मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाई जा रही "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" मुहिम एक अत्यंत सराहनीय और आवश्यक जन-जागरूकता अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के घातक दुष्परिणामों से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ व नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत समाज को नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी नशे की लत से बचकर अपने जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसमें जन-भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए लोगों से खुद नशा छोड़ने, दूसरों को प्रेरित करने और अवैध नशे की बिक्री या तस्करी की जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई है। नशे के कारण कैंसर, लिवर खराब होना, टीबी और हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियां होती हैं, साथ ही यह मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक रिश्तों में दरार, घरेलू हिंसा और अपराधों को भी बढ़ावा देता है। नशे की इस घातक लत से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की गलत संगत से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। इसके बजाय, युवाओं को अपना ध्यान रचनात्मक कार्यों, व्यायाम, योग या खेलकूद जैसे सकारात्मक शौकों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाई जा रही "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" मुहिम एक अत्यंत सराहनीय और आवश्यक जन-जागरूकता अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के घातक दुष्परिणामों से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ व नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत समाज को नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी नशे की लत से बचकर अपने जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसमें जन-भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए लोगों से खुद नशा छोड़ने, दूसरों को प्रेरित करने और अवैध नशे की बिक्री या तस्करी की जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई है। नशे के कारण कैंसर, लिवर खराब होना, टीबी और हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियां होती हैं, साथ ही यह मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक रिश्तों में दरार, घरेलू हिंसा और अपराधों को भी बढ़ावा देता है। नशे की इस घातक लत से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की गलत संगत से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। इसके बजाय, युवाओं को अपना ध्यान रचनात्मक कार्यों, व्यायाम, योग या खेलकूद जैसे सकारात्मक शौकों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया है।
- मध्य प्रदेश के खंडवा में आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने ओंकारेश्वर पहुंचकर निर्माणाधीन घाटों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण के बाद उन्होंने घाट निर्माण की गुणवत्ता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन व संबंधित एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय नागरिकों से घाट निर्माण में घटिया कार्य की शिकायतें मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ यह निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने आरोप लगाया कि घाट निर्माण में की जा रही एंकरिंग की गहराई पर्याप्त नहीं है, जिससे भविष्य में बाढ़ की स्थिति बनने पर घाटों के क्षतिग्रस्त होने या उखड़ने की आशंका बनी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के विकराल रूप और आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। इसके अलावा, उत्तम पाल सिंह ने ओंकारेश्वर में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सिंहस्थ की तैयारियों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन, नगर परिषद, कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सुरक्षा उपायों को तुरंत मजबूत किया जाए ताकि हादसों पर प्रभावी रोक लग सके। इस दौरान जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन, नगर कांग्रेस अध्यक्ष व पार्षद चम्पाबाई, पार्षद छन्दई बाई, चंद्रकांत माहिल्या, तुलसीराम, दिलीप गवले, अनुराग जोशी, नमन कटारे, गब्बर वर्मा और छाया बाई सहित कई कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- खरगोन जिले के सनावद में जवाहर मार्ग पर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और रेवा गुर्जर महाविद्यालय के सामने निर्माणाधीन सार्वजनिक शौचालय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नागरिक अधिकार मंच ने इस निर्माण स्थल की तकनीकी और प्रशासनिक समीक्षा की मांग को लेकर नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। मंच का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय शहर के लिए एक आवश्यक सुविधा है, लेकिन इसका स्थान ऐसा होना चाहिए जिससे जनसुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और नगर नियोजन पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। ज्ञापन में मंच ने मुख्य रूप से चिंता जताई है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल दो बड़े शिक्षण संस्थानों के मुख्य प्रवेश मार्ग के ठीक सामने है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा, निजता और वहां के शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, यह निर्माण कार्य एक सक्रिय जल निकासी नाले पर किया जा रहा है। यदि निर्माण से पहले इसका तकनीकी परीक्षण और संरचनात्मक मूल्यांकन नहीं किया गया, तो भविष्य में जल निकासी ठप होने, जलभराव होने और रखरखाव से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। चूंकि जवाहर मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, इसलिए यहां यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। नागरिक अधिकार मंच के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि मंच विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि उसकी मांग है कि निर्णय जनहित, सुरक्षा और तय तकनीकी मानकों के अनुरूप लिया जाए। यदि पास में कोई अन्य उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध हो, तो प्रशासन को वैकल्पिक स्थान पर निर्माण करने पर विचार करना चाहिए। इस मामले पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हो चुका है और इसे नियमानुसार परीक्षण व आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे विषय पर नगरपालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।3
- देवास के कन्नौद में 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' के तहत स्थानीय बस स्टैंड पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। थाना कन्नौद द्वारा 19 जुलाई 26 को आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता, बस यात्रियों, ऑटो और निजी वाहनों में सफर करने वाले लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। इस दौरान वाहनों पर पंपलेट लगाकर लोगों को नशे के विरुद्ध सतर्क रहने और इससे जुड़ी जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर देने के लिए प्रेरित किया गया। नाटक के माध्यम से दर्शकों को यह संदेश दिया गया कि ड्रग्स की लत का एक व्यक्ति और उसके परिवार पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ता है और लोग किस प्रकार इस जाल में फंस जाते हैं, ताकि लोग सजग रहकर नशे से दूर रह सकें।4
- भैंसदेही की जनपद पंचायत सभा कक्ष में हर मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। इस जनसुनवाई के दौरान सभी विभागों के कर्मचारी और अधिकारी सतत रूप से मॉनिटरिंग करते हैं और वहां आने वाली आम जनता की सहायता करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर में हुए भीषण सड़क हादसों से पूरा इलाका दहल गया है। इन दर्दनाक हादसों में दो युवकों की मौत हो गई है, जबकि एक बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है।1
- खंडवा को एक बड़ी सौगात मिली है, जहां 25.67 करोड़ रुपये की रिंग रोड को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना के संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष तोमर ने मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस रिंग रोड का निर्माण होने से खंडवा के लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।1
- देवास जिले के कन्नौद थाना अंतर्गत 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' के तहत 20 जुलाई को नशे के विरुद्ध एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों द्वारा एक मानव श्रृंखला बनाई गई। कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों को नशे के दुष्प्रभावों और विशेष रूप से खिलाड़ी जीवन में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही, खेलों में बढ़ते स्टेरॉयड के इस्तेमाल और उसके खतरनाक दुष्परिणामों के बारे में भी उन्हें अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सभी खिलाड़ियों और बालाजी एकेडमी के छात्र-छात्राओं को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।3
- इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय कमल कुमावत की हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड को मृतक के ही 19 वर्षीय भतीजे चेतन कुमावत ने अंजाम दिया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चेतन नशे का आदी था और रुपयों को लेकर हुए विवाद व बंटवारे की रंजिश के चलते उसने किचन के चाकू से अपने ताऊ की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने खून से सने कपड़े एक नाली में फेंक दिए थे। हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध से कड़ी पूछताछ करने के बाद आरोपी को धर दबोचा।1
- मध्य प्रदेश में पुलिस से हुई झड़प के बीच किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका है।1