बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक 'चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब' शामिल हो गई है, जिससे अब अपराध स्थल पर ही तुरंत वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी। यह हाईटेक 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' घटनास्थल को ही एक चलती-फिरती लैब में बदल देगी, जिससे सबूतों के लिए लैब रिपोर्ट का हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा ने शनिवार, 23 मई 2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम के दौरान इस हाईटेक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके साथ एडिशनल एसपी श्री अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य सहित पूरा पुलिस अमला उपस्थित रहा। यह 'सुपर वैन' पहियों पर दौड़ती एक आधुनिक वैज्ञानिक लैब है, जो गंभीर अपराधों और मर्ग जैसे मामलों में घटनास्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट सैंपलिंग और टेस्टिंग करने में सक्षम है। इसमें जैविक साक्ष्यों जैसे खून के धब्बे और डीएनए सैंपलों को गुणवत्ता खराब होने से पहले सुरक्षित करने की सुविधा है। वैन में अत्याधुनिक कैमरे और माइक्रोस्कोप लगे हैं, जो सूक्ष्म से सूक्ष्म सबूतों को भी पकड़ सकते हैं, साथ ही डिजिटल अपराधों के लिए डेटा एनालिसिस और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की भी सुविधा मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अक्सर वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी या देरी के कारण शातिर अपराधी बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई तकनीक से जांच की रफ्तार दोगुनी होगी और सबूतों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की यह नई 'तीसरी आंख' अपराधियों के पसीने छुड़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे क्राइम सीन पर अब अपराधियों का खेल खत्म हो जाएगा।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक 'चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब' शामिल हो गई है, जिससे अब अपराध स्थल पर ही तुरंत वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी। यह हाईटेक 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' घटनास्थल को ही एक चलती-फिरती लैब में बदल देगी, जिससे सबूतों के लिए लैब रिपोर्ट का हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा ने शनिवार, 23 मई 2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम के दौरान इस हाईटेक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके साथ एडिशनल एसपी श्री अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य सहित पूरा पुलिस अमला उपस्थित रहा। यह 'सुपर वैन' पहियों पर दौड़ती एक आधुनिक वैज्ञानिक लैब है, जो गंभीर अपराधों और मर्ग जैसे मामलों में घटनास्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट सैंपलिंग और टेस्टिंग करने में सक्षम है। इसमें जैविक साक्ष्यों जैसे खून के धब्बे और डीएनए सैंपलों को गुणवत्ता खराब होने से पहले सुरक्षित करने की सुविधा है। वैन में अत्याधुनिक कैमरे और माइक्रोस्कोप लगे हैं, जो सूक्ष्म से सूक्ष्म सबूतों को भी पकड़ सकते हैं, साथ ही डिजिटल अपराधों के लिए डेटा एनालिसिस और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की भी सुविधा मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अक्सर वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी या देरी के कारण शातिर अपराधी बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई तकनीक से जांच की रफ्तार दोगुनी होगी और सबूतों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की यह नई 'तीसरी आंख' अपराधियों के पसीने छुड़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे क्राइम सीन पर अब अपराधियों का खेल खत्म हो जाएगा।
- बिल्हा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को प्रेम प्रसंग में फंसाकर और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिल्हा पुलिस से रविवार रात 9:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम दीपक दास मानिकपुरी है, जो 24 वर्ष का है और बिल्हा का निवासी है। उसका स्थायी पता रोडपारा आमगांव, थाना पचपेडी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ है। यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी ने 23.05.2026 को थाने में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी 22.05.2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। नाबालिग को 23.05.2026 को डायल-112 से सूचना मिलने पर बरामद किया गया और बिल्हा थाने को सौंप दिया गया। नाबालिग से पूछताछ में पता चला कि बिल्हा निवासी दीप दास मानिकपुरी ने उसे ग्राम बरतोरी से बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए थे। इस पर पुलिस ने धारा 137(2), 64(1), 65(1) भान्यासं. और 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। थाना प्रभारी ने तत्काल इस स्थिति से श्रीमान उमनि एवं व.पु.अ. महोदय श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) बिलासपुर को अवगत कराया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री डी.आर. टंडन के मार्गदर्शन पर महिला संबंधी इस अपराध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक दास मानिकपुरी को पकड़ा गया। पूछताछ में अपराध घटित करना पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर 24.05.2026 को माननीय न्यायालय न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्यवाही में निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उनि जी.एल. चंद्राकर, प्र.आर. 102 अमर चंद्रा, आरक्षक 1431 अर्जुन जांगड़े और आर. 1210 सुमन चंद्रवंशी की अहम भूमिका रही।1
- सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।4
- तिल्दा-नेवरा पुलिस ने ट्रक चालकों के साथ मारपीट कर लूटपाट करने और संभव स्टील एंड ट्यूब लिमिटेड की कैंटीन में तोड़फोड़ कर कर्मचारियों से मारपीट करने वाले कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार, एक पल्सर मोटरसाइकिल, 30 लीटर डीजल और कुछ नगद राशि भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 मई 2026 को हुई थी जब काले रंग की कार और मोटरसाइकिल पर सवार आरोपी सरोरा स्थित संभव स्टील एंड ट्यूब लिमिटेड कंपनी परिसर में अनाधिकृत रूप से घुस गए थे। उन्होंने कैंटीन कर्मचारियों और लेबर कॉलोनी में मौजूद लोगों के साथ रॉड से मारपीट की और कैंटीन काउंटर में तोड़फोड़ की। इस दौरान, मुख्य आरोपी लकी उर्फ जयमोहन शर्मा ने कैंटीन संचालन के बदले अवैध मासिक रकम और शराब पीने के लिए पैसे की मांग की, और विरोध करने पर कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। उसी रात, ग्राम सरोरा रोड पर निर्माणाधीन पुलिया के पास, इन आरोपियों ने ट्रक क्रमांक CG 04 PG 9775 और CG 04 PG 0380 को ओवरटेक कर रोका। उन्होंने ट्रक चालकों के साथ गाली-गलौज, मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी, और ट्रकों के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद, आरोपियों ने ट्रकों में रखा 30 लीटर डीजल और चालकों के पास रखी नगदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक Shweta Srivastava Sinha के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रशांत शुक्ला और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी जयमोहन शर्मा उर्फ लकी शर्मा समेत कुल 6 आरोपियों को दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया 30 लीटर डीजल और ₹12 हजार नगद बरामद किया है, साथ ही घटना में प्रयुक्त लगभग ₹6 लाख की कार और ₹1 लाख की पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।2
- सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक रूफटॉप पर बैठकर झूमती हुई दिखाई दे रही है। इस वायरल वीडियो के सामने आने से खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आई हैं।1
- आधारशिला सैनिक स्कूल का एक छात्र दल अंतरराष्ट्रीय SPIC MACAY सम्मेलन में भाग लेने के लिए IIT खड़गपुर के लिए रवाना हो गया है। इस यात्रा को स्कूल की ओर से एक "सांस्कृतिक उड़ान" के रूप में बताया गया है।1
- जिओ फाइबर और एयर फाइबर अब सफलतापूर्वक क्रमशः 1085 और 1087 नंबर चैनलों पर शुरू हो गए हैं, जिसकी जानकारी देते हुए उपयोगकर्ताओं को बधाई दी गई है। यह सुविधा अब जिओ टीवी पर भी उपलब्ध कराई गई है।1
- ई-रिक्शा संघ ने अपने अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोपों के विरोध में एक प्रदर्शन किया है। इस मामले की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है।1
- यह वीडियो देखने के बाद शायद लोग पानी की एक-एक बूंद की अहमियत को कभी नहीं भूल पाएंगे। इस संदेश में बताया गया है कि जिस पानी को हम रोज़ाना यूँ ही बहा देते हैं, वही पानी किसी की जिंदगी बचा सकता है। चेतावनी दी गई है कि अगर आज हम नहीं संभले, तो भविष्य में सिर्फ पछताना ही शेष बचेगा। इसलिए, पानी बचाने का आग्रह किया गया है, क्योंकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य इसी पर निर्भर करता है।1
- जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने बाद इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे उधारी का विवाद, आपसी जलन और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा को मुख्य वजह बताया जा रहा है। दरअसल, 23 और 24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उनके छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” शुरू किया और जांच का दायरा 7 राज्यों तक फैलाया। जांच टीम ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपियों और मृतक के बीच उधारी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। साथ ही, मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव को लेकर आरोपियों में जलन भी थी, जिसके कारण हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, घटना की रात आरोपी पहले से ही घर के आसपास मौजूद थे। उन्होंने सबसे पहले CCTV कैमरा तोड़ा, फिर घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई और बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। इस पूरे मामले के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक ने जांच टीम की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की है। फिलहाल, मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।1