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एसएसबी-पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 5 क्विंटल 17 किलो गांजा बरामद। पिकअप वाहन में लदी थी 5 क्विंटल 17 किलो 680 ग्राम गांजे की खेप, अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर फरार। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ फुलकाहा एसएसबी और थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 क्विंटल 17 किलो 680 ग्राम गांजा बरामद किया है। गांजा एक पिकअप वाहन में लदा हुआ था। हालांकि, संयुक्त टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और फुलकाहा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मानिकपुर पंचायत के भवानीपुर वार्ड संख्या-1 स्थित नरहुआ गांव के इसाक चौक के समीप अहले सुबह छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान चार पहिया पिकअप वाहन से भारी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की गई। जब्त पिकअप का नंबर बीआर-50 जीबी-1486 है, जो सुपौल जिले का बताया जा रहा है। बरामद गांजे का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 60 लाख रुपये बताया गया है। कार्रवाई फुलकाहा आई समवाय के प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में एएसआई हौखें खम, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार, कांस्टेबल अमरेंद्र कुमार यादव और कांस्टेबल कर्मेंद्र सिंह शामिल थे। वहीं फुलकाहा थाना पुलिस की ओर से थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य, अपर थानाध्यक्ष गुलशन कुमार, एसआई रंजना कुमारी, रमेश कुमार सिंह, अमन कुमार, जितराज नाग समेत पुलिस बल शामिल रहा। सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तस्कर नेपाल से भारी मात्रा में गांजा चार पहिया वाहन में लादकर भारतीय क्षेत्र के हरिपुर-सुरसर मार्ग से ले जाने वाला है। सूचना के आधार पर फुलकाहा थाना पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई, जिसमें गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई। हालांकि तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। वहीं फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि फुलकाहा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है। जब्त गांजा, पिकअप वाहन और अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार तस्कर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होना तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है। संयुक्त कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।

16 hrs ago
user_Ranjit thakur
Ranjit thakur
Local News Reporter नरपतगंज, अररिया, बिहार•
16 hrs ago

एसएसबी-पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 5 क्विंटल 17 किलो गांजा बरामद। पिकअप वाहन में लदी थी 5 क्विंटल 17 किलो 680 ग्राम गांजे की खेप, अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर फरार। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ फुलकाहा एसएसबी और थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 क्विंटल 17 किलो 680 ग्राम गांजा बरामद किया है। गांजा एक पिकअप वाहन में लदा हुआ था। हालांकि, संयुक्त टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और फुलकाहा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मानिकपुर पंचायत के भवानीपुर वार्ड संख्या-1 स्थित नरहुआ गांव के इसाक चौक के समीप अहले सुबह छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान चार पहिया पिकअप वाहन से भारी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की गई। जब्त पिकअप का नंबर बीआर-50 जीबी-1486 है, जो सुपौल जिले का बताया जा रहा है। बरामद गांजे का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 60 लाख रुपये बताया गया है। कार्रवाई फुलकाहा आई समवाय के प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में एएसआई हौखें खम, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार, कांस्टेबल अमरेंद्र कुमार यादव और कांस्टेबल कर्मेंद्र सिंह शामिल थे। वहीं फुलकाहा थाना पुलिस की ओर से थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य, अपर थानाध्यक्ष गुलशन कुमार, एसआई रंजना कुमारी, रमेश कुमार सिंह, अमन कुमार, जितराज नाग समेत पुलिस बल शामिल रहा। सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तस्कर नेपाल से भारी मात्रा में गांजा चार पहिया वाहन में लादकर भारतीय क्षेत्र के हरिपुर-सुरसर मार्ग से ले जाने वाला है। सूचना के आधार पर फुलकाहा थाना पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई, जिसमें गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई। हालांकि तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। वहीं फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि फुलकाहा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है। जब्त गांजा, पिकअप वाहन और अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार तस्कर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होना तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है। संयुक्त कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।

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  • AIMIM विधायक मुर्शीद आलम ने इंजीनियर मंजूर आलम को जिला अध्यक्ष पद से बदलने के दिए संकेत?
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    AIMIM विधायक मुर्शीद आलम ने इंजीनियर मंजूर आलम को जिला अध्यक्ष पद से बदलने के दिए संकेत?
    user_Razi Anwar
    Razi Anwar
    Media company Araria, Bihar•
    12 hrs ago
  • चारों तरफ पानी ऊपर खुला आसमान, नीचे बाढ़: ड्रम के सहारे बाहर निकलने को मजबूर ग्रामीण मधेपुरा के आलमनगर की वो हकीकत है, जहां जिंदगी और पानी के बीच सिर्फ बांस की मचान और ड्रम का सहारा बचा है।घर में पानी,आंगन में पानी,रास्ते में पानी,बाहर निकलना है तो नाव का इंतजार करें या फिर खुद ही जुगाड़ करें।कहीं लोग बांस-बल्ले की मचान बनाकर पानी के ऊपर रह रहे हैं, तो कहीं खाली ड्रम को बांधकर उसके सहारे पानी पार कर बाहर निकल रहे हैं।सोचिए जिस ड्रम का इस्तेमाल सामान रखने के लिए होता है, वही यहां लोगों के लिए नाव बन गया है।नीचे बाढ़ का पानी है,ऊपर खुला आसमान है और इसी पानी में सांपों का डर भी बना हुआ है।ये तस्वीरें बताती हैं कि कोसी का पानी सिर्फ गांव में नहीं घुसा,लोगों की जिंदगी के अंदर तक घुस चुका है। दरअसल लगातार मूसलाधार बारिश और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने मधेपुरा के आलमनगर प्रखंड में हालात बिगाड़ दिए हैं।खापुर, रतवारा, गंगापुर और इटहरी पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई घरों में पानी घुस चुका है। लोग अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।लेकिन जहां नाव नहीं पहुंच पा रही या बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, वहां ग्रामीणों ने खुद ही ड्रम का जुगाड़ कर लिया है।कई जगह ड्रम को आपस में बांधकर उसके ऊपर लकड़ी या तख्ता लगाकर पानी पार करने का इंतजाम किया गया है।यानी जरूरत ने यहां लोगों को अपना खुद का रास्ता बनाने पर मजबूर कर दिया है। बाइट- बाढ़ पीड़ित घर चारों तरफ से पानी में घिरा हुआ है। बाहर जाना हो तो ड्रम का जुगाड़ करके पानी पार करना पड़ता है। बच्चों और महिलाओं को लेकर हमेशा डर लगा रहता है। पानी में सांप भी निकलते हैं। ये तस्वीरें जितनी डरावनी हैं, उससे कहीं ज्यादा दर्दनाक है यहां रहने वाले लोगों की मजबूरी। किसी को दवा लेने जाना है।किसी को जरूरी सामान लाना है,किसी को अपने रिश्तेदार तक पहुंचना है लेकिन रास्ते में सड़क नहीं, सिर्फ पानी है।ऐसे में नाव मिले तो ठीक नहीं तो ड्रम ही सहारा है।और दूसरी तरफ घरों के आसपास बाढ़ के पानी में सांप निकलने का खतरा लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है। बाढ़ का असर सिर्फ आने-जाने तक सीमित नहीं है। पशुपालकों के सामने पशुचारे का संकट खड़ा हो गया है। खेत और चारा क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।कई परिवारों के लिए सवाल सिर्फ खुद को बचाने का नहीं है।बल्कि उन मवेशियों को बचाने का भी है, जिन पर उनकी रोजी-रोटी टिकी है। रतवारा पंचायत के कपसिया, ललिया पुनर्वास, सुखार घाट, अजमेरीपुर वासा, छतौना बासा, रतवारा, मूल मुरौत, भवानीपुर वासा, विस्थापित मुरौत, विस्थापित महादलित टोला और विस्थापित निषाद टोला समेत कई इलाके प्रभावित हैं। खापुर पंचायत के चौरली बासा, रायपुर बासा, खापुर, औराय बासा, दुकठिया और पचभीरा में भी पानी फैल गया है। गंगापुर पंचायत के पिपरपाती टोला, पैकात टोला, नोनिया चक टोला, कोलवारा टोला, भोरकाट टोला, मलहा बासा, कचहरी टोला, मुसहरी टोला, डॉक्टर टोला, अठगामा, कुम्हारा बासा, हरजौरा घाट, खरुवा बासा, झंडापुर बासा, बलुआ बासा, पौड़ा टोला, मुनी टोला, श्रवन्नी बासा और नवटोलिया समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।ग्रामीणों के मुताबिक एक लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित है। कई दिनों से पानी बढ़ रहा है। घर में रहना मुश्किल है। खाने की परेशानी है और मवेशियों के चारे की भी दिक्कत है। बाहर जाना पड़ता है तो ड्रम का सहारा लेते हैं। अभी तक सूखा राशन नहीं मिला है। बाढ़ के बीच ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दिनों से पानी में फंसे हैं और अब उन्हें भोजन, पशुचारा और सुरक्षित जगह की जरूरत है। वहीं प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अंचलाधिकारी अंकेश कुमार के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में 42 नावों का परिचालन हो रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम भेजी जा रही है। SDRF की एक टीम दो नावों के साथ लगातार इलाके में मौजूद है।इसके अलावा प्रत्येक बाढ़ प्रभावित पंचायत में 14 आपदा मित्रों को स्टैंडबाय रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 42 नावों का परिचालन हो रहा है। मेडिकल टीम के द्वारा स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। SDRF की टीम दो नावों के साथ मौजूद है और प्रत्येक बाढ़ प्रभावित पंचायत में 14 आपदा मित्रों को स्टैंडबाय रखा गया है। मधेपुरा में कोसी का पानी लगातार बढ़ रहा है। हालात ये हैं कि लोग ड्रम को नाव बनाकर पानी पार कर रहे हैं और बांस की मचान को घर। प्रशासन के राहत और बचाव के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है। कोसी के पानी ने रास्ते डुबो दिए हैं।
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    चारों तरफ पानी ऊपर खुला आसमान, नीचे बाढ़: ड्रम के सहारे बाहर निकलने को मजबूर ग्रामीण
मधेपुरा के आलमनगर की वो हकीकत है, जहां जिंदगी और पानी के बीच सिर्फ बांस की मचान और ड्रम का सहारा बचा है।घर में पानी,आंगन में पानी,रास्ते में पानी,बाहर निकलना है तो नाव का इंतजार करें या फिर खुद ही जुगाड़ करें।कहीं लोग बांस-बल्ले की मचान बनाकर पानी के ऊपर रह रहे हैं, तो कहीं खाली ड्रम को बांधकर उसके सहारे पानी पार कर बाहर निकल रहे हैं।सोचिए जिस ड्रम का इस्तेमाल सामान रखने के लिए होता है, वही यहां लोगों के लिए नाव बन गया है।नीचे बाढ़ का पानी है,ऊपर खुला आसमान है और इसी पानी में सांपों का डर भी बना हुआ है।ये तस्वीरें बताती हैं कि कोसी का पानी सिर्फ गांव में नहीं घुसा,लोगों की जिंदगी के अंदर तक घुस चुका है।
दरअसल लगातार मूसलाधार बारिश और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने मधेपुरा के आलमनगर प्रखंड में हालात बिगाड़ दिए हैं।खापुर, रतवारा, गंगापुर और इटहरी पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
कई घरों में पानी घुस चुका है। लोग अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।लेकिन जहां नाव नहीं पहुंच पा रही या बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है, वहां ग्रामीणों ने खुद ही ड्रम का जुगाड़ कर लिया है।कई जगह ड्रम को आपस में बांधकर उसके ऊपर लकड़ी या तख्ता लगाकर पानी पार करने का इंतजाम किया गया है।यानी जरूरत ने यहां लोगों को अपना खुद का रास्ता बनाने पर मजबूर कर दिया है।
बाइट- बाढ़ पीड़ित
घर चारों तरफ से पानी में घिरा हुआ है। बाहर जाना हो तो ड्रम का जुगाड़ करके पानी पार करना पड़ता है। बच्चों और महिलाओं को लेकर हमेशा डर लगा रहता है। पानी में सांप भी निकलते हैं।
ये तस्वीरें जितनी डरावनी हैं, उससे कहीं ज्यादा दर्दनाक है यहां रहने वाले लोगों की मजबूरी।
किसी को दवा लेने जाना है।किसी को जरूरी सामान लाना है,किसी को अपने रिश्तेदार तक पहुंचना है लेकिन रास्ते में सड़क नहीं, सिर्फ पानी है।ऐसे में नाव मिले तो ठीक नहीं तो ड्रम ही सहारा है।और दूसरी तरफ घरों के आसपास बाढ़ के पानी में सांप निकलने का खतरा लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है।
बाढ़ का असर सिर्फ आने-जाने तक सीमित नहीं है।
पशुपालकों के सामने पशुचारे का संकट खड़ा हो गया है।
खेत और चारा क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।कई परिवारों के लिए सवाल सिर्फ खुद को बचाने का नहीं है।बल्कि उन मवेशियों को बचाने का भी है, जिन पर उनकी रोजी-रोटी टिकी है।
रतवारा पंचायत के कपसिया, ललिया पुनर्वास, सुखार घाट, अजमेरीपुर वासा, छतौना बासा, रतवारा, मूल मुरौत, भवानीपुर वासा, विस्थापित मुरौत, विस्थापित महादलित टोला और विस्थापित निषाद टोला समेत कई इलाके प्रभावित हैं।
खापुर पंचायत के चौरली बासा, रायपुर बासा, खापुर, औराय बासा, दुकठिया और पचभीरा में भी पानी फैल गया है।
गंगापुर पंचायत के पिपरपाती टोला, पैकात टोला, नोनिया चक टोला, कोलवारा टोला, भोरकाट टोला, मलहा बासा, कचहरी टोला, मुसहरी टोला, डॉक्टर टोला, अठगामा, कुम्हारा बासा, हरजौरा घाट, खरुवा बासा, झंडापुर बासा, बलुआ बासा, पौड़ा टोला, मुनी टोला, श्रवन्नी बासा और नवटोलिया समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।ग्रामीणों के मुताबिक एक लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित है।
कई दिनों से पानी बढ़ रहा है। घर में रहना मुश्किल है। खाने की परेशानी है और मवेशियों के चारे की भी दिक्कत है। बाहर जाना पड़ता है तो ड्रम का सहारा लेते हैं। अभी तक सूखा राशन नहीं मिला है।
बाढ़ के बीच ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि वे कई दिनों से पानी में फंसे हैं और अब उन्हें भोजन, पशुचारा और सुरक्षित जगह की जरूरत है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अंचलाधिकारी अंकेश कुमार के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में 42 नावों का परिचालन हो रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम भेजी जा रही है।
SDRF की एक टीम दो नावों के साथ लगातार इलाके में मौजूद है।इसके अलावा प्रत्येक बाढ़ प्रभावित पंचायत में 14 आपदा मित्रों को स्टैंडबाय रखा गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 42 नावों का परिचालन हो रहा है। मेडिकल टीम के द्वारा स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। SDRF की टीम दो नावों के साथ मौजूद है और प्रत्येक बाढ़ प्रभावित पंचायत में 14 आपदा मित्रों को स्टैंडबाय रखा गया है।
मधेपुरा में कोसी का पानी लगातार बढ़ रहा है।
हालात ये हैं कि लोग ड्रम को नाव बनाकर पानी पार कर रहे हैं और बांस की मचान को घर।
प्रशासन के राहत और बचाव के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है।
कोसी के पानी ने रास्ते डुबो दिए हैं।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    9 hrs ago
  • किशनगंज में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा आयोजित समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने की। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी एवं कृषि सलाहकार उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में कृषि से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। माननीय सांसद ने अनाज उत्पादन, किसानों के लिए सरकारी सुविधाओं, खाद एवं बीज की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), किसान पंजीकरण, मिट्टी की उर्वरता की जांच तथा सरकारी खरीद सहित कृषि से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और किसानों को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
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    किशनगंज में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा आयोजित समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के  सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने की।
बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी एवं कृषि सलाहकार उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में कृषि से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
माननीय सांसद ने अनाज उत्पादन, किसानों के लिए सरकारी सुविधाओं, खाद एवं बीज की उपलब्धता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), किसान पंजीकरण, मिट्टी की उर्वरता की जांच तथा सरकारी खरीद सहित कृषि से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और किसानों को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं कृषि विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
    user_Md Abu Farhan
    Md Abu Farhan
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    10 hrs ago
  • पूर्णिया यूनिवर्सिटी के छात्र पर जानलेवा हमला: समाजसेवी व व्यवसायी परिवार पर रची गई गहरी साजिश, पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार। पूर्णिया / बनमनखी: पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखण्ड अंतर्गत महराजगंज पंचायत से एक अत्यंत सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पूर्णिया यूनिवर्सिटी के एक छात्र पर परीक्षा देकर घर लौट रहे छात्र पर तीन अज्ञात नकाबपोश अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार गहरे खौफ के साये में जीने को मजबूर है। घटना का विस्तृत विवरण: प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र मो. नासिर शफ़ी (पिता - श्री शफ़ी अहमद), जो B.N.C. कॉलेज धमदाहा से अपनी C.B.C.S. Sem-VI की परीक्षा देकर दिनांक 09 सितम्बर 2026 की शाम करीब 6:00 बजे अपनी मोटरसाइकिल से अकेले घर वापस लौट रहे थे। तभी बिरवान के समीप हसनपुर-जोगीगंज पुल के पास एक नीले रंग की अपाचे (Apache) बाइक पर सवार तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनका पीछा किया। बदमाशों ने रुकने का दबाव बनाते हुए जानलेवा हमला और छिनतई करने की नीयत से उनपर धावा बोल दिया। सूझबूझ दिखाते हुए छात्र ने तुरंत अपनी गाड़ी घुमाई और किसी तरह अपनी जान बचाकर वहाँ से भागे। सुरक्षित घर पहुँचने के बाद छात्र ने शाम 6:14 बजे ही 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी। व्यवसायी और समाजसेवी परिवार को डराने की गहरी साजिश: सूत्रों और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र के पिता श्री शफ़ी अहमद इलाके के एक जाने-माने और बेबाक समाजसेवी हैं, जो हमेशा जनहित के मुद्दों और गलत कार्यों के खिलाफ मुखर रहते हैं। इसके साथ ही, उनका एकरहा के मीना मार्केट में पिछले 8-10 वर्षों से "शफ़ी ट्रेडर्स" (ए० एच० अंसारी ट्रेडर्स) के नाम से ईंट, गिट्टी, सीमेंट, छड़ और हार्डवेयर का एक प्रतिष्ठित, लोकप्रिय और मध्यवर्गीय व्यापार है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि समाजसेवी पिता की सामाजिक सक्रियता और व्यावसायिक प्रतिष्ठा से बौखलाकर उनकी आवाज को दबाने और पूरे परिवार को डराने-धमकाने के लिए यह सुनियोजित और जानलेवा साजिश रची गई है। परीक्षा के दौरान दहशत और पुलिस-प्रशासन से गुहार: पीड़ित छात्र मो. नासिर शफ़ी की वर्तमान में 6th सेमेस्टर की फाइनल परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण उन्हें और उनके बरे भाई (मो. यासिर शफ़ी, जो G.L.M. कॉलेज के छात्र हैं) को रोजाना पढ़ाई के लिए इसी सुनसान रास्ते से आना-जाना पड़ रहा है। इस कायराना हमले के बाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव और भारी दहशत में है। रात-रात भर परिवार को नींद नहीं आ रही है कि कब कोई अनहोनी न हो जाए। प्रशासनिक कार्रवाई और मांग: घटना के तुरंत बाद पीड़ित छात्र द्वारा चकमका ओ.पी. (जानकीनगर थाना) में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई गई है। घटनास्थल के पास का एक संदिग्ध CCTV फुटेज भी पुलिस को सौंपा गया है। पीड़ित छात्र, परिजनों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से पुरज़ोर माँग की है कि: 1. मामले में विशेष टीम (Special Team) गठित कर फास्ट-ट्रैक तरीके से जाँच की जाए और अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो। 2. परीक्षार्थी छात्र के आवागमन को देखते हुए बिरवान-हसनपुर मार्ग पर पुलिस गश्ती (Patrolling) अत्यधिक और निरंतर बढ़ाई जाए। 3. पीड़ित समाजसेवी व व्यवसायी परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। --- संबंधित वीडियो/सीसीटीवी फुटेज (FIR) की कॉपी संलग्न है।
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    पूर्णिया यूनिवर्सिटी के छात्र पर जानलेवा हमला: समाजसेवी व व्यवसायी परिवार पर रची गई गहरी साजिश, पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार।

पूर्णिया / बनमनखी:
पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखण्ड अंतर्गत महराजगंज पंचायत से एक अत्यंत सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पूर्णिया यूनिवर्सिटी के एक छात्र पर परीक्षा देकर घर लौट रहे छात्र पर तीन अज्ञात नकाबपोश अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार गहरे खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
घटना का विस्तृत विवरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र मो. नासिर शफ़ी (पिता - श्री शफ़ी अहमद), जो B.N.C. कॉलेज धमदाहा से अपनी C.B.C.S. Sem-VI की परीक्षा देकर दिनांक 09 सितम्बर 2026 की शाम करीब 6:00 बजे अपनी मोटरसाइकिल से अकेले घर वापस लौट रहे थे। तभी बिरवान के समीप हसनपुर-जोगीगंज पुल के पास एक नीले रंग की अपाचे (Apache) बाइक पर सवार तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनका पीछा किया। बदमाशों ने रुकने का दबाव बनाते हुए जानलेवा हमला और छिनतई करने की नीयत से उनपर धावा बोल दिया। सूझबूझ दिखाते हुए छात्र ने तुरंत अपनी गाड़ी घुमाई और किसी तरह अपनी जान बचाकर वहाँ से भागे। सुरक्षित घर पहुँचने के बाद छात्र ने शाम 6:14 बजे ही 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी।
व्यवसायी और समाजसेवी परिवार को डराने की गहरी साजिश:
सूत्रों और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र के पिता श्री शफ़ी अहमद इलाके के एक जाने-माने और बेबाक समाजसेवी हैं, जो हमेशा जनहित के मुद्दों और गलत कार्यों के खिलाफ मुखर रहते हैं। इसके साथ ही, उनका एकरहा के मीना मार्केट में पिछले 8-10 वर्षों से "शफ़ी ट्रेडर्स" (ए० एच० अंसारी ट्रेडर्स) के नाम से ईंट, गिट्टी, सीमेंट, छड़ और हार्डवेयर का एक प्रतिष्ठित, लोकप्रिय और मध्यवर्गीय व्यापार है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि समाजसेवी पिता की सामाजिक सक्रियता और व्यावसायिक प्रतिष्ठा से बौखलाकर उनकी आवाज को दबाने और पूरे परिवार को डराने-धमकाने के लिए यह सुनियोजित और जानलेवा साजिश रची गई है।
परीक्षा के दौरान दहशत और पुलिस-प्रशासन से गुहार:
पीड़ित छात्र मो. नासिर शफ़ी की वर्तमान में 6th सेमेस्टर की फाइनल परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण उन्हें और उनके बरे भाई (मो. यासिर शफ़ी, जो G.L.M. कॉलेज के छात्र हैं) को रोजाना पढ़ाई के लिए इसी सुनसान रास्ते से आना-जाना पड़ रहा है। इस कायराना हमले के बाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव और भारी दहशत में है। रात-रात भर परिवार को नींद नहीं आ रही है कि कब कोई अनहोनी न हो जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई और मांग:
घटना के तुरंत बाद पीड़ित छात्र द्वारा चकमका ओ.पी. (जानकीनगर थाना) में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई गई है। घटनास्थल के पास का एक संदिग्ध CCTV फुटेज भी पुलिस को सौंपा गया है।
पीड़ित छात्र, परिजनों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से पुरज़ोर माँग की है कि:
1. मामले में विशेष टीम (Special Team) गठित कर फास्ट-ट्रैक तरीके से जाँच की जाए और अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो।
2. परीक्षार्थी छात्र के आवागमन को देखते हुए बिरवान-हसनपुर मार्ग पर पुलिस गश्ती (Patrolling) अत्यधिक और निरंतर बढ़ाई जाए।
3. पीड़ित समाजसेवी व व्यवसायी परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
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संबंधित वीडियो/सीसीटीवी फुटेज  (FIR) की कॉपी संलग्न है।
    user_MD NASIR SHAFI
    MD NASIR SHAFI
    बनमनखी, पूर्णिया, बिहार•
    15 hrs ago
  • 🆔 सेटअप कराने के लिए कॉल करें #reelsvideo #viralvideo #news #youtubeshorts #aryanboltabihar
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    user_Aryan Bolta Bihar
    Aryan Bolta Bihar
    Local News Reporter कस्बा, पूर्णिया, बिहार•
    5 hrs ago
  • बैंक हड़ताल को एसबीआई पेंशनर एसोसिएशन का नैतिक समर्थन मिला बैंक हड़ताल को एसबीआई पेंशनर एसोसिएशन का नैतिक समर्थन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बैनर तले 11 सितंबर 2026 को आयोजित देशव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर एसोसिएशन, पूर्णिया जिला इकाई के सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। कार्यक्रम में जिला सचिव मधुरेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लेकर हड़ताली बैंक कर्मचारियों को नैतिक समर्थन दिया। एसोसिएशन ने पेंशन में अद्यतन सुधार, सभी पेंशनरों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला लागू करने तथा पूर्व में हुए समझौतों एवं ज्ञापनों से जुड़े लंबित और अवशिष्ट मुद्दों के समाधान की मांग का समर्थन किया। इसके अलावा मार्च 2024 में हुए समझौते के बावजूद लंबित पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में सुधार की मांग भी प्रमुख रही। इस अवसर पर संजय कुमार सिंह, भूतपूर्व महासचिव भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन पटना सर्किल, जिला सचिव मधुरेश कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष अजय कांत झा, कार्यकारिणी सदस्य उमेश मिश्रा, विनय कुमार सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष किशोर साह, गोविंद राम, ज्योतिष चंद्र दत्ता, रमेश यादव, किशोर कुमार, दिवाकर कुमार, भवेश चंद्र मिश्र, राजू साह सहित अन्य सदस्य एवं सहयोगी उपस्थित थे। UFBU द्वारा आगे 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
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    बैंक हड़ताल को एसबीआई पेंशनर एसोसिएशन का नैतिक समर्थन मिला 

बैंक हड़ताल को एसबीआई पेंशनर एसोसिएशन का नैतिक समर्थन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बैनर तले 11 सितंबर 2026 को आयोजित देशव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर एसोसिएशन, पूर्णिया जिला इकाई के सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। कार्यक्रम में जिला सचिव मधुरेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लेकर हड़ताली बैंक कर्मचारियों को नैतिक समर्थन दिया।
एसोसिएशन ने पेंशन में अद्यतन सुधार, सभी पेंशनरों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला लागू करने तथा पूर्व में हुए समझौतों एवं ज्ञापनों से जुड़े लंबित और अवशिष्ट मुद्दों के समाधान की मांग का समर्थन किया। इसके अलावा मार्च 2024 में हुए समझौते के बावजूद लंबित पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में सुधार की मांग भी प्रमुख रही।
इस अवसर पर संजय कुमार सिंह, भूतपूर्व महासचिव भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन पटना सर्किल, जिला सचिव मधुरेश कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष अजय कांत झा, कार्यकारिणी सदस्य उमेश मिश्रा, विनय कुमार सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष किशोर साह, गोविंद राम, ज्योतिष चंद्र दत्ता, रमेश यादव, किशोर कुमार, दिवाकर कुमार, भवेश चंद्र मिश्र, राजू साह सहित अन्य सदस्य एवं सहयोगी उपस्थित थे।
UFBU द्वारा आगे 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    Farmer जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    5 hrs ago
  • #Instragramtips #tredingsreels #reelsvideo #viralpost #purneabihar
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    #Instragramtips #tredingsreels 
#reelsvideo #viralpost #purneabihar
    user_Aryan Bolta Bihar
    Aryan Bolta Bihar
    Local News Reporter कस्बा, पूर्णिया, बिहार•
    10 hrs ago
  • 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तारएसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कसबा थाना पुलिस ने 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तार कसबा, पूर्णिया। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कसबा थाना पुलिस ने 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एसडीपीओ सदर-2 कनिष्क श्रीवास्तव के निर्देश पर पु०अ०नि० प्रिंस कुमार के नेतृत्व में खगजाना मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान हुई। पुलिस ने गिरफ्तार जितेन्द्र कुमार (22), सिकन्दर महतो (24) और मसरीकुल (20), सभी कसबा थाना क्षेत्र के निवासी, के पास से तीन मोबाइल, 3,800 रुपये नकद और एक सीएनजी टोटो भी जब्त किया। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास के साथ स्मैक के बैकवर्ड और फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है। मामले में कसबा थाना कांड संख्या 395/28 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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    99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तारएसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कसबा थाना पुलिस ने 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवक गिरफ्तार
कसबा, पूर्णिया। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कसबा थाना पुलिस ने 99.40 ग्राम स्मैक के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एसडीपीओ सदर-2 कनिष्क श्रीवास्तव के निर्देश पर पु०अ०नि० प्रिंस कुमार के नेतृत्व में खगजाना मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान हुई।
पुलिस ने गिरफ्तार जितेन्द्र कुमार (22), सिकन्दर महतो (24) और मसरीकुल (20), सभी कसबा थाना क्षेत्र के निवासी, के पास से तीन मोबाइल, 3,800 रुपये नकद और एक सीएनजी टोटो भी जब्त किया। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास के साथ स्मैक के बैकवर्ड और फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है। मामले में कसबा थाना कांड संख्या 395/28 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    user_SHIPRA KUMARI
    SHIPRA KUMARI
    Farmer जलालगढ़, पूर्णिया, बिहार•
    10 hrs ago
  • सड़क मार्ग पर जल जमाव की समस्या से निजात दिलाने की लोगों ने उठाया मांग सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के रोता पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 1 चिकनी गांव में बारिश के बाद मुख्य सड़क मार्ग पर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने बताया की जहां पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है वहां सड़क मार्ग में कई गड्ढे बन गया है जिससे आने जाने के दौरान दो पहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं और अगर कोई ई रिक्शा चालक गुजरता है तो वे भी कई बार पलटने से बच गया है। ऐसे स्थिति में जल निकासी का कोई व्यवस्था होना चाहिए या सड़क मार्ग का मरम्मत कार्य किया जाना चाहिए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। जब जब बारिश होती है तब तब भारी समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे गंभीर समस्या से निजात दिलाने हेतु प्रशासन से मांग उठाया है।
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    सड़क मार्ग पर जल जमाव की समस्या से निजात दिलाने की लोगों ने उठाया मांग 
सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के रोता पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 1 चिकनी गांव में बारिश के बाद मुख्य सड़क मार्ग पर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने बताया की जहां पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है वहां सड़क मार्ग में कई गड्ढे बन गया है जिससे आने जाने के दौरान दो पहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं और अगर कोई ई रिक्शा चालक गुजरता है तो वे भी कई बार पलटने से बच गया है। ऐसे स्थिति में जल निकासी का कोई व्यवस्था होना चाहिए या सड़क मार्ग का मरम्मत कार्य किया जाना चाहिए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। जब जब बारिश होती है तब तब भारी समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे गंभीर समस्या से निजात दिलाने हेतु प्रशासन से मांग उठाया है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    19 hrs ago
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