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शिमला में न्यू ओ पी डी आईजीएमसी के गेट के पास एक पेड़ गिर गया है।

8 hrs ago
user_North India bulletin
North India bulletin
Jhanduta, Bilaspur•
8 hrs ago

शिमला में न्यू ओ पी डी आईजीएमसी के गेट के पास एक पेड़ गिर गया है।

More news from Bilaspur and nearby areas
  • बिलासपुर के झंडूता को जल्द ही राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल मिल सकता है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
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    बिलासपुर के झंडूता को जल्द ही राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल मिल सकता है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    8 hrs ago
  • ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में पिपलू पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र घलून की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के मौसम के कारण इस केंद्र के चारों ओर घास-फूस और झाड़ियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस वजह से यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा भी इतना छोटा है कि सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस बदहाली की वजह से नन्हे बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियां और सुरक्षा तीनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इन मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी के आंगन की इस खराब हालत को लेकर लोगों से कमेंट के माध्यम से राय भी मांगी गई है।
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    ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में पिपलू पंचायत के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र घलून की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के मौसम के कारण इस केंद्र के चारों ओर घास-फूस और झाड़ियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस वजह से यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।

इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा भी इतना छोटा है कि सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस बदहाली की वजह से नन्हे बच्चों की पढ़ाई, गतिविधियां और सुरक्षा तीनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इन मासूमों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी के आंगन की इस खराब हालत को लेकर लोगों से कमेंट के माध्यम से राय भी मांगी गई है।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    54 min ago
  • मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।
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    मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Sarkaghat, Mandi•
    20 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित हरोली कॉलेज के 14 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण कर दिया गया है। इस नए भवन के लोकार्पण के साथ ही कॉलेज में अगले सत्र से एमएससी और लॉ की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
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    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित हरोली कॉलेज के 14 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण कर दिया गया है। इस नए भवन के लोकार्पण के साथ ही कॉलेज में अगले सत्र से एमएससी और लॉ की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार सुबह प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज, हरोली के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा कॉलेज स्टाफ ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित की गई प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए, बी.कॉम, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एम.कॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेज़ी, इतिहास और हिंदी विषयों में एम.ए. की पढ़ाई संचालित की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से यहां पीजीडीसीए और बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी विषयों हेतु अत्याधुनिक मॉड्यूलर साइंस लैब स्थापित करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके अपने ही क्षेत्र में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, नई प्रयोगशालाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार से हरोली क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके लिए करियर के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट और मॉडल महाविद्यालयों के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगा।
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    ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार सुबह प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज, हरोली के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा कॉलेज स्टाफ ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित की गई प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए, बी.कॉम, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एम.कॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेज़ी, इतिहास और हिंदी विषयों में एम.ए. की पढ़ाई संचालित की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से यहां पीजीडीसीए और बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी विषयों हेतु अत्याधुनिक मॉड्यूलर साइंस लैब स्थापित करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके अपने ही क्षेत्र में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, नई प्रयोगशालाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार से हरोली क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके लिए करियर के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट और मॉडल महाविद्यालयों के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगा।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के स्वारघाट से एक अनोखा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कुत्ते और बंदर के बीच गहरी दोस्ती और अपनापन देखने को मिल रहा है। आमतौर पर एक-दूसरे को देखकर आक्रामक हो जाने वाले ये दोनों जीव सड़क के बीचों-बीच एक-दूसरे के साथ खेलते और अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। इस अनोखे और सुंदर नजारे को देखकर राहगीर भी हैरान रह गए और कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। यह वीडियो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनोखी दोस्ती को लोग प्रकृति का एक सुंदर संदेश बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां इंसान एक-दूसरे से दूर होता जा रहा है और आपसी प्रेम व भाईचारा कम हो रहा है, वहीं अलग-अलग स्वभाव के ये जीव आपस में इतने प्रेम और सौहार्द के साथ रह रहे हैं। ऐसे में मनुष्यों को भी इनसे सबक लेकर आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव की भावना को अपनाना चाहिए। इस मामले पर श्री नयना देवी जी के व्यापारी शिव कांत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम इंसानों को भी इनसे सबक लेना चाहिए। उन्होंने बिलासपुर का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को आपसी लड़ाई-झगड़े और कुल्हाड़ी से एक-दूसरे का खून-खराबा करना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंसानों को आपस में प्रेम और भाईचारे से रहना सीखना चाहिए, क्योंकि यह अमूल्य जिंदगी बार-बार नहीं मिलती है।
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    हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के स्वारघाट से एक अनोखा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कुत्ते और बंदर के बीच गहरी दोस्ती और अपनापन देखने को मिल रहा है। आमतौर पर एक-दूसरे को देखकर आक्रामक हो जाने वाले ये दोनों जीव सड़क के बीचों-बीच एक-दूसरे के साथ खेलते और अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। इस अनोखे और सुंदर नजारे को देखकर राहगीर भी हैरान रह गए और कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। यह वीडियो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस अनोखी दोस्ती को लोग प्रकृति का एक सुंदर संदेश बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां इंसान एक-दूसरे से दूर होता जा रहा है और आपसी प्रेम व भाईचारा कम हो रहा है, वहीं अलग-अलग स्वभाव के ये जीव आपस में इतने प्रेम और सौहार्द के साथ रह रहे हैं। ऐसे में मनुष्यों को भी इनसे सबक लेकर आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव की भावना को अपनाना चाहिए।

इस मामले पर श्री नयना देवी जी के व्यापारी शिव कांत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम इंसानों को भी इनसे सबक लेना चाहिए। उन्होंने बिलासपुर का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को आपसी लड़ाई-झगड़े और कुल्हाड़ी से एक-दूसरे का खून-खराबा करना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंसानों को आपस में प्रेम और भाईचारे से रहना सीखना चाहिए, क्योंकि यह अमूल्य जिंदगी बार-बार नहीं मिलती है।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    4 hrs ago
  • शिमला में न्यू ओ पी डी आईजीएमसी के गेट के पास एक पेड़ गिर गया है।
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    शिमला में न्यू ओ पी डी आईजीएमसी के गेट के पास एक पेड़ गिर गया है।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    8 hrs ago
  • शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब तीन बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। इस हादसे से इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया है, क्योंकि घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सड़क के नीचे का ढंगा ढहकर नीचे बने रिहायशी मकानों की ओर आने से तीन से चार इमारतों पर गिरने का खतरा मंडराने लगा है। हादसे के कारण संजौली कॉलेज मार्ग के साथ-साथ मकानों तक जाने वाला मुख्य रास्ता भी पूरी तरह से टूट चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एक निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी खुदाई और लगातार हो रही बारिश के कारण यह जगह बेहद कमजोर हो गई है। भूधंसाव के कारण पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पाइपलाइनें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे हो रहा पानी का निरंतर रिसाव मिट्टी को और कमजोर कर रहा है और जमीन लगातार नीचे खिसक रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग सुबह चार बजे से ही अपने घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर मदद का इंतजार करते रहे। स्थानीय निवासी पूनम ने बताया कि इस हादसे से तीन से चार घरों को सीधा खतरा पैदा हो गया है और मुख्य रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों सहित सभी निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुशीला का कहना है कि पिछले वर्ष भी मलबे के कारण लोग घरों में फंस गए थे, लेकिन बार-बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी रमेश दिप्टा ने बताया कि मुख्य मार्ग टूटने के बाद लोगों ने आवाजाही के लिए वैकल्पिक तौर पर एक अन्य भवन के लेंटर का उपयोग करना शुरू किया था, लेकिन बीती रात वह अस्थायी रास्ता भी पूरी तरह जमींदोज हो गया। वर्तमान में प्रभावित लोगों के पास आने-जाने के लिए कोई भी सुरक्षित मार्ग शेष नहीं बचा है। क्षेत्र के निवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर गुहार लगाई है कि पानी के रिसाव को तुरंत रोका जाए और मुख्य रास्ते का निर्माण युद्धस्तर पर करवाया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।
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    शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब तीन बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। इस हादसे से इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया है, क्योंकि घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सड़क के नीचे का ढंगा ढहकर नीचे बने रिहायशी मकानों की ओर आने से तीन से चार इमारतों पर गिरने का खतरा मंडराने लगा है। हादसे के कारण संजौली कॉलेज मार्ग के साथ-साथ मकानों तक जाने वाला मुख्य रास्ता भी पूरी तरह से टूट चुका है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एक निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी खुदाई और लगातार हो रही बारिश के कारण यह जगह बेहद कमजोर हो गई है। भूधंसाव के कारण पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पाइपलाइनें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे हो रहा पानी का निरंतर रिसाव मिट्टी को और कमजोर कर रहा है और जमीन लगातार नीचे खिसक रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग सुबह चार बजे से ही अपने घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर मदद का इंतजार करते रहे।

स्थानीय निवासी पूनम ने बताया कि इस हादसे से तीन से चार घरों को सीधा खतरा पैदा हो गया है और मुख्य रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों सहित सभी निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुशीला का कहना है कि पिछले वर्ष भी मलबे के कारण लोग घरों में फंस गए थे, लेकिन बार-बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी रमेश दिप्टा ने बताया कि मुख्य मार्ग टूटने के बाद लोगों ने आवाजाही के लिए वैकल्पिक तौर पर एक अन्य भवन के लेंटर का उपयोग करना शुरू किया था, लेकिन बीती रात वह अस्थायी रास्ता भी पूरी तरह जमींदोज हो गया।

वर्तमान में प्रभावित लोगों के पास आने-जाने के लिए कोई भी सुरक्षित मार्ग शेष नहीं बचा है। क्षेत्र के निवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर गुहार लगाई है कि पानी के रिसाव को तुरंत रोका जाए और मुख्य रास्ते का निर्माण युद्धस्तर पर करवाया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    6 hrs ago
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