इंटरनेट पर जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी: 👉साइबर ठगी से बचने को डीएम ने जारी की सख्त चेतावनी शाहजहांपुर, 10 फरवरी। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से इंटरनेट सुरक्षा, सुरक्षित ब्राउजिंग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग जितना जरूरी है, उतना ही सतर्क रहना भी आवश्यक है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुफ्त सेवाओं और अनजाने लिंक के झांसे में आने से बचें तथा किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से किसी भी प्रकार का बैंकिंग या आर्थिक लेन-देन करने से बचने की सलाह भी दी गई। उन्होंने कहा कि बैंकिंग से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीधे बैंक शाखा से संपर्क करना ही सुरक्षित तरीका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने लोगों को लॉटरी, इनाम या मुफ्त उपहार के लालच में न आने की भी सलाह दी, क्योंकि ऐसे मामलों में लोग अक्सर साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जिलाधिकारी ने मजबूत पासवर्ड बनाने, अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग पासवर्ड रखने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सोच-समझकर साझा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता ही है। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राशिद अली खान, कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी, सीएससी संचालक तथा एनआईसी के कर्मचारी मौजूद रहे।
इंटरनेट पर जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी: 👉साइबर ठगी से बचने को डीएम ने जारी की सख्त चेतावनी शाहजहांपुर, 10 फरवरी। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से इंटरनेट सुरक्षा, सुरक्षित ब्राउजिंग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग जितना जरूरी है, उतना ही सतर्क रहना भी आवश्यक है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुफ्त सेवाओं और अनजाने लिंक के झांसे में आने से बचें तथा किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से किसी भी प्रकार का बैंकिंग
या आर्थिक लेन-देन करने से बचने की सलाह भी दी गई। उन्होंने कहा कि बैंकिंग से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीधे बैंक शाखा से संपर्क करना ही सुरक्षित तरीका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने लोगों को लॉटरी, इनाम या मुफ्त उपहार के लालच में न आने की भी सलाह दी, क्योंकि ऐसे मामलों में लोग अक्सर साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जिलाधिकारी ने मजबूत पासवर्ड बनाने, अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग पासवर्ड रखने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सोच-समझकर साझा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता ही है। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राशिद अली खान, कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी, सीएससी संचालक तथा एनआईसी के कर्मचारी मौजूद रहे।
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- नकल पर ‘जीरो टॉलरेंस… चूक पर जेल और करोड़ों का जुर्माना, 👉डीएम ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी पब्लिक की लहर शाहजहांपुर, 10 फरवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यूपी बोर्ड परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई तथा स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही परीक्षार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं शालीन व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनपद के 126 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 42,785 तथा इंटरमीडिएट के 36,724 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा प्रथम पाली प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक आयोजित होगी। जनपद को 05 जोन एवं 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिन्हें परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशानुसार प्रश्नपत्र प्राप्ति के समय केंद्र व्यवस्थापक अथवा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम में चार डबल लॉक अलमारियों में सुरक्षित रखा जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र खोलते समय तिथि, पाली एवं कोड का मिलान करना अनिवार्य होगा तथा किसी भी स्थिति में गलत प्रश्नपत्र नहीं खोला जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों की कनेक्टिविटी केवल जनपदीय अथवा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ही रहेगी और 24 घंटे निगरानी की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर क्लॉक रूम स्थापित किया जाएगा तथा मिश्रित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी अधिकारी का पाल्य उसी केंद्र पर परीक्षा दे रहा हो तो उसकी वहां तैनाती नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये जुर्माना और पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। दूसरी बार पकड़े जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कक्ष निरीक्षकों को फोटोयुक्त पहचान पत्र एवं आधार कार्ड साथ रखने तथा मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अनुचित साधनों के प्रयोग या नकल कराने की स्थिति में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अधीक्षण अभियंता तथा परिवहन व्यवस्था के लिए परिवहन निगम अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक नगर, राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- शाहजहांपुर, 10 फरवरी। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को स्वच्छ वातावरण में नकलविहीन, शुचितापूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को नकलविहीन, शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं अच्छे माहौल में संपन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, विद्युत, पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा परीक्षार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं शालीन व्यवहार किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त रूप से समस्त अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकरी ने बताया कि जनपद के कुल 126 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 42,785 तथा इंटरमीडिएट के 36,724 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। प्रथम पाली प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक आयोजित होगी। जनपद को कुल 05 जोन एवं 21 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देशों दिए कि प्रश्नपत्रों की प्राप्ति के समय केंद्र व्यवस्थापक अथवा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रश्नपत्रों को उनके समक्ष स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा, जिसमें चार डबल लॉक अलमारियां होंगी। उन्होने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों की कनेक्टिविटी केवल जनपदीय कंट्रोल रूम अथवा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से ही हो तथा परीक्षा केंद्र अथवा स्ट्रांग रूम से किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा कनेक्टिविटी न की जाए। कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों एवं स्ट्रांग रूम की 24 घण्टे निगरानी की जाएगी। परीक्षार्थियों के लिए मिश्रित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक अथवा स्टैटिक मजिस्ट्रेट का पाल्य उसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा हो, तो उसकी नियुक्ति उस केंद्र पर किसी भी परिस्थिति में नहीं की जाएगी। परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्र पर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये जुर्माना एवं पांच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है तथा दूसरी बार गलती करते हुए पकड़े जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा। समस्त केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया कि वे परीक्षा से तीन दिन पूर्व कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग अनिवार्य रूप से करा लें। कक्ष निरीक्षक अपने साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र एवं आधार कार्ड अनिवार्य रूप से रखें तथा मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी स्थिति में प्रवेश न करें। समस्त केंद्र व्यवस्थापक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी छद्म (प्रॉक्सी) परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश न कर सके। उत्तर पुस्तिकाओं का लेखा-जोखा प्रत्येक केंद्र व्यवस्थापक द्वारा पंजिकाओं में स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा तथा इसमें किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही नहीं की जाएगी। प्रश्नपत्र प्राप्त होने के उपरांत बीजक से भली-भांति मिलान करते हुए यदि किसी प्रकार की अनुपूरक मांग बनती है तो तत्काल कंट्रोल रूम को अवगत कराया जाएगा। प्रश्नपत्र खोलते समय तिथि, पाली एवं कोड का अनिवार्य रूप से मिलान करने के पश्चात ही प्रश्नपत्र खोला जाएगा। किसी भी परिस्थिति में गलत प्रश्नपत्र नहीं खोला जाएगा। राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों को ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें। पुलिस अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की कमी नहीं होने दी जाएगी तथा किसी भी अपरिहार्य परिस्थिति के लिए उन्होंने अपना सीयूजी नंबर समस्त अधिकारियों को साझा किया। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, विद्युत एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असहजता न हो। परीक्षार्थियों द्वारा अनुचित साधनों के प्रयोग अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नकल कराए जाने की स्थिति में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा समस्त परीक्षा केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अधीक्षण अभियंता तथा परिवहन व्यवस्था हेतु सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम, शाहजहांपुर को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। प्रशिक्षण में में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक नगर, राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।4
- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की पीलीभीत पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक हाई-टेक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना घुंघचाई पुलिस ने गिरोह के उन दो मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठकर ठगी के गुर सीखकर आए थे और भारत में मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। भोपाल और दिल्ली से दबोचे गए सरगना थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की शिकायतों का पीछा करते हुए दो राज्यों में छापेमारी की: हर्षित उर्फ तनिश (मुख्य संचालक): इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया गया। आशुतोष कुमार उर्फ आशु: इसे दिल्ली के मालवीय नगर से दबोचा गया। ये दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जबकि इनके गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से जेल भेजे जा चुके हैं। दुबई कनेक्शन और ठगी का 'गेमिंग' मॉडल पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को चूना लगाने का विशेष प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद उन्होंने: अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच दिया। जैसे ही यूजर ऐप डाउनलोड करता, आरोपी उसके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हैक कर लेते और खाता साफ कर देते। बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में डिजिटल सामान बरामद किया है: 07 हाई-टेक स्मार्टफोन। 01 लैपटॉप (जिसमें हजारों लोगों का डेटा होने की आशंका है)। 01 पासपोर्ट और कई संदिग्ध दस्तावेज। "यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। फिलहाल हम इनके बैंक खातों और लैपटॉप के डेटा को खंगाल रहे हैं ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।" — जयशंकर सिंह, थाना अध्यक्ष, घुंघचाई। सावधान रहें: किसी भी अनजान गेमिंग ऐप को डाउनलोड न करें और न ही भारी मुनाफे के लालच में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।1
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- Post by Thakur Dheeraj Singh1
- प्रेस विज्ञप्ति *लाट साहब जुलूस को लेकर जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ जुलूस मार्ग का पैदल भ्रमण कर किया निरीक्षण* शाहजहांपुर | दिनांक: 09.02.2026।आगामी होली पर्व एवं को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के साथ नगर क्षेत्र में होली पर निकाले जाने वाले बड़े लाट साहब के जुलूस के मार्ग का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शहर कोतवाली से चार खंबा चौराहा होते हुए केरूगंज चौराहा तक जुलूस मार्ग का पैदल मार्च कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पर्वेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी, लाट साहब जुलूस के आयोजकगण तथा क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने जुलूस मार्ग पर विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ढीले एवं लटके हुए तारों को तत्काल ठीक कराने, ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रूप से ढकने, मार्ग में अवरोध उत्पन्न कर रही अस्थायी, स्थायी बाधाओं को हटाने तथा सड़क पर मौजूद गड्ढों को भरने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा जुलूस मार्ग पर समुचित प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों एवं जुलूस आयोजकों से संवाद स्थापित कर उनसे शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी त्योहारों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय से व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो। _______4
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