भैसदेही पुलिस ने ग्राम कुकरू के पास से 125 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 1052.4 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,12,596 आंकी गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई में कंटेनर वाहन क्रमांक MH-40 DC-0439 को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश बागड़े (28) निवासी हरदोली, नागपुर और तन्मय न्यारे (21) निवासी हदौली (चमेली), नागपुर के रूप में हुई है। पुलिस को दिनांक 26.05.2026 को ग्राम कुकरू (शमशान घाट के समीप) से एक सफेद कंटेनर वाहन क्रमांक MH-40 DC-0439 के संदिग्ध रूप से आने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें कुल 125 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपियों द्वारा प्रस्तुत बिल म.प्र. क्षेत्र के रूट लेख (कुकरू–खमला) के अनुरूप नहीं पाए गए। आबकारी विभाग भैसदेही से पुष्टि के बाद यह ज्ञात हुआ कि यह शराब महाराष्ट्र की है और मध्य प्रदेश में इसके परिवहन पर प्रतिबंध है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। जब्त की गई सामग्री और वाहन को प्रमाणित प्रक्रियानुसार केंद्रीय भंडार/थाना लॉकर में सुरक्षित रखा गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई तथा विवेचना के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई आबकारी विभाग के समन्वय से की गई है। इस कार्रवाई में एसडीओपी भैसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर, उपनिरीक्षक आशीष कुमरे, आरक्षक मनोज, तनवीर खान, सोनू कुमार, सुधाकर, चालक प्रधान आरक्षक राजेश तथा आबकारी उपनिरीक्षक पंकज लोखंडे सहित आबकारी विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भैसदेही पुलिस ने ग्राम कुकरू के पास से 125 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 1052.4 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹4,12,596 आंकी गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई में कंटेनर वाहन क्रमांक MH-40 DC-0439 को भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश बागड़े (28) निवासी हरदोली, नागपुर और तन्मय न्यारे (21) निवासी हदौली (चमेली), नागपुर के रूप में हुई है। पुलिस को दिनांक 26.05.2026 को ग्राम कुकरू (शमशान घाट के समीप) से एक सफेद कंटेनर वाहन क्रमांक MH-40 DC-0439 के संदिग्ध रूप से आने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें कुल 125 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपियों द्वारा प्रस्तुत बिल म.प्र. क्षेत्र के रूट लेख (कुकरू–खमला) के अनुरूप नहीं पाए गए। आबकारी विभाग भैसदेही से पुष्टि के बाद यह ज्ञात हुआ कि यह शराब महाराष्ट्र की है और मध्य प्रदेश में इसके परिवहन पर प्रतिबंध है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। जब्त की गई सामग्री और वाहन को प्रमाणित प्रक्रियानुसार केंद्रीय भंडार/थाना लॉकर में सुरक्षित रखा गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई तथा विवेचना के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई आबकारी विभाग के समन्वय से की गई है। इस कार्रवाई में एसडीओपी भैसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर, उपनिरीक्षक आशीष कुमरे, आरक्षक मनोज, तनवीर खान, सोनू कुमार, सुधाकर, चालक प्रधान आरक्षक राजेश तथा आबकारी उपनिरीक्षक पंकज लोखंडे सहित आबकारी विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनके सपनों को साकार करना है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 17,794 प्राथमिक विद्यालय, 5,493 माध्यमिक विद्यालय, 1,109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय, 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी स्थापित किए हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जिनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएँ शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1,078 विद्यार्थी (568 बालक और 510 बालिकाएँ), जूनियर छात्रावासों में 9,981 विद्यार्थी, सीनियर छात्रावासों में 68,670 विद्यार्थी तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8,710 विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। मंत्री डॉ. शाह ने जानकारी दी कि छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री, 5 हजार रुपये सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए और 50 हजार रुपये फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये की स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था की गई है, जहाँ 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।2
- हरदा जिले की टिमरनी कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राजेंद्र धनोरिया ने प्रधानमंत्री के संदेश को आत्मसात करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते देश में ईंधन, जैसे डीजल और पेट्रोल की बचत की प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए, धनोरिया रोजाना अपनी स्कूटी से कार्यालय आते हैं और शासकीय वाहन का उपयोग नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से कम से कम वाहनों का उपयोग करने और विशेष आवश्यकताओं में ही गाड़ी चलाने का आग्रह किया था, जिसे सचिव धनोरिया ने स्वयं से लागू किया है। उन्होंने बताया कि वह विशेष परिस्थितियों में ही अपनी कार का उपयोग भोपाल आदि की बैठकों में जाने के लिए करते हैं। वे अपने कर्मचारियों, अधिकारियों, साथी व्यापारियों और अन्य लोगों से भी प्रधानमंत्री की अपील को अपनाने और ईंधन बचाने का आग्रह करेंगे। इसके तहत, मंडी कार्यालय में लगी शासकीय गाड़ी को भी 30 मई से बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद सभी को अपने निजी वाहनों से मंडी के कार्यों में संलग्न रहना होगा। राजेंद्र धनोरिया स्वयं भी मंडी परिसर में रोजाना साइकिल से आने पर विचार कर रहे हैं।4
- रेलवे के दो 'कीमैन' बलवंत और सुनील कुमार ने एम्बुलेंस का इंतज़ार न करते हुए, खुद ही 'लाइफलाइन' बनकर कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत का परिचय दिया है। उनकी इस अनुकरणीय सेवा के लिए 'एमपी अपडेट' ने इन दोनों को सलाम किया है। 'एमपी अपडेट' के अनुसार, बड़े-बड़े एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर 'मानवता' पर लेक्चर देने वाले अधिकारियों और नेताओं को इन पटरियों के नायकों से यह सीख लेनी चाहिए कि असली ड्यूटी और असली इंसानियत क्या होती है।1
- नागरिकों को यह निर्देश दिया गया है कि अगर सरकारी दफ्तरों में कोई भी उनसे रिश्वत की मांग करता है, तो वे सीधे शिकायत करें। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी सभी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- हरदा में नगर पालिका ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपनी जेसीबी का इस्तेमाल किया।1
- नर्मदापुरम कलेक्टर की पहल पर भीषण गर्मी से पशु-पक्षियों को राहत दिलाने के उद्देश्य से "नीर पखेरू" नवाचार अभियान का आरंभ किया गया है। "एक सकोरा, पानी पक्षियों की जिंदगानी" थीम पर आधारित इस अभियान के तहत सोहागपुर ब्लॉक में विभिन्न विभागों ने मिलकर एक अनुकरणीय कार्य किया है। अभियान के अंतर्गत, सोहागपुर के सभी विभाग प्रमुखों ने अपने अधीनस्थ कार्यालयों, परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाए हैं। जनसंपर्क विभाग से बुधवार शाम 6:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, अनुविभाग में अब तक 1000 से अधिक सकोरे स्थापित किए जा चुके हैं। इसमें जनपद पंचायत सोहागपुर ने 250 सकोरे, शिक्षा विभाग सोहागपुर ने 250 सकोरे, महिला एवं बाल विकास विभाग सोहागपुर ने 150 सकोरे, स्वास्थ्य विभाग सोहागपुर ने 125 सकोरे, नगर परिषद सोहागपुर ने 120 सकोरे, राजस्व विभाग ने 50 सकोरे और अन्य सभी विभागों ने लगभग 70 सकोरे लगाए हैं।1
- बैतूल में कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय जल समस्या के मुद्दे पर एक विरोध रैली का आयोजन किया। इस दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका (नपा) कार्यालय के सामने मटके फोड़कर अपना आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन दर्ज कराया।1
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से हो रही शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जहां आबकारी विभाग सौसर में महुआ शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है, वहीं पांढुर्णा क्षेत्र के गांवों में अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवा और नाबालिग छात्र भी इसकी लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पांढुर्णा आबकारी विभाग इस अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में अपेक्षित सख्ती नहीं दिखा रहा है और मांग की है कि विभाग सौसर की तर्ज पर पांढुर्णा में भी अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करे। दूसरी ओर, आबकारी वृत्त सौसर ने अवैध महुआ शराब एवं लाहन पर दबिश देकर 06 प्रकरण दर्ज करने की बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में, आबकारी वृत्त सौसर द्वारा अवैध मदिरा निर्माण एवं संग्रहण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई के दौरान, ग्राम बड़गांबोड़ी, नवथल एवं बागोड़ा ढाना क्षेत्र में नदी एवं नाले किनारे संचालित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग 8000 किलोग्राम महुआ लाहन और लगभग 150 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं च के तहत कुल 06 प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए। मौके पर बरामद महुआ लाहन के नमूने लेने के बाद शेष लाहन को नियमानुसार नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के दौरान वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री के.सी. चौहान, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री जी.एल. मरावी, श्रीमती भारती गोंड, श्री वसुदेवाचार्य त्रिपाठी, आबकारी उपनिरीक्षक श्री आकाश मेश्राम, श्रीमती पूर्णिमा बरकड़े, श्री नरेंद्र नागेश, श्री जीतसिंह धुर्वे, आबकारी आरक्षक श्री जितेन्द्र धुर्वे, श्रीमती भावना हेड़ाऊ, श्री उत्कर्ष ठाकरे, श्री सचिन श्रीवास्तव, श्रीमती भारती मरकाम, श्रीमती रवीना, श्री कुमार शर्मा एवं श्री राजकुमार यदुवंशी उपस्थित रहे। आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध मदिरा निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियानात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।1
- इटारसी अपडेट की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मेहरागांव के वार्ड नंबर 1 स्थित माली मोहल्ला विकास के तमाम दावों के बावजूद गंभीर बदहाली का सामना कर रहा है, जहाँ की कच्ची सड़क और अधूरी नाली ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। रोजाना बच्चे, बूढ़े और राहगीर कीचड़ में गिरकर चोटिल हो रहे हैं; बीते कल रात भी एक बाइक सवार इसी समस्या के चलते बुरी तरह स्लिप हो गया था। इसके अलावा, नाली का गंदा पानी आए दिन सड़कों पर बहता रहता है, जिससे मोहल्ले के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट स्थिति के मद्देनजर, वार्डवासी 'इटारसी अपडेट' के माध्यम से सीधे सरपंच जितेंद्र पटेल (जीतू जी) से हाथ जोड़कर निवेदन कर रहे हैं कि वे इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें। उनकी मांग है कि नाली और सड़क को जल्द से जल्द पक्का किया जाए, ताकि जनता को इस 'रोज़-रोज़ के नरक' से मुक्ति मिल सके और सोए हुए प्रशासन को जगाया जा सके।1