कटवा मोड़ बेसो नदी पुल के पास ढाबे पर पुलिस की छापेमारी, लाइसेंस न मिलने पर होटल कराया बंद.... गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र में बेसो नदी पुल के पास संचालित एक ढाबे पर ग्रामीणों की शिकायत के बाद सोमवार को पुलिस ने औचक छापेमारी की। इस दौरान अनुभव राजश्री (सीओ कासिमाबाद) और संतोष पाठक (थानाध्यक्ष नोनहरा) पुलिस बल के साथ ‘श्री राधे एवं होटल फैमिली रेस्टोरेंट’ पहुंचे और पूरे परिसर की गहन जांच की। ग्रामीणों का आरोप है कि ढाबे की आड़ में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। बोरसिया गांव के लोगों का कहना है कि पास में कॉलेज होने के कारण यहां अक्सर छात्र-छात्राओं का जमावड़ा लगा रहता था और होटल संचालक द्वारा कमरे अवैध रूप से किराये पर दिए जाते थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के कमरों का एक दरवाजा नदी की ओर खुलता है और पुलिस के मुख्य गेट से प्रवेश करते ही कुछ संदिग्ध लोग पीछे के रास्ते से भाग निकले। सीओ कासिमाबाद अनुभव राजश्री ने बताया कि जांच के दौरान होटल संचालक संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। हालांकि मौके से कोई अवैध या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ। फिलहाल होटल को बंद करा दिया गया है और संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है। पुलिस मामले में आगे की कागजी कार्रवाई कर रही है।
कटवा मोड़ बेसो नदी पुल के पास ढाबे पर पुलिस की छापेमारी, लाइसेंस न मिलने पर होटल कराया बंद.... गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र में बेसो नदी पुल के पास संचालित एक ढाबे पर ग्रामीणों की शिकायत के बाद सोमवार को पुलिस ने औचक छापेमारी की। इस दौरान अनुभव राजश्री (सीओ कासिमाबाद) और संतोष पाठक (थानाध्यक्ष नोनहरा) पुलिस बल के साथ ‘श्री राधे एवं होटल फैमिली रेस्टोरेंट’ पहुंचे और पूरे परिसर की गहन जांच की। ग्रामीणों का आरोप है कि ढाबे की आड़ में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। बोरसिया गांव के लोगों का कहना है कि पास में कॉलेज होने के कारण यहां अक्सर छात्र-छात्राओं का जमावड़ा लगा रहता था और होटल संचालक द्वारा कमरे अवैध रूप से किराये पर दिए जाते थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट के कमरों का एक दरवाजा नदी की ओर खुलता है और पुलिस के मुख्य गेट से प्रवेश करते ही कुछ संदिग्ध लोग पीछे के रास्ते से भाग निकले। सीओ कासिमाबाद अनुभव राजश्री ने बताया कि जांच के दौरान होटल संचालक संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। हालांकि मौके से कोई अवैध या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ। फिलहाल होटल को बंद करा दिया गया है और संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई है। पुलिस मामले में आगे की कागजी कार्रवाई कर रही है।
- एसे ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच व सजा की सख्त कार्यवाही करने जरूरत है1
- Post by Sushil kumar sharma संपादक1
- बिल्थरारोड रेलवे स्टेशन परिसर में चाय की दुकान पर चाय पीने के दौरान एक युवक का पर्स गिर जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पर्स में करीब ₹9000 नकद, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी कागजात मौजूद थे। जानकारी के अनुसार युवक स्टेशन स्थित चाय की दुकान पर चाय पीने के लिए रुका था। इसी दौरान उसका पर्स कहीं गिर गया। जब युवक को पर्स गिरने की जानकारी हुई तो उसने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन पर्स का कोई पता नहीं चल सका।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- Md Zama khan1
- मऊ । मनोज राजभर ने सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी को छोड़ भारतीय समाज पार्टी का थामा दामन1
- बलिया : बेल्थरा रोड नगर में मंगलवार को एक सर्राफा दुकान से सोने के आभूषण लेकर फरार होने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार नगर स्थित एक सर्राफा दुकान पर एक युवक ग्राहक बनकर आया और आभूषण देखने के बहाने दुकानदार को उलझाकर कुछ सोने के गहने लेकर मौके से फरार हो गया। घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जब दुकानदार को गहने गायब होने की जानकारी हुई तो आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी गई और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर पूछताछ की और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है तथा चोरी हुए आभूषणों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को नियमित गश्त बढ़ानी चाहिए।4
- ग्राम पंचायत बनगावा में नाली समस्या बहुत ही भारी समस्या है लोग रास्ते पर अपनी सीवर का पानी बहने को मजबूर है लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव बनवाने को तैयार नहीं लोग कई बार मौखिक रूप से सूचित किया गया लेकिन सुनने को तैयार नहीं है , ऐसे अधिकारी और ग्राम प्रधान की कार्यों की जांच अवश्य होनी चाहिए1