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बिहार के सहरसा जिले के सौर बाजार स्थित बैजनाथपुर फ्लाईओवर पार करने के दौरान वाहन चालकों की लापरवाही के चलते लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस फ्लाईओवर पर दौड़ रहे वाहनों की गति पर नियंत्रण न रख पाने के कारण ही ये दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
मिथिलेश कुमार
बिहार के सहरसा जिले के सौर बाजार स्थित बैजनाथपुर फ्लाईओवर पार करने के दौरान वाहन चालकों की लापरवाही के चलते लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस फ्लाईओवर पर दौड़ रहे वाहनों की गति पर नियंत्रण न रख पाने के कारण ही ये दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
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- बिहार के सहरसा जिले के सौर बाजार स्थित बैजनाथपुर फ्लाईओवर पार करने के दौरान वाहन चालकों की लापरवाही के चलते लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस फ्लाईओवर पर दौड़ रहे वाहनों की गति पर नियंत्रण न रख पाने के कारण ही ये दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है।1
- बिहार के सुपौल जिले के राघवपुर रेफरल अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है, जहाँ हाथ में मोबाइल कैमरा लेकर एक लड़का ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर, डॉक्टर ललिता भारती के साथ सरेआम बदतमीजी और अभद्रता कर रहा है। इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई है कि केवल हाथ में कैमरा आ जाने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता है और इस तरह की बदतमीजी करने वालों को जेल भेजने के लिए कानून में सख्त धाराएं मौजूद हैं। डॉक्टर ललिता भारती जी को एक बेहद काबिल, ईमानदार और बहुत ही अच्छी शिशु व स्त्री रोग विशेषज्ञ बताया गया है, जो पूरी निष्ठा से मरीजों की सेवा कर रही हैं। वे खुद अपने परिवार का इलाज उन्हीं से करवाते हैं और इलाके के लोगों को भी यही सलाह देते हैं। इस अभद्रता के खिलाफ अब डॉक्टर के समर्थन में #SupportDoctors की भावना के साथ आवाज उठाई जा रही है।1
- मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव जी को कोशी रत्न दिया गया है।1
- मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड क्षेत्र में मानसून के आने के बाद भी कम बारिश होने के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त चल रहा है। प्रखंड में इस बार कुल 13,999 हेक्टेयर भूमि में धान रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन 15 जुलाई तक महज 48 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई पूरी हो सकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक कम से कम 60 से 80 प्रतिशत खेतों में धान की रोपाई हो जानी चाहिए थी, पर मानसून के बदले रुख और नियमित अंतराल पर बारिश न होने से किसान काफी चिंतित हैं। खेतों में बिचड़ा पूरी तरह तैयार है, लेकिन बारिश की कमी और उमस व तेज धूप के कारण मिट्टी में नमी बेहद कम है। सिंचाई के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी दम तोड़ रही हैं; नहरों में पानी नहीं है और अधिकांश किसान नहर के पानी से वंचित हैं। इसके अलावा, हर जगह कृषि फीडर से बिजली नहीं पहुंच पाई है, और जहां बिजली आपूर्ति उपलब्ध भी है, वहां बिजली का सही लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान महंगाई की मार झेलते हुए मोटर और डीजल पंप सेट के सहारे जैसे-तैसे धान की रोपाई कर रहे हैं। परेशान किसानों ने पटवन के लिए सरकारी सहायता राशि प्रदान करने, सरकारी नलकूपों व बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और नहरों में पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। दूसरी ओर, कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ ने भी पुष्टि की है कि क्षेत्र में अब तक केवल 48 प्रतिशत रोपाई ही संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पूरे प्रखंड क्षेत्र में 13,800 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि यद्यपि कम बारिश से काम प्रभावित हुआ है, फिर भी किसान धीरे-धीरे रोपाई के काम में जुट गए हैं और उम्मीद है कि 30 जुलाई तक काफी हद तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।1
- सुपौल शहर में गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में 'किड्स स्कूल' का भव्य शुभारंभ किया गया है। विद्यालय का उद्घाटन सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत, विधायक रामविलास कामत, छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू, नगर परिषद अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव, जदयू नेता भगवान चौधरी तथा जिला उपाध्यक्ष हरेकांत झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर किया। इस उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर आधुनिक कमरों, आकर्षक शिक्षण वातावरण, खेल सामग्री और अन्य सुविधाओं की सराहना की। विद्यालय के चेयरमैन सौरभ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर, संस्कारयुक्त और नैतिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए बेहतर शिक्षण संस्थानों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह स्कूल बच्चों के व्यक्तित्व, रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के विकास पर गंभीरता से कार्य करेगा। इसके अलावा छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू, विधायक रामविलास कामत, पूर्व जिला अध्यक्ष भगवान चौधरी और जिला उपाध्यक्ष हरेकांत झा ने भी समारोह को संबोधित कर स्कूल प्रबंधन के इस प्रयास को सराहा। अंत में विद्यालय के चेयरमैन सौरभ ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया और यह समारोह बेहद उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ।1
- मधेपुरा जिले के कुमारखंड में मधुवनी से रामनगर जाने वाली सड़क की हालत बहुत गंभीर हो गई है। सड़क की इस खराब स्थिति के कारण यहाँ से गुजरने वाले लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।3
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के कुल 211 नए डिग्री कॉलेजों का भव्य उद्घाटन किया गया। इस उद्घाटन सूची में सौर बाजार के राजकीय कृत उच्च विद्यालय परिसर में स्थित डिग्री कॉलेज का नाम भी शामिल था। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए सौर बाजार में बृहद व्यवस्था की गई थी, ताकि नामांकित छात्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री के संबोधन को सुनकर उस पर अमल कर सकें। इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सौर बाजार में भारी अव्यवस्था और पक्षपात के आरोप सामने आए हैं। डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर राजीव कुमार झा ने पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि स्थानीय सरकारी विद्यालय के शिक्षकों द्वारा इस कार्यक्रम को एक राजनीतिक मंच बना दिया गया। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज के शिक्षकों को कोई महत्व नहीं दिया गया और मधेपुरा स्थित विश्वविद्यालय से पहुंचे अधिकारी का भी अनादर किया गया, जो कि बेहद शर्मनाक बात है। संबोधन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि इन कॉलेजों की स्थापना केवल छात्रों को डिग्री देने के लिए नहीं की गई है, बल्कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में योग्य बनाने के लिए की गई है, इसलिए छात्रों के भविष्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सौर बाजार में इस नए डिग्री कॉलेज भवन का विधिवत उद्घाटन विधायक आईपी गुप्ता द्वारा किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल लोग भीषण गर्मी से बेहाल दिखे, क्योंकि मंच पर तो कूलर की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दर्शक दीर्घा में लोगों के लिए एक भी पंखा नहीं लगाया गया था।1