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पीलीभीत में 5 साल का प्यार का अंजाम अब मौत में बदल गया जहां पर एक इंजीनियर ने होटल में जाकर जहर खा लिया

2 hrs ago
user_Pankaj gupta
Pankaj gupta
Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

पीलीभीत में 5 साल का प्यार का अंजाम अब मौत में बदल गया जहां पर एक इंजीनियर ने होटल में जाकर जहर खा लिया

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  • Post by समाचार Crime News
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    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 min ago
  • पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया। दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रोसनजीत चौधरी को “सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।” फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l
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    पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया।
दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।  प्रोसनजीत चौधरी को 
“सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।”
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    47 min ago
  • पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया। न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'? बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने: कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया। किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है। न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल' हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। "यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।" — ऋषि कनौजिया, पीड़ित गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं: बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची? क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है? उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? कानूनी कार्रवाई की आहट इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
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    पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया।
न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'?
बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने:
कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया।
किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए।
इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है।
न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल'
हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
"यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।"
— ऋषि कनौजिया, पीड़ित
गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं:
बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची?
क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है?
उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
कानूनी कार्रवाई की आहट
इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • Post by Pankaj gupta
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    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।
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    सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग
पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।
    user_Firasat khan
    Firasat khan
    Pilibhit, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार पीलीभीत जिलाधिकारी द्वारा बेमौसम बारिश से वर्वाद हुई फसल का निरीक्षण किया न्यूरिया हुसैनपुर में खेतो में पहुंचे डीएम।
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    पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार पीलीभीत जिलाधिकारी द्वारा बेमौसम बारिश से वर्वाद हुई फसल का निरीक्षण किया न्यूरिया हुसैनपुर में खेतो में पहुंचे डीएम।
    user_अवधेश गुप्ता
    अवधेश गुप्ता
    Advertising Photographer पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कितनी बेशर्मी है और दोगलापन है। इनसे तो घटिया नेता भी हार जायेंगे।
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    कितनी बेशर्मी है और दोगलापन है। इनसे तो घटिया नेता भी हार जायेंगे।
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    पत्रकार पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • पीलीभीत जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक अपनी मां को सांप काटने के बाद न सिर्फ उन्हें अस्पताल ले गया, बल्कि उस जहरीले सांप को भी पकड़कर साथ ले आया। अस्पताल में हाथ में सांप का डिब्बा देख डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी दंग रह गए। क्या है पूरा मामला? घटना बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गाँव मधईया की है। यहाँ की रहने वाली गंगादेवी घर के काम में व्यस्त थीं, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। आमतौर पर सांप के काटने के बाद लोग दहशत में आ जाते हैं, लेकिन गंगादेवी के बेटे ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए उस सांप को सुरक्षित तरीके से एक डिब्बे में कैद कर लिया। अस्पताल में मची अफरा-तफरी बेटा अपनी मां को लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचा। जैसे ही उसने डॉक्टरों को बताया कि उसकी मां को सांप ने काटा है और सबूत के तौर पर सांप भी साथ लाया है, तो वहां मौजूद लोग और स्टाफ अचंभे में पड़ गए। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांप को एक तरफ सुरक्षित रखवाया और तत्काल महिला का उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने क्या कहा? अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अक्सर मरीज यह नहीं बता पाते कि उन्हें किस सांप ने काटा है, जिससे इलाज (Anti-venom) में थोड़ी देरी या दुविधा होती है। हालांकि, सांप को साथ लाना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन इस मामले में इससे सांप की प्रजाति पहचानने में मदद मिली। "महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। सांप को बाद में सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया गया।" चर्चा का विषय बनी घटना सोशल मीडिया और स्थानीय इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग बेटे के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सांप को पकड़ने की कोशिश करना जानलेवा हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
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    पीलीभीत जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक अपनी मां को सांप काटने के बाद न सिर्फ उन्हें अस्पताल ले गया, बल्कि उस जहरीले सांप को भी पकड़कर साथ ले आया। अस्पताल में हाथ में सांप का डिब्बा देख डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी दंग रह गए।
क्या है पूरा मामला?
घटना बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गाँव मधईया की है। यहाँ की रहने वाली गंगादेवी घर के काम में व्यस्त थीं, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। आमतौर पर सांप के काटने के बाद लोग दहशत में आ जाते हैं, लेकिन गंगादेवी के बेटे ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए उस सांप को सुरक्षित तरीके से एक डिब्बे में कैद कर लिया।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
बेटा अपनी मां को लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचा। जैसे ही उसने डॉक्टरों को बताया कि उसकी मां को सांप ने काटा है और सबूत के तौर पर सांप भी साथ लाया है, तो वहां मौजूद लोग और स्टाफ अचंभे में पड़ गए। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांप को एक तरफ सुरक्षित रखवाया और तत्काल महिला का उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अक्सर मरीज यह नहीं बता पाते कि उन्हें किस सांप ने काटा है, जिससे इलाज (Anti-venom) में थोड़ी देरी या दुविधा होती है। हालांकि, सांप को साथ लाना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन इस मामले में इससे सांप की प्रजाति पहचानने में मदद मिली।
"महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। सांप को बाद में सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया गया।"
चर्चा का विषय बनी घटना
सोशल मीडिया और स्थानीय इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग बेटे के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सांप को पकड़ने की कोशिश करना जानलेवा हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
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