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। तीनों बच्चियों की तलाश जारी है। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों बच्चियां दुबौली गांव की रहने वाली हैं?2