प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनके सपनों को साकार करना है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 17,794 प्राथमिक विद्यालय, 5,493 माध्यमिक विद्यालय, 1,109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय, 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी स्थापित किए हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जिनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएँ शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1,078 विद्यार्थी (568 बालक और 510 बालिकाएँ), जूनियर छात्रावासों में 9,981 विद्यार्थी, सीनियर छात्रावासों में 68,670 विद्यार्थी तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8,710 विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। मंत्री डॉ. शाह ने जानकारी दी कि छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री, 5 हजार रुपये सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए और 50 हजार रुपये फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये की स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था की गई है, जहाँ 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनके सपनों को साकार करना है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 17,794 प्राथमिक विद्यालय, 5,493 माध्यमिक विद्यालय, 1,109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय, 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी स्थापित किए हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जिनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएँ शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1,078 विद्यार्थी (568
बालक और 510 बालिकाएँ), जूनियर छात्रावासों में 9,981 विद्यार्थी, सीनियर छात्रावासों में 68,670 विद्यार्थी तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8,710 विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। मंत्री डॉ. शाह ने जानकारी दी कि छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री, 5 हजार रुपये सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए और 50 हजार रुपये फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये की स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था की गई है, जहाँ 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
- प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनके सपनों को साकार करना है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 17,794 प्राथमिक विद्यालय, 5,493 माध्यमिक विद्यालय, 1,109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय, 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी स्थापित किए हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जिनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएँ शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1,078 विद्यार्थी (568 बालक और 510 बालिकाएँ), जूनियर छात्रावासों में 9,981 विद्यार्थी, सीनियर छात्रावासों में 68,670 विद्यार्थी तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8,710 विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। मंत्री डॉ. शाह ने जानकारी दी कि छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री, 5 हजार रुपये सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए और 50 हजार रुपये फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये की स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था की गई है, जहाँ 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।2
- बैतूल जिले की भैंसदेही पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक कंटेनर से अवैध रूप से परिवहन की जा रही 125 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 4,12,596 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार जारी प्रयासों का हिस्सा है। घटना 26.05.2026 को थाना भैंसदेही के ग्राम कुकरू स्थित श्मशान घाट के पास सामने आई, जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक सफेद रंग के संदिग्ध वाहन क्रमांक एमएच 40 डीसी 0439 बंद कंटेनर को रोका। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें 125 पेटी अंग्रेजी शराब पाई गई, जिसकी कुल मात्रा 1052.4 लीटर थी। वाहन चालक आकाश बागड़े और बाजू में बैठे तन्मय न्यारे से पूछताछ की गई। चालक ने शराब के संबंध में एक बिल प्रस्तुत किया, जिसमें मध्य प्रदेश क्षेत्र का रूट 'कुकरू खामला' लिखा था, लेकिन यह रूट बिल के अनुसार वैध नहीं पाया गया। आबकारी विभाग भैंसदेही वृत्त से पुष्टि करने पर पता चला कि महाराष्ट्र की इस शराब का मध्य प्रदेश में परिवहन प्रतिबंधित है। इस संबंध में थाना भैंसदेही में दोनों आरोपी आकाश पिता दिलीप बागड़े (उम्र 28 साल, निवासी ग्राम हरदोली, थाना कोण्डाली, जिला नागपुर) और तन्मय पिता किसनाजी न्यारे (उम्र 21 साल, निवासी ग्राम हदौली (चमेली), थाना कोण्डाली, जिला नागपुर, महाराष्ट्र) के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जब्त की गई 125 पेटी अंग्रेजी शराब (1052.4 लीटर, कीमत करीब 4,12,596 रुपये) और अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए गए कंटेनर वाहन क्रमांक एमएच 40 डीसी 0439 को भी जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी भैंसदेही निरीक्षक राजेश सातनकर, उपनिरीक्षक आशीष कुमरे, आरक्षक मनोज (426), आरक्षक तनवीर खान (262), आरक्षक सोनू कुमार (600), आबकारी विभाग के उप निरीक्षक पंकज लोखंडे और आबकारी विभाग के अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध शराब और अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाना पुलिस को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- आमला के बस स्टैंड पर आरटीओ ने यात्रियों की बसों पर सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान दो अलग-अलग बसों के खिलाफ एक्शन लेते हुए कुल ₹21 हजार का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई में एक बस को जब्त भी किया गया। आरटीओ की इस कार्रवाई से सभी बस संचालकों में हड़कंप मच गया है।2
- अपनी लंबित मांगों को लेकर बैतूल जिले के कोटवारों ने मंगलवार को आमला में एक विशाल जिला स्तरीय मांग अधिवेशन सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, मुलताई, बोरदेही, आमला, बैतूल, भीमपुर और चिचोली सहित जिले की विभिन्न तहसीलों और पांच विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कोटवार शामिल हुए, जिनमें महिला कोटवारों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। आमला क्षेत्र के लगभग 148 कोटवारों सहित जिलेभर से एक सैकड़ा से अधिक कोटवारों ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों पर प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। सम्मेलन के समापन के बाद, जिला कोटवार संघ के नेतृत्व में कोटवारों ने एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया और तहसीलदार रिचा कौरव को एक चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन पर जिला कोटवार संघ अध्यक्ष और जिलेभर के कोटवारों के हस्ताक्षर थे। कोटवार संघ की प्रमुख मांगों में पिछले तीन वर्षों से लंबित बर्दी भत्ता और पूर्व की समस्त बकाया राशि को तुरंत उनके बैंक खातों में जमा कराना, कोटवार नियुक्ति में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देना और पंचायत प्रस्ताव की अनिवार्यता को समाप्त करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कोटवार की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनिवार्य रूप से अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने और सेवानिवृत्ति के बाद कोटवारों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि फार्मर आईडी नहीं बन पाने के कारण कोटवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, और कई ग्राम पंचायतों में सरपंचों द्वारा मनमानी नियुक्तियां किए जाने के आरोप भी लगाए। कोटवारों ने बताया कि तीन वर्षों से बर्दी भत्ता न मिलने से आर्थिक संकट पैदा हो गया है, जबकि पेंशन व्यवस्था न होने से वृद्धावस्था में असुरक्षा बनी रहती है। उन्होंने सरकार से कोटवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर लक्ष्मीनारायण चन्देलकर, कार्यक्रम खातरकर, भोपाल बामने, संतोष अतुलकर, दिनेश बामने, लखन मालवीय, ऋषि सोमकुवंर, राजु राजुलकर और मधु शरणकर सहित कई कोटवार और पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त कर मांगों पर उचित कार्रवाई करने और विषय को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कोटवारों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।4
- छिंदवाड़ा के लालबाग स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर हुई एक दर्दनाक घटना में एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसका एक हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया। यह हादसा बुधवार सुबह करीब सवा दस बजे हुआ, जिसमें 32 वर्षीय सुधीर जानके ट्रैक के पास गंभीर रूप से घायल पाए गए। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय निवासियों ने एंबुलेंस की मदद से घायल सुधीर को अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, घटनास्थल पर पड़ा कटा हुआ हाथ थोड़ी देर बाद एक कुत्ते के मुँह में देखा गया, जो उसे लेकर कॉलोनी में घूम रहा था। इस विचलित कर देने वाले दृश्य से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय पार्षद आकाश मोखलगाय ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ अलग-अलग थाना क्षेत्र होने के कारण पुलिस के बीच समन्वय में समस्या आई। कटे हुए हाथ को खोजने में लगभग 6 घंटे का समय लगा, जिसके बाद अंततः पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।1
- सिंगोड़ी में भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न हुई पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों को अब राहत मिलने लगी है। जनपद प्रतिनिधि योगेश यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू की है, जिससे लोगों को काफी परेशानी से निजात मिली है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है, जिसमें पत्रकार जाहिद मंसूरी ने श्री योगेश यादव जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पानी की ऐसी विकराल समस्या के समय उन्होंने आगे बढ़कर पानी पहुंचाया है। निवासियों को इस टैंकर व्यवस्था से बड़ी राहत की उम्मीद है और साथ ही उन्होंने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी की है।1
- छिंदवाड़ा जिले के विजयपुर गाँव में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच स्वंखा के युवाओं ने मानवता की एक मिसाल पेश की है। यह सराहनीय कार्य सिद्ध गोरिया नाथ से संबंधित है, जहाँ स्वंखा के इन युवाओं ने अपनी मानवीय भावना का प्रदर्शन किया है।1
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से हो रही शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जहां आबकारी विभाग सौसर में महुआ शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है, वहीं पांढुर्णा क्षेत्र के गांवों में अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवा और नाबालिग छात्र भी इसकी लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पांढुर्णा आबकारी विभाग इस अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में अपेक्षित सख्ती नहीं दिखा रहा है और मांग की है कि विभाग सौसर की तर्ज पर पांढुर्णा में भी अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करे। दूसरी ओर, आबकारी वृत्त सौसर ने अवैध महुआ शराब एवं लाहन पर दबिश देकर 06 प्रकरण दर्ज करने की बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में, आबकारी वृत्त सौसर द्वारा अवैध मदिरा निर्माण एवं संग्रहण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई के दौरान, ग्राम बड़गांबोड़ी, नवथल एवं बागोड़ा ढाना क्षेत्र में नदी एवं नाले किनारे संचालित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग 8000 किलोग्राम महुआ लाहन और लगभग 150 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं च के तहत कुल 06 प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए। मौके पर बरामद महुआ लाहन के नमूने लेने के बाद शेष लाहन को नियमानुसार नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के दौरान वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री के.सी. चौहान, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री जी.एल. मरावी, श्रीमती भारती गोंड, श्री वसुदेवाचार्य त्रिपाठी, आबकारी उपनिरीक्षक श्री आकाश मेश्राम, श्रीमती पूर्णिमा बरकड़े, श्री नरेंद्र नागेश, श्री जीतसिंह धुर्वे, आबकारी आरक्षक श्री जितेन्द्र धुर्वे, श्रीमती भावना हेड़ाऊ, श्री उत्कर्ष ठाकरे, श्री सचिन श्रीवास्तव, श्रीमती भारती मरकाम, श्रीमती रवीना, श्री कुमार शर्मा एवं श्री राजकुमार यदुवंशी उपस्थित रहे। आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध मदिरा निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियानात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।1