आलीराजपुर में क्रांतिकारी शहीद छीतुसिंह किराड़ समिति के युवाओं ने गुजरात जाकर किया रक्तदान, बचाई सिकलसेल पीड़ित की जान आलीराजपुर, 09 मार्च 2026 निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) आलीराजपुर जिले में 'क्रांतिकारी शहीद छीतुसिंह किराड़ आकस्मिक रक्तदान समिति' के युवाओं ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। समिति के पांच सदस्यों ने आपात स्थिति में रक्तदान कर न केवल मरीजों की जान बचाई, बल्कि समाज को "रक्तदान-महादान" का संदेश भी दिया। गुजरात के अस्पताल पहुँचकर किया 4 यूनिट रक्तदान समिति के संस्थापक भंगुसिंह तोमर ने बताया कि ग्राम उमराली के निवासी इलू गुजरिया पिछले एक माह से वाघोडिया (गुजरात) के पारुल अस्पताल में गंभीर बीमारी के चलते भर्ती हैं। सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित इस मरीज को तत्काल 4 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य शिवांशु बामनिया, अरुण तोमर, दिलीप निंगवाल और अश्विन निंगवाल तुरंत गुजरात के लिए रवाना हुए और अस्पताल पहुँचकर रक्तदान किया। जिला अस्पताल में भी सक्रिय रही टीम इसी क्रम में समिति के एक अन्य सदस्य कैलाश डावर (ग्राम बडदला) ने आलीराजपुर जिला चिकित्सालय में एक जरूरतमंद मरीज को रक्तदान कर अपना मानवीय धर्म निभाया। रक्तदान के बाद कैलाश डावर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि— "रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है। यह एक पुनीत कार्य है और जरूरत के समय किसी की जान बचाना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है।" पिछले तीन वर्षों से जारी है सेवा का सफर उल्लेखनीय है कि यह समिति पिछले तीन वर्षों से जिले और आसपास के क्षेत्रों में इमरजेंसी में रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। समिति के सदस्यों की इस तत्परता और सराहनीय कार्य पर जिले के प्रबुद्धजनों ने पांचों युवाओं को बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
आलीराजपुर में क्रांतिकारी शहीद छीतुसिंह किराड़ समिति के युवाओं ने गुजरात जाकर किया रक्तदान, बचाई सिकलसेल पीड़ित की जान आलीराजपुर, 09 मार्च 2026 निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) आलीराजपुर जिले में 'क्रांतिकारी शहीद छीतुसिंह किराड़ आकस्मिक रक्तदान समिति' के युवाओं ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। समिति के पांच सदस्यों ने आपात स्थिति में रक्तदान कर न केवल मरीजों की जान बचाई, बल्कि समाज को "रक्तदान-महादान" का संदेश भी दिया। गुजरात के अस्पताल पहुँचकर किया 4 यूनिट रक्तदान समिति के संस्थापक भंगुसिंह तोमर ने बताया कि ग्राम उमराली के निवासी इलू गुजरिया पिछले एक माह से वाघोडिया (गुजरात) के पारुल अस्पताल में गंभीर बीमारी के चलते भर्ती हैं। सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित इस मरीज को तत्काल 4 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य शिवांशु बामनिया, अरुण तोमर, दिलीप निंगवाल और अश्विन निंगवाल तुरंत गुजरात के लिए रवाना हुए और अस्पताल पहुँचकर रक्तदान किया। जिला अस्पताल में भी सक्रिय रही टीम इसी क्रम में समिति के एक अन्य सदस्य कैलाश डावर (ग्राम बडदला) ने आलीराजपुर जिला चिकित्सालय में एक जरूरतमंद मरीज को रक्तदान कर अपना मानवीय धर्म निभाया। रक्तदान के बाद कैलाश डावर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि— "रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है। यह एक पुनीत कार्य है और जरूरत के समय किसी की जान बचाना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है।" पिछले तीन वर्षों से जारी है सेवा का सफर उल्लेखनीय है कि यह समिति पिछले तीन वर्षों से जिले और आसपास के क्षेत्रों में इमरजेंसी में रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। समिति के सदस्यों की इस तत्परता और सराहनीय कार्य पर जिले के प्रबुद्धजनों ने पांचों युवाओं को बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
- जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल *आगजनी से उजड़े परिवार को मिला सहारा: जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने दिलाई तत्काल राहत* जोबट। विकासखंड जोबट के ग्राम बलदमुंग–मसानिया फलिया में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना में शंकर सिंह भूरसिंह मसानिया का पूरा मकान और घर का सामान जलकर खाक हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर जोबट विधायक सेना महेश पटेल मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। विधायक सेना पटेल ने पीड़ित परिवार से घटना की पूरी जानकारी ली और उनकी समस्याओं को समझा। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने एसडीएम जोबट और जोबट थाना प्रभारी से बातचीत कर घटना की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि घटना का पंचनामा अभी तक तैयार नहीं किया गया था। इस पर विधायक ने तत्काल रिपोर्ट की प्रति मंगवाई और संबंधित पटवारी को मौके पर बुलाकर वहीं पंचनामा बनाने की प्रक्रिया शुरू करवाई। पीड़ित परिवार को तत्काल राहत दिलाने के लिए विधायक के प्रयास से रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से ₹10,000 की नगद सहायता उपलब्ध करवाई गई। इसके साथ ही विधायक सेना महेश पटेल ने अपनी विधायक स्वेच्छानिधि से ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके और वे अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित कर सकें। विधायक ने कहा कि किसी भी आपदा या संकट की घड़ी में जनता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को शासन की अन्य राहत योजनाओं का लाभ भी शीघ्र दिलाया जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में यदि किसी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वे हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने भी विधायक के इस संवेदनशील कदम की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधि का मौके पर पहुंचकर सहायता दिलाना सराहनीय है। विधायक की इस पहल से पीड़ित परिवार को आर्थिक ही नहीं, बल्कि मानसिक सहारा भी मिला है।1
- दारू कैसे बनती है? 😱 30 Seconds में पूरा Process | Alcohol Making Secret”1
- Post by Bhiku Vasuniya1
- Post by Mukesh1
- पीली टीशर्ट, लंबे बाल और गोल टोपी: लड़की बनकर एग्जाम देने पहुंचा लड़का, वजह जान मुस्कुराने लगे सब बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शुक्रवार को बोर्ड परीक्षा के दौरान एक ऐसा नजारा दिखा, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। पानसेमल स्थित शासकीय कन्या विद्यालय परीक्षा केंद्र पर जब एक परीक्षार्थी ने प्रवेश किया, तो सुरक्षा में तैनात अमला उसे देखता ही रह गया। पीली शर्ट, लंबे बाल और गोल टोपी पहने वह परीक्षार्थी दिखने में पूरी तरह लड़की थी, लेकिन उसकी कद-काठी ने संदेह पैदा कर दिया। कुछ देर के लिए सेंटर पर अफरातफरी मची, पर जब असलियत सामने आई तो हर कोई छात्र की अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा का कायल हो गया।1
- बड़वानी इंदौर लोकायुक्त इकाई ने महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रिश्वत मांगने का एक मामला दर्ज किया है। यह मामला बड़वानी जिले के अंजड़ थाने के उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति के खिलाफ दर्ज किया गया है। उन पर एक ज्वेलर्स संचालक से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है, जिसमें से 15,000 रुपये लेते हुए वे पकड़े गए। शिकायतकर्ता जयराज चौधरी, जो अंजड़ में डायमंड ज्वेलर्स के संचालक हैं और सौर ऊर्जा सामग्री की आपूर्ति का भी काम करते हैं, ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। लगभग एक साल पहले, भारत बर्फा नामक व्यक्ति की आत्महत्या के एक मामले में उपनिरीक्षक महावीर चंदेल ने जयराज चौधरी से पूछताछ की थी। शिकायत के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को उपनिरीक्षक चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति अंजड़ न्यायालय के पास जयराज चौधरी से मिले। उपनिरीक्षक ने चौधरी से कहा कि उन्होंने उन्हें इस मामले में परेशान नहीं किया है और अब केस खत्म कर देंगे। उन्होंने आरक्षक पवन प्रजापति के माध्यम से 50,000 रुपये 'खर्चा पानी' के रूप में देने की मांग की, अन्यथा उन्हें केस में फंसाने की धमकी दी और बताया कि उनके खिलाफ थाने में और भी मामले हैं। जयराज चौधरी ने इस संबंध में राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को लिखित शिकायत दी। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाई गई। इसके बाद, जब आवेदक ने आरक्षक पवन प्रजापति से संपर्क किया, तो प्रजापति ने उसी समय 15,000 रुपये ले लिए और शेष 15,000 रुपये बाद में देने की बात कही। आरोपी उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है। मामले की विवेचना जारी है।1
- बड़वानी, 09 मार्च 2026 निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने आज संसद के शून्यकाल के दौरान देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग और संविदा के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में आरक्षण व्यवस्था लागू करने की पुरजोर वकालत की। संविधान की भावना के विपरीत है वर्तमान व्यवस्था सदन को संबोधित करते हुए डॉ. सोलंकी ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4) और 16(4) सामाजिक न्याय और समान अवसर की गारंटी देते हैं। इसके बावजूद वर्तमान में सफाई कर्मी, डेटा एंट्री ऑपरेटर से लेकर इंजीनियर तक के पदों पर हो रही आउटसोर्स भर्तियों में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग (SC/ST/OBC) के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत बताया। 10 से 15 करोड़ लोग संविदा व्यवस्था में, सुरक्षा का अभाव डॉ. सोलंकी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में लगभग 10 से 15 करोड़ लोग संविदा या आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश के करीब 10 लाख लोग शामिल हैं। उन्होंने इन कर्मचारियों की पीड़ा साझा करते हुए कहा: 10-15 वर्षों तक कार्य करने के बाद भी कर्मचारी स्थायी नहीं हो पाते। ठेकेदार बदलते ही कर्मचारियों को हटा दिया जाता है। स्वीकृत वेतन से कम भुगतान और सामाजिक सुरक्षा का अभाव बना रहता है। संसदीय समिति गठन की मांग सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि आउटसोर्स और संविदा के माध्यम से की जाने वाली सभी भर्तियों में आरक्षण अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। उन्होंने इस विषय पर एक उच्चस्तरीय संसदीय समिति गठित करने और वर्तमान भर्तियों की समीक्षा करने की भी मांग की, ताकि समाज के वंचित वर्ग के युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके। डॉ. सोलंकी ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार समावेशी विकास के लिए इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाएगी।1
- गांव माथना ग्रामीण कि हुंकार जल जंगल जमीन के लिए1