logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

2 hrs ago
user_PRADEEP PURI
PRADEEP PURI
गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
d923ff7e-b906-4fdb-8799-883c217ab875

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 25 जून 2026 को थाना पिलखुवा को सूचित किया कि वह पिलखुवा आया था और बैंक से 1 लाख रुपए निकालकर नई बाइक खरीदने गया था। किसी कारणवश वह बाइक नहीं खरीद सका। उन्हें अचानक वॉशरूम जाने की आवश्यकता हुई, जिस पर उन्होंने सड़क पार करके पास खड़े एक छोटे हाथी पर रुपयों का बैग टांग दिया। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि वहां बैग नहीं था। इस संबंध में थाना पिलखुवा ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें इस घटना में आवेदक के पुत्र और उसके दोस्तों का हाथ होने की पुष्टि हुई। फिलहाल, आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी पिलखुवा श्री मुनीश चन्द्र ने आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है।
    1
    गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 25 जून 2026 को थाना पिलखुवा को सूचित किया कि वह पिलखुवा आया था और बैंक से 1 लाख रुपए निकालकर नई बाइक खरीदने गया था। किसी कारणवश वह बाइक नहीं खरीद सका। उन्हें अचानक वॉशरूम जाने की आवश्यकता हुई, जिस पर उन्होंने सड़क पार करके पास खड़े एक छोटे हाथी पर रुपयों का बैग टांग दिया। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि वहां बैग नहीं था।

इस संबंध में थाना पिलखुवा ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें इस घटना में आवेदक के पुत्र और उसके दोस्तों का हाथ होने की पुष्टि हुई।

फिलहाल, आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी पिलखुवा श्री मुनीश चन्द्र ने आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है।
    user_समीर चौधरी
    समीर चौधरी
    Court reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    2
    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आज एक बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी मोदीनगर के निर्देशानुसार, राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सुहाना स्थित चकमार्ग की भूमि पर अभियान चलाया। प्रशासन के अनुसार, खसरा संख्या 336 रकबा 0.0280 हेक्टेयर और खसरा संख्या 637/702 रकबा 0.0510 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के नाम दर्ज है। तहसीलदार मोदीनगर की उपस्थिति में राजस्व टीम ने मौके पर पहुँचकर भूमि का सीमांकन किया। जाँच के दौरान पाया गया कि सार्वजनिक उपयोग और सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ईख की फसल खड़ी थी। इसके बाद प्रशासन ने ट्रैक्टर का उपयोग करके इस फसल को जुतवा दिया, जिससे भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    1
    गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आज एक बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी मोदीनगर के निर्देशानुसार, राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सुहाना स्थित चकमार्ग की भूमि पर अभियान चलाया। प्रशासन के अनुसार, खसरा संख्या 336 रकबा 0.0280 हेक्टेयर और खसरा संख्या 637/702 रकबा 0.0510 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के नाम दर्ज है।

तहसीलदार मोदीनगर की उपस्थिति में राजस्व टीम ने मौके पर पहुँचकर भूमि का सीमांकन किया। जाँच के दौरान पाया गया कि सार्वजनिक उपयोग और सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ईख की फसल खड़ी थी। इसके बाद प्रशासन ने ट्रैक्टर का उपयोग करके इस फसल को जुतवा दिया, जिससे भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
    4
    गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे।

जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी।

गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
    user_Mr.Singh Patrakar
    Mr.Singh Patrakar
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशाम्बी और मसूरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। एक व्यक्ति, जिसे परिवार और पुलिस रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया था और जिसकी तेरहवीं भी हो चुकी थी, वह अचानक जीवित अपने घर लौट आया। वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद जब गिरधर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कथित मृतक गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर लौट आए। जानकारी के अनुसार, गिरधर ने बताया कि वह नाराज़ होकर पंजाब में एक सत्संग में चले गए थे और अब वापस लौटे हैं। गिरधर के लौटने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि वह इतने दिनों तक कहां रहे और परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह किसका था। इस पूरे मामले ने अब पुलिस की जांच प्रक्रिया, जांच प्रणाली और शव सुपुर्दगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी प्रश्न उठ रहा है कि पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और क्या डीएनए परीक्षण या अन्य वैज्ञानिक पहचान प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई थी। यदि हत्या के आरोप गलत साबित होते हैं, तो उन लोगों का क्या होगा, जिन्हें इस मामले में हिरासत और जांच का सामना करना पड़ा। यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही संवेदनशील भी माना जा रहा है। अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की जिम्मेदारी किसकी तय होती है और जिस अज्ञात शव को गिरधर समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी वास्तविक पहचान आखिर कब सामने आएगी।
    1
    गाजियाबाद के कौशाम्बी और मसूरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। एक व्यक्ति, जिसे परिवार और पुलिस रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया था और जिसकी तेरहवीं भी हो चुकी थी, वह अचानक जीवित अपने घर लौट आया। वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद जब गिरधर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कथित मृतक गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर लौट आए। जानकारी के अनुसार, गिरधर ने बताया कि वह नाराज़ होकर पंजाब में एक सत्संग में चले गए थे और अब वापस लौटे हैं। गिरधर के लौटने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि वह इतने दिनों तक कहां रहे और परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह किसका था।

इस पूरे मामले ने अब पुलिस की जांच प्रक्रिया, जांच प्रणाली और शव सुपुर्दगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी प्रश्न उठ रहा है कि पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और क्या डीएनए परीक्षण या अन्य वैज्ञानिक पहचान प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई थी। यदि हत्या के आरोप गलत साबित होते हैं, तो उन लोगों का क्या होगा, जिन्हें इस मामले में हिरासत और जांच का सामना करना पड़ा। यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही संवेदनशील भी माना जा रहा है। अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की जिम्मेदारी किसकी तय होती है और जिस अज्ञात शव को गिरधर समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी वास्तविक पहचान आखिर कब सामने आएगी।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आर्य समाज द्वारा महर्षि दयानंद चौक पर भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से मीठे ठंडे शर्बत की छबील का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गायत्री मंत्र और प्रार्थना उपासना के मंत्रों के उच्चारण के साथ आरंभ हुआ और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक श्री विनोद त्यागी जी, पार्षद श्री हरीश कड़ा कोटी जी, राष्ट्रीय व्यापार मंडल इंदिरापुरम के अध्यक्ष आदरणीय श्री संजीव तेवतिया जी, भाजपा नेता सागर रावत जी, तथा आर्य समाज इंदिरापुरम के प्रधान श्री प्रदीप आर्य जी, मंत्री श्री दिग्विजय सिंह आर्य जी, कोषाध्यक्ष श्री हर्ष कुमार भाटिया जी, उप मंत्री श्री राकेश आर्य जी, संगठन श्री सुशील कुमार जी, व्यवस्था मंत्री श्री जयप्रकाश सिंह आर्य जी, श्री अशोक कालड़ा जी, श्री अशोक बंसल जी और श्री गुलाब आर्य जी सहित यशवीर आर्य, श्रेष्ठ कुमार, आदित्य और श्री संजय गुप्ता जी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना श्रीमती मीरा आर्या जी, मंत्राणी श्रीमती सविता सिंह आर्या जी, श्रीमती शशि मल्हन जी, श्रीमती आशा देवी जी, श्रीमती सीमा गुप्ता, अरुणा बंसल जी, दिनेश चंद्र माथुर, राजन गोयल, देवेंद्र गोयल, योगेश अग्रवाल जी, विनय सिंगला जी, लावन्या सिंगला और विवान सिंगला ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए प्रभु भक्ति और महर्षि दयानंद के भजनों व मंत्रों का गायन भी किया गया। आयोजन के सफल समापन पर सभी का धन्यवाद किया गया। इस मीठे शर्बत की छबील को सफलतापूर्वक लगाने में श्रीमती मीरा आर्या, महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना, समस्त अधिकारीगण और आर्य समाज इंदिरापुरम, गाजियाबाद के सदस्यगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    1
    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आर्य समाज द्वारा महर्षि दयानंद चौक पर भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से मीठे ठंडे शर्बत की छबील का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गायत्री मंत्र और प्रार्थना उपासना के मंत्रों के उच्चारण के साथ आरंभ हुआ और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक श्री विनोद त्यागी जी, पार्षद श्री हरीश कड़ा कोटी जी, राष्ट्रीय व्यापार मंडल इंदिरापुरम के अध्यक्ष आदरणीय श्री संजीव तेवतिया जी, भाजपा नेता सागर रावत जी, तथा आर्य समाज इंदिरापुरम के प्रधान श्री प्रदीप आर्य जी, मंत्री श्री दिग्विजय सिंह आर्य जी, कोषाध्यक्ष श्री हर्ष कुमार भाटिया जी, उप मंत्री श्री राकेश आर्य जी, संगठन श्री सुशील कुमार जी, व्यवस्था मंत्री श्री जयप्रकाश सिंह आर्य जी, श्री अशोक कालड़ा जी, श्री अशोक बंसल जी और श्री गुलाब आर्य जी सहित यशवीर आर्य, श्रेष्ठ कुमार, आदित्य और श्री संजय गुप्ता जी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना श्रीमती मीरा आर्या जी, मंत्राणी श्रीमती सविता सिंह आर्या जी, श्रीमती शशि मल्हन जी, श्रीमती आशा देवी जी, श्रीमती सीमा गुप्ता, अरुणा बंसल जी, दिनेश चंद्र माथुर, राजन गोयल, देवेंद्र गोयल, योगेश अग्रवाल जी, विनय सिंगला जी, लावन्या सिंगला और विवान सिंगला ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए प्रभु भक्ति और महर्षि दयानंद के भजनों व मंत्रों का गायन भी किया गया।

आयोजन के सफल समापन पर सभी का धन्यवाद किया गया। इस मीठे शर्बत की छबील को सफलतापूर्वक लगाने में श्रीमती मीरा आर्या, महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना, समस्त अधिकारीगण और आर्य समाज इंदिरापुरम, गाजियाबाद के सदस्यगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र के भोपुरा तिराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया है कि GDA ने वर्षों पहले उनकी लगभग 92 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके बदले उन्हें 6 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का वादा किया गया था। हालांकि, यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें निर्धारित नीति के तहत विकसित प्लॉट आवंटित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने प्लॉट नहीं मिले हैं, और किसानों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने GDA प्रशासन से तत्काल बातचीत कर अपने लंबित मामलों को निपटाने की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अमित कसाना और ग्रामीण नवीन ने भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्राधिकरण पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
    1
    गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र के भोपुरा तिराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया है कि GDA ने वर्षों पहले उनकी लगभग 92 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके बदले उन्हें 6 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का वादा किया गया था। हालांकि, यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है।

धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें निर्धारित नीति के तहत विकसित प्लॉट आवंटित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने प्लॉट नहीं मिले हैं, और किसानों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने GDA प्रशासन से तत्काल बातचीत कर अपने लंबित मामलों को निपटाने की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अमित कसाना और ग्रामीण नवीन ने भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्राधिकरण पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक क्रेन का इस्तेमाल कर टाटा मैजिक वैन को करीब 40 फीट ऊपर लटका दिया गया। वैन पर सवार दो युवक इस दौरान लाल झंडे लहराते रहे, और फिर अचानक एक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। बताया गया कि धमाके से पहले वैन पर "ले फिर आ गए" लिखा हुआ था। इस घटना का एक वीडियो परवेज एडिट्स_2.0 नाम की इंस्टाग्राम आईडी से तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केवल विस्फोट ही नहीं, बल्कि युवकों के कई खतरनाक स्टंट भी कैद हैं। वीडियो देखने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब उज्जैन में दही हांडी और पटाखों पर प्रतिबंध लग जाता है, तो फिर गाड़ी को बम से उड़ाकर "आतंकी गतिविधि" जैसा संदेश देने की इजाजत कैसे मिल गई। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इससे "काफिरों की गाड़ियां ऐसे ही उड़ाएंगे" जैसा संदेश दिया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने भी बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे हुए थे। इस पूरे मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन ने इस तरह की गतिविधि के लिए कोई अनुमति दी थी या नहीं। बड़नगर के टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विस्फोट किस चीज से किया गया और अनुमति थी या नहीं, इसकी जांच के बाद शाम तक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    1
    उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक क्रेन का इस्तेमाल कर टाटा मैजिक वैन को करीब 40 फीट ऊपर लटका दिया गया। वैन पर सवार दो युवक इस दौरान लाल झंडे लहराते रहे, और फिर अचानक एक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। बताया गया कि धमाके से पहले वैन पर "ले फिर आ गए" लिखा हुआ था।

इस घटना का एक वीडियो परवेज एडिट्स_2.0 नाम की इंस्टाग्राम आईडी से तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केवल विस्फोट ही नहीं, बल्कि युवकों के कई खतरनाक स्टंट भी कैद हैं। वीडियो देखने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब उज्जैन में दही हांडी और पटाखों पर प्रतिबंध लग जाता है, तो फिर गाड़ी को बम से उड़ाकर "आतंकी गतिविधि" जैसा संदेश देने की इजाजत कैसे मिल गई। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इससे "काफिरों की गाड़ियां ऐसे ही उड़ाएंगे" जैसा संदेश दिया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने भी बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे हुए थे।

इस पूरे मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन ने इस तरह की गतिविधि के लिए कोई अनुमति दी थी या नहीं। बड़नगर के टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विस्फोट किस चीज से किया गया और अनुमति थी या नहीं, इसकी जांच के बाद शाम तक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    45 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.