मनासा में शांति समिति की बैठक सम्पन्न, आगामी आयोजनों को लेकर प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों ने किया मंथन मनासा। आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मनासा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर के सभी समुदायों के वरिष्ठजन, विभिन्न आयोजनों के आयोजक, नगर परिषद अध्यक्ष, एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने आयोजकों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। वहीं उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठजनों ने भी शांतिपूर्ण वातावरण में सभी कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन आपसी समन्वय, अनुशासन और सद्भाव के साथ संपन्न कराए जाएंगे तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
मनासा में शांति समिति की बैठक सम्पन्न, आगामी आयोजनों को लेकर प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों ने किया मंथन मनासा। आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मनासा में शांति समिति की
बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर के सभी समुदायों के वरिष्ठजन, विभिन्न आयोजनों के आयोजक, नगर परिषद अध्यक्ष, एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने
की अपील की गई। अधिकारियों ने आयोजकों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। वहीं उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठजनों ने भी शांतिपूर्ण वातावरण में सभी कार्यक्रमों के सफल
आयोजन के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन आपसी समन्वय, अनुशासन और सद्भाव के साथ संपन्न कराए जाएंगे तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
- रामपुरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक सम्पन्न, श्रावणी मेला व 40वें मोहर्रम को सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील रामपुरा। आगामी उत्सव एवं 40वें मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को रामपुरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीओपी शबेरा अंसारी, तहसीलदार कमलेश डुडवे, थाना प्रभारी निलेश सोलंकी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नंदलाल प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों एवं शांति समिति के सदस्यों से आगामी पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम एवं सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने की भी समझाइश दी गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और सभी पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों। बैठक में नगर के गणमान्य नागरिक, शांति समिति के सदस्य एवं पत्रकार बंधु भी उपस्थित रहे।4
- सिटी थाने के पास चाय की गुमटी पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, पुलिस पर उठे सवाल नीमच शहर के मनासा नाका क्षेत्र में सिटी थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित एक चाय की गुमटी को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रहवासियों का कहना है कि यहां देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है और नशाखोरी की गतिविधियां होती हैं। गुरुवार रात रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद भी हुआ, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों ने पुलिस और नगर पालिका से गुमटी व अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- "मैं नीमच हूँ… और मेरे फेफड़े काटे जा रहे हैं!" जंगलों की खामोश चीख, जवाब कौन देगा? नमस्कार… मैं नीमच हूँ… वही नीमच, जिसकी पहचान कभी नीम के पेड़ों, घने जंगलों और हरियाली से होती थी। लेकिन आज ऐसा लगता है जैसे मेरे फेफड़े धीरे-धीरे काटे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई के कई वीडियो सामने आ रहे हैं। इन वीडियो की सत्यता की पुष्टि होना जरूरी है, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह है कि यदि इनमें सच्चाई है, तो जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है? और यदि ये भ्रामक हैं, तो उनका खंडन क्यों नहीं किया गया? नीमच, मनासा, जावद, जीरन, रतनगढ़ और रामपुरा के वन क्षेत्रों को लेकर समय-समय पर अवैध कटाई और अतिक्रमण की शिकायतें उठती रही हैं। आखिर जंगलों की निगरानी कौन कर रहा है? कितनी वन भूमि सुरक्षित है? कितने अवैध कटान रोके गए? और कितनों पर कार्रवाई हुई? याद रखिए… पेड़ सिर्फ लकड़ी नहीं होते। यही पेड़ बारिश लाते हैं, भूजल बचाते हैं और हमें जीवन देने वाली ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। जब एक जंगल उजड़ता है, तो केवल पेड़ नहीं गिरते, बल्कि भविष्य भी कमजोर होता है। यह किसी पर आरोप लगाने की कोशिश नहीं, बल्कि सच सामने लाने की एक अपील है। यदि जंगल सुरक्षित हैं तो तथ्य जनता के सामने रखे जाएँ। और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। क्योंकि सवाल सिर्फ पेड़ों का नहीं… सवाल नीमच की पहचान, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है। मैं नीमच हूँ… और मैं पूछ रहा हूँ—क्या मेरे जंगल बचेंगे? 🌿1
- नशे से दूरी" फुटबॉल टूर्नामेंट में बवाल! 1-0 की हार के बाद खिलाड़ियों पर कथित हमला, खेल भावना पर उठे सवाल; कार्रवाई नहीं हुई तो NFA ने टूर्नामेंट के बहिष्कार की दी चेतावनी फाइनल नहीं खेलेंगे1
- मन्दसौर कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दीपक गुर्जर और उनके साथियों पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा दीपक गुर्जर एवं साथियों पर मुकदमा दर्ज1
- NEWS:- नीमच में खेल मैदान बचाने के लिए सड़कों पर उतरे खिलाड़ी मनासा।नीमच में शनिवार को विरोध का एक अनोखा और रचनात्मक तरीका देखने को मिला। शहर के खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर सड़क को ही खेल का मैदान बना दिया। भारत माता चौराहे पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर खिलाड़ियों ने प्रशासन तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान पर प्रस्तावित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के निर्माण के विरोध में खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों खिलाड़ी, खेल प्रेमी और नागरिक एकत्र हुए। सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलते खिलाड़ियों को देखकर राहगीर भी कुछ देर के लिए रुक गए।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका विरोध स्कूल निर्माण से नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षा और खेल दोनों समाज के लिए समान रूप से जरूरी हैं। इसलिए स्कूल का निर्माण किसी वैकल्पिक सरकारी भूमि पर किया जाए, जबकि इस ऐतिहासिक खेल मैदान को सुरक्षित रखा जाए। खिलाड़ियों का कहना है कि इसी मैदान से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। वर्षों से यह मैदान क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। उनका कहना है कि यदि मैदान खत्म हुआ तो हजारों खिलाड़ियों के अभ्यास का सबसे बड़ा स्थान भी समाप्त हो जाएगा। संघर्ष समिति के अनुसार प्रस्तावित करीब 39 करोड़ 23 लाख रुपये की परियोजना के तहत मैदान पर निर्माण की योजना है। इसी के विरोध में पहले ज्ञापन, धरना, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और अन्य चरणों में आंदोलन किया जा चुका है। अब सड़क पर खेलकर विरोध दर्ज कराया गया है। प्रदर्शन में विभिन्न खेल क्लबों के सदस्य, राज्य स्तरीय खिलाड़ी, मॉर्निंग वॉकर्स और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। समिति ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के खेल और भविष्य को बचाने की लड़ाई है। अब देखना होगा कि खिलाड़ियों के इस अनोखे विरोध के बाद प्रशासन क्या फैसला लेता है।1
- गरोठ बरखेड़ा गंगासा में बीमा राशि नहीं मिलने पर सैकड़ो किसान सड़क पर धरना प्रदर्शन चक्का जाम पर बैठे। गरोठ बरखेड़ा गंगासा में बीमा राशि नहीं मिलने पर सैकड़ो किसान सड़क पर धरना प्रदर्शन चक्का जाम पर बैठे।मंदसौर गरोठ के पास बरखेड़ा गंगासा में कृषि बीमा राशी 2024/25वर्ष की नहीं मिलने पर हजारों किसान धरने पर बैठे हैं। आस पास के गाँव से भी किसान इकठ्ठा होने की सूचना है। इंद्रेश पाटीदार मंदसौर गरोठ।1