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सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863

21 hrs ago
user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Court reporter Kathiwara, Alirajpur•
21 hrs ago

सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863

More news from Alirajpur and nearby areas
  • सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
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    सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Kathiwara, Alirajpur•
    21 hrs ago
  • माँ की कुक्षी मे प्रतिष्ठा के पूर्व आचार्यश्री के समक्ष श्रीसंघ के मन का उल्लास और उमंग भरा भाव आया नजर। आचार्य श्री हुए प्रसन्न दिया खूब खूब आशीर्वाद।
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    माँ की कुक्षी मे प्रतिष्ठा के पूर्व आचार्यश्री के समक्ष श्रीसंघ के मन का उल्लास और उमंग भरा भाव आया नजर। आचार्य श्री  हुए प्रसन्न दिया खूब खूब आशीर्वाद।
    user_MP 11 NEWS
    MP 11 NEWS
    Court reporter कुक्षी, धार, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Akleshdamor
    1
    Post by Akleshdamor
    user_Akleshdamor
    Akleshdamor
    Farmer मेघनगर, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी,,(घर पर खड़ी साईकिल हुई चोरी पिडीत ने दी पुलिस में रिपोर्ट,,,,,,, राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में स्थित पोटलिया में रहने वाले शब्बीर पुत्र मौईद बोरा ने कुशलगढ़ पुलिस में अपने घर खड़ी साईकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई शब्बीर भाई ने बताया कि घटना दिनांक 12मार्च की हे पिडीत साईकिल घर खड़ी कर घर के अंदर गया इतने में अज्ञात व्यक्ति साईकिल लेकर रफु चक्कर हो गया करीब 11दिन बितने के बाद भी पुलिस ना तो साईकिल बरामद कर सकी व ना ही चोर को पकड़ा
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    कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी,,(घर पर खड़ी साईकिल हुई चोरी पिडीत ने दी पुलिस में रिपोर्ट,,,,,,, राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में स्थित पोटलिया में रहने वाले शब्बीर पुत्र मौईद बोरा ने कुशलगढ़ पुलिस में अपने घर खड़ी साईकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई शब्बीर भाई ने बताया कि घटना दिनांक 12मार्च की हे पिडीत साईकिल घर खड़ी कर घर के अंदर गया इतने में अज्ञात व्यक्ति साईकिल लेकर रफु चक्कर हो गया करीब 11दिन बितने के बाद भी पुलिस ना तो साईकिल बरामद कर सकी व ना ही चोर को पकड़ा
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बड़वानी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणगौर माता का पर्व पूरे हर्षोल्लास, आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। शहर में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के अंतर्गत माता जी के रथों का स्वागत किया जाता है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पूजा-अर्चना करते हैं। समाज के वरिष्ठ सदस्य मनोज पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि गणगौर पर्व के दौरान समाज की ओर से सामूहिक भोज, भंडारा एवं अन्नकूट का भव्य आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण गैस टंकियों की उपलब्धता में भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे हालात में समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाया है। पहले के समय में जिस प्रकार लकड़ी की भट्टियों पर भोजन तैयार किया जाता था, उसी परंपरा को इस वर्ष भी जीवित किया गया है। आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर लकड़ी की भट्टियां तैयार की गई हैं, जहां महिलाओं और समाजजनों की टीम द्वारा भोजन प्रसादी बनाई जा रही है। इसमें पूरी, सब्जी, दाल, चावल सहित विभिन्न व्यंजन पारंपरिक तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि अन्नकूट और गणगौर पर्व की पंगत—दोनों समय का भोजन पूरी तरह लकड़ी की भट्टियों पर ही बनाया जा रहा है। इस पारंपरिक पद्धति से न केवल गैस संकट का समाधान निकाला गया है, बल्कि पुराने समय की संस्कृति और स्वाद को भी पुनर्जीवित किया गया है। समाज के बुजुर्गों का कहना है कि लकड़ी की भट्टियों पर बना भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि उसमें पारंपरिक खुशबू और श्रद्धा का भाव भी जुड़ा होता है। गणगौर पर्व के इस आयोजन में समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। महिलाएं जहां पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्मों में व्यस्त हैं, वहीं युवा वर्ग आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहा है। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना हुआ है। इस तरह विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज ने यह संदेश दिया है कि आस्था, परंपरा और एकता के बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है
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    बड़वानी।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणगौर माता का पर्व पूरे हर्षोल्लास, आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। शहर में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के अंतर्गत माता जी के रथों का स्वागत किया जाता है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पूजा-अर्चना करते हैं।
समाज के वरिष्ठ सदस्य मनोज पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि गणगौर पर्व के दौरान समाज की ओर से सामूहिक भोज, भंडारा एवं अन्नकूट का भव्य आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण गैस टंकियों की उपलब्धता में भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे हालात में समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाया है। पहले के समय में जिस प्रकार लकड़ी की भट्टियों पर भोजन तैयार किया जाता था, उसी परंपरा को इस वर्ष भी जीवित किया गया है।
आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर लकड़ी की भट्टियां तैयार की गई हैं, जहां महिलाओं और समाजजनों की टीम द्वारा भोजन प्रसादी बनाई जा रही है। इसमें पूरी, सब्जी, दाल, चावल सहित विभिन्न व्यंजन पारंपरिक तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि अन्नकूट और गणगौर पर्व की पंगत—दोनों समय का भोजन पूरी तरह लकड़ी की भट्टियों पर ही बनाया जा रहा है।
इस पारंपरिक पद्धति से न केवल गैस संकट का समाधान निकाला गया है, बल्कि पुराने समय की संस्कृति और स्वाद को भी पुनर्जीवित किया गया है। समाज के बुजुर्गों का कहना है कि लकड़ी की भट्टियों पर बना भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि उसमें पारंपरिक खुशबू और श्रद्धा का भाव भी जुड़ा होता है।
गणगौर पर्व के इस आयोजन में समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। महिलाएं जहां पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्मों में व्यस्त हैं, वहीं युवा वर्ग आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहा है। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना हुआ है।
इस तरह विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज ने यह संदेश दिया है कि आस्था, परंपरा और एकता के बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Hemant Nagziriya
    2
    Post by Hemant Nagziriya
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मांडू में गणगौर माता का तीन दिवसीय कार्यक्रम पारंपरिक गीतों और पूजा से विदाई दी अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी हुआ महिलाओं ने सिर पर रथ लेकर चतुर्भुज राम मंदिर से गोमती कुंड तक यात्रा निकाली राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/सोमवार रात मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में गणगौर माता की पारंपरिक सवारी और रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यह यात्रा परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक रही। माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं 25 से अधिक घरों में बने माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते और गरबा खेलते हुए ये महिलाएं चतुर्भुज राम मंदिर पहुंचीं। मंदिर में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी और पंडित महेंद्र शर्मा ने माता की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता को जल पिलाया, पुष्पमाला पहनाई और मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती की।गणगौर पर्व आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक इन भव्य सवारियों में मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं। नगर की वरिष्ठ महिलाओं, इंदिरा बाई शर्मा और पुष्पा यादव ने बताया कि गणगौर पर्व उनके लिए आस्था, परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। वे इस पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं और अपने सुहाग, नगर और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिनों तक माता रानी की आराधना करती हैं। भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा पर्व के दौरान महिलाओं ने रात्रि जागरण किया, हाथों में मेहंदी लगाई और गणगौर माता के गीत गाकर नृत्य किया। प्रत्येक घर में भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा गया। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा और गणगौर माता के गीत गूंजते रहे। छोटे बच्चे बने गणगौर माता ओर ईश्वर जी मांडू में छोटे छोटे बच्चे गणगौर के इस आयोजन में गणगौर माता ओर ओर उनके पति ईश्वर जी बने ओर खूब गणगौर के भजनों पर नत्य क्या चतुर्भुज श्री राम की नगरी में तीन दिवसीय गणगौर महोत्सव का आज समापन हो गया। यह महोत्सव आस्था और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार गणगौर की विदाई पारंपरिक गीत गाकर और पूजा-अर्चना करके की गई वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर में गणगौर माता के रथ की पूजा ओर आरती के बाद गणगौर माता के रथ को पूरे नगर में घुमा कर गोमती कुंड पहुंच कर माता को विदाई दी । समापन के अवसर पर नितिन पटेल के द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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    मांडू में गणगौर माता का तीन दिवसीय कार्यक्रम पारंपरिक गीतों और पूजा से विदाई दी
अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी हुआ
महिलाओं ने सिर पर रथ लेकर चतुर्भुज राम मंदिर से गोमती कुंड तक यात्रा निकाली
राहुल सेन मांडव 
मो 9669141814
मांडू न्यूज/सोमवार रात मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में गणगौर माता की पारंपरिक सवारी और रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यह यात्रा परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक रही।
माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं
25 से अधिक घरों में बने माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते और गरबा खेलते हुए ये महिलाएं चतुर्भुज राम मंदिर पहुंचीं।
मंदिर में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी और पंडित महेंद्र शर्मा ने माता की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता को जल पिलाया, पुष्पमाला पहनाई और मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती की।गणगौर पर्व आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक
इन भव्य सवारियों में मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं। नगर की वरिष्ठ महिलाओं, इंदिरा बाई शर्मा और पुष्पा यादव ने बताया कि गणगौर पर्व उनके लिए आस्था, परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
वे इस पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं और अपने सुहाग, नगर और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिनों तक माता रानी की आराधना करती हैं।
भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा
पर्व के दौरान महिलाओं ने रात्रि जागरण किया, हाथों में मेहंदी लगाई और गणगौर माता के गीत गाकर नृत्य किया। प्रत्येक घर में भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा गया। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा और गणगौर माता के गीत गूंजते रहे।
छोटे बच्चे बने गणगौर माता ओर ईश्वर जी 
मांडू में छोटे छोटे बच्चे गणगौर के इस आयोजन में गणगौर माता ओर  ओर उनके पति ईश्वर जी बने ओर खूब गणगौर के भजनों पर नत्य क्या 
चतुर्भुज श्री राम की नगरी में तीन दिवसीय गणगौर महोत्सव का आज समापन हो गया। यह महोत्सव आस्था और परंपरा के साथ संपन्न हुआ।
इस दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार गणगौर की विदाई पारंपरिक गीत गाकर और पूजा-अर्चना करके की गई वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर में गणगौर माता के रथ की पूजा ओर आरती के बाद गणगौर माता के रथ को पूरे नगर में घुमा कर गोमती कुंड पहुंच कर माता को विदाई दी ।
समापन के अवसर पर नितिन पटेल के द्वारा   भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_राहुल सेन मांडव
    राहुल सेन मांडव
    Barber Dhar, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
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    सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Bhavra, Alirajpur•
    21 hrs ago
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