हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर से देश की प्रदूषण जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सड़कों पर खुलेआम काला धुआं उगलते वाहनों के बावजूद धड़ल्ले से जारी हो रहे प्रदूषण प्रमाणपत्रों (PUC) को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह चिंता जताई गई है कि जब अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, तो ये प्रमाणपत्र केवल कानून का मजाक बनाने और औपचारिकता पूरी करने के लिए बांटे जा रहे हैं। मोटर वाहन कानून के स्पष्ट नियमों के बावजूद, देश के कई हिस्सों में प्रदूषण जांच केंद्र बिना किसी वास्तविक परीक्षण या मशीन चालू किए ही फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। कुछ सौ रुपयों के लालच में किया जा रहा यह खेल केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। इसका सीधा दुष्प्रभाव करोड़ों नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस गंभीर संकट से निपटने के लिए सरकार से मांग की गई है कि प्रत्येक प्रदूषण जांच केंद्र की नियमित ऑडिट कराई जाए और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी में लाया जाए। बिना वास्तविक जांच के प्रमाणपत्र जारी करने वालों के लाइसेंस तत्काल रद्द कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, सड़क पर काला धुआं छोड़ने वाले वाहनों के चालान के साथ-साथ उस केंद्र की भी जांच होनी चाहिए जिसने उसे प्रमाणपत्र दिया था। जब तक जवाबदेही प्रमाणपत्र जारी करने वाले तक नहीं पहुंचेगी, तब तक यह खेल बंद नहीं होगा और न ही हवा साफ होगी।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर से देश की प्रदूषण जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सड़कों पर खुलेआम काला धुआं उगलते वाहनों के बावजूद धड़ल्ले से जारी हो रहे प्रदूषण प्रमाणपत्रों (PUC) को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया है। यह चिंता जताई गई है कि जब अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, तो ये प्रमाणपत्र केवल कानून का मजाक बनाने और औपचारिकता पूरी करने के लिए बांटे जा रहे हैं। मोटर वाहन कानून के स्पष्ट नियमों के बावजूद, देश के कई हिस्सों में प्रदूषण जांच केंद्र बिना किसी वास्तविक परीक्षण या मशीन चालू किए ही फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। कुछ सौ रुपयों के लालच में किया जा रहा यह खेल केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। इसका सीधा दुष्प्रभाव करोड़ों नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस गंभीर संकट से निपटने के लिए सरकार से मांग की गई है कि प्रत्येक प्रदूषण जांच केंद्र की नियमित ऑडिट कराई जाए और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी में लाया जाए। बिना वास्तविक जांच के प्रमाणपत्र जारी करने वालों के लाइसेंस तत्काल रद्द कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, सड़क पर काला धुआं छोड़ने वाले वाहनों के चालान के साथ-साथ उस केंद्र की भी जांच होनी चाहिए जिसने उसे प्रमाणपत्र दिया था। जब तक जवाबदेही प्रमाणपत्र जारी करने वाले तक नहीं पहुंचेगी, तब तक यह खेल बंद नहीं होगा और न ही हवा साफ होगी।
- मंडी जिले के कमांद में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़क की हालत बहुत ही खराब हो चुकी है। बरसात शुरू हो जाने के बावजूद विभाग ने अभी तक सड़क की नालियों और कलवर्ट को नहीं खोला है, जिसके कारण पूरी सड़क पानी से लबालब भर गई है। इस लापरवाही की वजह से सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है और कई महंगी गाड़ियां मिट्टी में फंसती जा रही हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महंगी कार पानी और मिट्टी के बीच फंसी हुई नजर आ रही है। फिलहाल, मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क को खोलने का कार्य जारी है।1
- जम्मू के बिशनाह में विधायक डॉ राजीव कुमार भगत के एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। विधायक के कार्यक्रमों की कवरेज करने वाले उनके निजी सहायक द्वारा पत्रकार गगन के साथ जमकर बदसलूकी और गाली-गलौज की गई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पत्रकार गगन ने कार्यक्रम में उपस्थित एक उच्च अधिकारी से आम जनता से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया। जनहित का यह सवाल सुनते ही विधायक का निजी सहायक अचानक भड़क गया और पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज करने लगा। इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बिशनाह थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पीड़ित पत्रकार गगन ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दर्ज कराई है।1
- मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।1
- बिलासपुर के झंडूता को जल्द ही राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल मिल सकता है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।1
- कुल्लू जिले की सैंज घाटी में पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्वती पावर स्टेशन 3 के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी से मुलाकात की है। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने घाटी की खराब हो चुकी सड़कों को सुधारने की मांग प्रमुखता से उठाई है। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति को ठीक करने के लिए प्रतिनिधियों ने मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष अपनी बात रखी।1
- कुल्लू की सैंज घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों और पार्वती तीन के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी के बीच शनिवार को एक अहम बैठक हुई।1
- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से बड़ी खबर है कि आगामी 15 जुलाई से श्री मचैल माता धाम के कपाट बंद होने जा रहे हैं। इसके बाद, भक्तों के लिए आस्था का महापर्व कही जाने वाली 'श्री मचैल माता यात्रा' का शुभारंभ 25 जुलाई 2026 से होगा। भक्ति, विश्वास और जयकारों के बीच एक बार फिर "जय माता दी!" का जयघोष गूंजेगा। इस पावन यात्रा की तैयारी कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पधर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेगली की सड़क पर बिजली की तार गिर गई है। इसके कारण सड़क मार्ग पर वाहनों के आवागमन में काफी परेशानी हो रही है और यहाँ दुर्घटना होने का गंभीर खतरा लगातार बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए विद्युत विभाग से यह निवेदन किया गया है कि वे तुरंत मौके पर पहुँचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।1
- शिमला में न्यू ओ पी डी आईजीएमसी के गेट के पास एक पेड़ गिर गया है।1