संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यमुनानगर जिले की सभी संत निरंकारी मिशन ब्रांचों के सत्संग भवनों में योग कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित इन कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं और सेवादल के सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यमुनानगर के रेलवे रोड स्थित मुख्य भवन, जगाधरी के सेक्टर 18, बूड़िया ब्रांच के शहजादपुर गांव, जगाधरी वर्कशॉप, छछरौली, प्रीतनगर, प्रतापनगर, बिलासपुर, ढलौर, लेदी, दड़वा, जयधर, साढ़ौरा, रादौर और सरस्वती नगर सहित सभी सत्संग भवनों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां मौजूद अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने श्रद्धालुओं को विभिन्न योग क्रियाएं, प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम सिखाए, जिनमें हाथ, कंधे, गर्दन, कमर, आंख और कान सहित पूरे शरीर की कसरत शामिल थी। साधकों ने कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, अग्निसार, भ्रामरी, उज्जायी और आंतरिक कुंभक का पूरी तन्मयता के साथ अभ्यास किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजित 'हास्य योग' ने सभी उपस्थित साधकों को आनंद और ऊर्जा से भर दिया। यमुनानगर ब्रांच के संयोजक बलदेव सिंह और जगाधरी ब्रांच के संयोजक बलराज मित्तल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग अनिवार्य है, उसी तरह मन को स्वच्छ और पवित्र रखने के लिए सत्संग बेहद जरूरी है। मिशन का मुख्य उद्देश्य इंसान को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज अक्सर अपने विचारों में ‘स्वस्थ मन, सहज जीवन’ का संदेश देती हैं, क्योंकि यह शरीर निरंकार परमात्मा की अनमोल देन है और इसे निरोगी रखना हमारा मूल कर्तव्य है। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि इस अभियान के तहत संत निरंकारी मिशन द्वारा देशभर में 1500 से अधिक केंद्रों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है। मिशन का यह जनकल्याणकारी अभियान समाज को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित कर समग्र कल्याण का संदेश देता है।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यमुनानगर जिले की सभी संत निरंकारी मिशन ब्रांचों के सत्संग भवनों में योग कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित इन कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं और सेवादल के सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यमुनानगर के रेलवे रोड स्थित मुख्य भवन, जगाधरी के सेक्टर 18, बूड़िया ब्रांच के शहजादपुर गांव, जगाधरी वर्कशॉप, छछरौली, प्रीतनगर, प्रतापनगर, बिलासपुर, ढलौर, लेदी, दड़वा, जयधर, साढ़ौरा, रादौर और सरस्वती नगर सहित सभी सत्संग भवनों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यहां मौजूद अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने श्रद्धालुओं को विभिन्न योग क्रियाएं, प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम सिखाए, जिनमें हाथ, कंधे, गर्दन, कमर, आंख और कान सहित पूरे शरीर की कसरत शामिल थी। साधकों ने कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, अग्निसार, भ्रामरी, उज्जायी और आंतरिक कुंभक का पूरी तन्मयता के साथ अभ्यास किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजित 'हास्य योग' ने सभी उपस्थित साधकों को आनंद और ऊर्जा से भर दिया। यमुनानगर ब्रांच के संयोजक बलदेव सिंह और जगाधरी ब्रांच के संयोजक बलराज मित्तल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग अनिवार्य है, उसी तरह मन को स्वच्छ और पवित्र रखने के लिए सत्संग बेहद जरूरी है। मिशन का मुख्य उद्देश्य इंसान को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज अक्सर अपने विचारों में ‘स्वस्थ मन, सहज जीवन’ का संदेश देती हैं, क्योंकि यह शरीर निरंकार परमात्मा की अनमोल देन है और इसे निरोगी रखना हमारा मूल कर्तव्य है। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि इस अभियान के तहत संत निरंकारी मिशन द्वारा देशभर में 1500 से अधिक केंद्रों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है। मिशन का यह जनकल्याणकारी अभियान समाज को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित कर समग्र कल्याण का संदेश देता है।
- समर कार्निवाल के दौरान 'एक सोच नई सोच संस्था' के संस्थापक से एक बातचीत हुई है। इस बातचीत के महत्त्वपूर्ण अंश साझा किए गए हैं।1
- बराड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांसद वरुण चौधरी ने 'वोट क्रॉस' के आरोप में कांग्रेस से निष्कासित किए गए विधायकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन नेताओं को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें वास्तव में जनता के बीच जाने का साहस है, तो वे अपने विधायक पद से तुरंत इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता तथा वास्तविक ताकत साबित करें। सांसद चौधरी ने स्पष्ट किया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को जनता सबक सिखाने का काम करेगी। उन्होंने कांग्रेस की संगठनात्मक अनुशासन और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पार्टी हितों के खिलाफ जाने वालों के लिए कांग्रेस में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने निष्कासित विधायकों को केवल बयानबाजी से बचने की नसीहत दी, क्योंकि उनकी वास्तविक ताकत का पता चुनाव लड़ने से ही चलेगा। सांसद वरुण चौधरी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।1
- साढ़ौरा के हिंदू एएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण के बीच धूमधाम से मनाया गया। इस वर्ष के आयोजन में रिकॉर्डतोड़ संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया, जिसने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बनाया। नायब तहसीलदार साढ़ौरा कुलदीप सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक देखरेख में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्थानीय गणमान्य लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर योग के महत्व को समझा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक साढ़ौरा बलवंत सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की, जबकि जिला परिषद चेयरमैन रमेश ठसका, नगरपालिका चेयरपर्सन शालिनी शर्मा, मार्केट कमेटी चेयरमैन नवीन भसीन, प्रिंसिपल दून स्कूल हंसराज चौहान और गुरविंदर चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और मंच से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का माध्यम बताया, जो आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मुख्य योग शिक्षक सतपाल शर्मा ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम करवाए, जिनमें उपस्थित सभी लोगों ने सक्रियता से भाग लिया। मंच संचालक योगाचार्य सतपाल शर्मा ने इस बार की रिकॉर्डतोड़ भागीदारी को क्षेत्र में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और रुचि का प्रमाण बताया। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन योग करना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति चेतना बढ़ाना और आने वाली पीढ़ी को योग के लिए प्रेरित करना है। आयोजन के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को रिफ्रेशमेंट वितरित की गई। नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह ने आयुष विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. बहादुर संधू सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों के विशेष सहयोग को सराहा। सहायक योग शिक्षक कमल, कोच नायब सिंह, सतीश और विकास को सम्मानित किया गया, साथ ही जिला स्तर पर विजेता बनी सिमरनजीत कौर को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के अध्यक्ष नवीन भसीन ने प्रतिदिन योग करने का आह्वान किया। मंगतराम सैनी, नरेश बक्शी, धर्मपाल सैनी, खंड शिक्षा अधिकारी धर्म सिंह राठी, अंकित अग्रवाल, संदीप गुप्ता, दुष्यंत, सागर, संयम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी इस प्रेरणादायक आयोजन में उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस की STF टीम ने सोमवार तड़के सहारनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई इस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से घायल बदमाश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने ₹1 लाख और चंदौली पुलिस ने ₹25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था, कुल मिलाकर ₹1.25 लाख का इनामी बदमाश था। पुलिस के अनुसार, लल्लन सिंह पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट, हथियार लूट और पुलिसकर्मियों पर हमले सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उस पर सात लोगों की हत्या का आरोप था, जिनमें दो दारोगा, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे। विशेष रूप से, वर्ष 2022 में वाराणसी में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी वह वांछित था। मुठभेड़ के दौरान लल्लन सिंह का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। अब STF और पुलिस उस फरार साथी की तलाश में जुटी है। इस घटना के संबंध में सोमवार दोपहर 2 बजे डीआईजी अभिषेक सिंह ने विस्तृत जानकारी दी।1
- जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की गई है कि वे भारत भूषण द्वारा उठाई गई आवाज़ का पूरा समर्थन करें। इस अपील में सभी भाई-बहनों से एकजुट होकर, उनके लाइव वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट रूप से वर्तमान सरकार को जल्द से जल्द गिराना बताया गया है, जिसके लिए जनता से ऑनलाइन माध्यम से भरपूर समर्थन जुटाने का आह्वान किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के सभी निवासियों के लिए बिजली से संबंधित समझ बढ़ाने हेतु एक वीडियो उपलब्ध है।1
- यमुनानगर में चल रहे समर कार्निवाल में, जूनियर जसपाल भट्टी ने शहरवासियों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सभी से कार्निवाल में पहुँचकर मनोरंजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया।1
- मुलाना के डुलियाना इलाके में शुक्रवार को एक सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के जेवरात और हजारों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। वारदात के समय पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था। पीड़ित अशोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह और उनका छोटा भाई घर पर ताला लगाकर अपनी नौकरी पर गए थे। शाम को जब उनका छोटा भाई घर लौटा, तो घर का दरवाजा खुला देखकर दंग रह गया। घर के भीतर कोई नहीं था, जिससे किसी अनहोनी की आशंका के चलते जब अंदर जाकर देखा गया, तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने घर के अंदर रखी दो अलमारियों के ताले तोड़ दिए थे। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने अलमारियों में रखे करीब 6 तोले सोने और 78 तोले चांदी के कीमती गहनों सहित 50 हजार रुपये की नकदी चुरा ली थी। चोर गहनों की खाली डिब्बियां वहीं मौके पर ही छोड़ गए। पीड़ित अशोक के अनुसार, चोरी गई 50 हजार रुपये की नकदी में से 40 हजार रुपये एक कमेटी के थे, जिसे उन्होंने घर में रखा हुआ था। इस वारदात से पीड़ित भाइयों को लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने 'डायल 112' पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही मुलाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।3
- भारत सिंह का फर्जी एनकाउंटर किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। दावा किया गया है कि भारत सिंह गरीबों के मसीहा थे और उन्हें एक 'राजनीतिक खेल' के तहत मरवाया गया है। इस पूरी घटना के लिए सम्राट चौधरी पर सीधा आरोप लगाया गया है कि यह सब उनके हाथों से करवाया गया है।1