Shuru
Apke Nagar Ki App…
कौशाम्बी में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने जमकर तबाही मचाई। इस घटना में घर के बाहर बैठे लोग बाल-बाल बच गए और उनकी जान खतरे से बाहर रही।
T B NEWS
कौशाम्बी में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने जमकर तबाही मचाई। इस घटना में घर के बाहर बैठे लोग बाल-बाल बच गए और उनकी जान खतरे से बाहर रही।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज के दादूपुर स्थित करमा हेल्थ सेंटर के डॉ. अंजनेय शुक्ला ने चेतावनी दी है कि मौजूदा लू की स्थिति बेहद खतरनाक है। उन्होंने इससे बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सलाहें दी हैं, जिनमें मुख्य रूप से धूप से बचना, पर्याप्त पानी पीना और अपने सिर को ढककर रखना शामिल है। डॉ. शुक्ला के अनुसार, लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और सूती कपड़े पहनने चाहिए। प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, ओआरएस, नींबू पानी और छाछ पीने की सलाह दी गई है। साथ ही, तरबूज और खीरे जैसे फल खाने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने चाय, कॉफी और शराब के सेवन से बचने की भी हिदायत दी है। यदि किसी को चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। डॉ. अंजनेय शुक्ला ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि इस खतरनाक लू से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण उपाय है।1
- मिर्जापुर जिले के जिगना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेनू पट्टी गांव में एक जमीन विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक पड़ोसी ने पहले अपनी जमीन पर घर का निर्माण करवाया और अब वह एक छोटे भाई की जमीन पर भी नया निर्माण करवा रहा है।1
- प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के उरूवा विकासखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मेजारोड बाजार में आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़क पर झुंड बनाकर घूमने और बीच रास्ते में बैठने के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिन-रात मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है, और कई बार सड़क पर बैठे इन मवेशियों से टकराकर वाहन चालक घायल भी हो चुके हैं। दो दिन पहले ही मिर्जापुर के जिगना निवासी सचिन देव एक आवारा मवेशी से टकराकर चोटिल हो गए थे, जब वे बाइक से गुजर रहे थे। गनीमत रही कि उन्होंने समय रहते बाइक पर नियंत्रण पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सिर्फ राहगीर ही नहीं, बल्कि बाजार के दुकानदार भी इन मवेशियों से खासे परेशान हैं। आवारा मवेशी दुकानों में घुसकर फल और सब्जियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि कई बार ये जानवर पूरा सामान बर्बाद कर देते हैं। व्यापारी मक्खन लाल, साधु पटेल, बबलू सोनकर, रविशंकर प्रसाद और जय कुमार ने एक स्वर में अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण बाजार में व्यापार करना बहुत मुश्किल हो गया है। उनका दुकान का सामान आए दिन बर्बाद हो रहा है और सड़क पर हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने शिकायत की है कि कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अब प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की माँग की है, ताकि इन आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजा जा सके और सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके, साथ ही व्यापारियों को भी राहत मिल सके।1
- क्षत्रिय सोनार युवक समिति, प्रयागराज द्वारा समाज के होनहार छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य को प्रोत्साहित करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए एक भव्य 'छात्र-छात्रा सम्मान एवं संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, वर्ष 2025-26 की हाई स्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले समाज के सभी मेधावी छात्र-छात्राएँ पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह सम्मान समारोह 14 जून 2026, रविवार को प्रयागराज स्थित कल्याणी देवी स्वर्णकार धर्मशाला में आयोजित होगा।1
- कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील स्थित कटैया घाट पर 'लाल सोने' यानी बालू के अवैध खनन की जांच करने पहुंची खनन विभाग की टीम को माफियाओं ने रास्ते में ही रोक दिया। यह घटना तब हुई जब टीम खंड संख्या 10/19 से 10/21 में अवैध खनन की शिकायत पर जांच के लिए जा रही थी। माफियाओं ने रास्ते में डंपर लगाकर टीम का रास्ता बंद कर दिया, जिसके कारण अधिकारियों को बिना जांच किए ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं के बुलंद हौसले और अधिकारियों की बेबसी साफ दिख रही है। आरोप है कि सत्ता पोषित माफिया मनीष ओझा, जिन्हें पट्टा धारक विजय कुमार सिंह का प्रतिनिधि बताया जाता है, ने अपने लोगों के साथ मिलकर डंपर लगवाकर जांच टीम को रोका। रास्ता बंद करने के बाद मनीष ओझा ने अपने गुर्गे फरीद बाबा को भी समर्थकों के साथ मौके पर बुला लिया। आरोप के अनुसार, जांच टीम पर दबाव बनाने के लिए दर्जनों गुंडों को मौके पर उतारा गया। अधिकारी की गाड़ी के आसपास घंटों तक दबंगों का जमावड़ा लगा रहा और नारेबाजी तथा हंगामे के बीच टीम को घाट तक नहीं जाने दिया गया। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर खनन माफियाओं को कौन संरक्षण दे रहा है और क्या जिले में प्रशासन का खौफ खत्म हो गया है, या फिर सरकारी सिस्टम में ही माफियाओं की गहरी पैठ हो चुकी है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार शासन ने मामले का संज्ञान लिया है और जिलाधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।1
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज-मिर्जापुर नेशनल हाईवे 35 पर मांडा थाना क्षेत्र की दिघिया चौकी से महज 300 मीटर की दूरी पर एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। यह दुर्घटना एक अंधे मोड़ पर हुई। कास्टिक से लदी पिकअप के पलटने से पूरा कास्टिक हाईवे पर बिखर गया, जिसके कारण आवागमन बाधित हो गया।1
- प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र में इन दिनों धड़ल्ले से मिट्टी खनन किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहाँ बिना किसी डर के लगातार मिट्टी की खुदाई की जा रही है और उसे डंपरों से ले जाया जा रहा है। इस अवैध खनन से संबंधित एक वीडियो बुधवार सुबह करीब 11 बजे सामने आया है, जिसमें अवैध खनन का दावा किया गया है। इस मामले में हंडिया के SDM से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। यह स्थिति दर्शाती है कि क्षेत्र में बेखौफ होकर अवैध मिट्टी खनन जारी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इससे बेखबर बने हुए हैं।1
- प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र में भीरपुर रेलवे स्टेशन चौराहे के पास मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे सूखी झाड़ियों और खरपतवार में भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि कुछ अराजक तत्वों ने यह आग लगाई थी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ऊंची लपटें उठने लगीं और धुआं छा गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझ जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और आग लगाने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3