Shuru
Apke Nagar Ki App…
नल जल के कारण ही पानी जमा रहता हैं इसी कारण से नल जल नहीं चलता है गांव -गदबदिया ,प्रखण्ड -घटकुसुंभा जिला शेखपुरा में है
Vijay kumar
नल जल के कारण ही पानी जमा रहता हैं इसी कारण से नल जल नहीं चलता है गांव -गदबदिया ,प्रखण्ड -घटकुसुंभा जिला शेखपुरा में है
More news from बिहार and nearby areas
- नल जल के कारण ही पानी जमा रहता हैं इसी कारण से नल जल नहीं चलता है गांव -गदबदिया ,प्रखण्ड -घटकुसुंभा जिला शेखपुरा में है1
- लखीसराय। जिला लोक शिकायत कार्यालय में गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता देखने को मिली। इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने एक-एक कर कुल 36 मामलों की गंभीरता से सुनवाई की। उन्होंने सभी मामलों की गहन जांच-पड़ताल करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष जताया और अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक उम्मीद व्यक्त की। इस अवसर पर कार्यालय कर्मी राजू गुप्ता और सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।1
- शीर्षक: शेखपुरा के चिवारा प्रखंड में सीओ ऑफिस की लापरवाही से जनता परेशान 📍 बिहार के शेखपुरा जिला के चिवारा प्रखंड स्थित सीओ ऑफिस में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। 👉 ज़मीनी विवाद का मामला जनता दरबार में देने के बावजूद कागज गुम हो जाना बेहद चिंताजनक है। 👉 सीओ साहब द्वारा बार-बार “हो जाएगा” कहकर टालना और स्टाफ का समय पर उपस्थित न होना सिस्टम की कमजोरी दिखाता है। 👉 ऑफिस का टाइमिंग फिक्स नहीं है—स्टाफ 12 बजे या 1 बजे तक आते हैं, जिससे आम लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। 👉 उच्च अधिकारियों (ADM, DMO) से शिकायत करने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ⚠️ सवाल ये है: जब सरकार कहती है कि राजस्व विभाग में कोई भ्रष्टाचार नहीं है, तो ज़मीनी स्तर पर ये लापरवाही क्यों? 📢 हमारी मांग: ✔️ सीओ ऑफिस में समय पर स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ✔️ जनता की शिकायतों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए ✔️ ज़मीनी विवादों का समय पर समाधान हो ✔️ दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो1
- नवग्रह की शांति होगी जड़ी बूटी से। *मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ* पटना में मां कामाख्या ज्योतिष संस्थान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतिष्ठित संस्थान के संस्थापक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एम. के. पांडे उर्फ 'गुरुजी' उद्घाटन समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ संस्थान का शुभारंभ हुआ। गुरुजी ने बताया कि इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्योतिष, वास्तु और कर्मकांड की विद्या से लोगों के जीवन की समस्याओं का समाधान करना है। आचार्य एम. के. पांडे ने कहा कि संस्थान में सेवा का आधार शास्त्र-सम्मत ज्ञान और पूरी निष्ठा होगी। यह संस्थान पटना वासियों के लिए ज्योतिषीय समाधान का एक विश्वसनीय केंद्र बनेगा। *संस्थान में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:* - *कुंडली विश्लेषण*: जन्म कुंडली के आधार पर जीवन, करियर, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी सटीक मार्गदर्शन - *ग्रह शांति*: कुंडली में अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने हेतु विशेष पूजा, जाप और उपाय - *वास्तु शांति*: घर, दुकान व कार्यालय में वास्तु दोष निवारण कर सुख-समृद्धि लाना - *समस्या समाधान*: दांपत्य कलह, आर्थिक तंगी, संतान संबंधी बाधा और रोग निवारण हेतु ज्योतिषीय संस्थान का पता: नियर रामकृष्ण नगर बाईपास राम लखन पथ राम लखन सिंह मार्केट कंकड़बाग पटना 77399215351
- Post by मिथिलेश कुमार1
- चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अस्थावां गांव में किसानों की अलग-अलग गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कहीं किसान गेहूं की पराली जलाते नजर आ रहे हैं, तो कहीं आधुनिक मशीनों के माध्यम से गेहूं का कट्टू (भूसा) तैयार किया जा रहा है। यह दृश्य बुधवार की शाम करीब 5 बजे देखने को मिला। एक ओर पराली जलाने की प्रक्रिया से खेतों को जल्दी साफ करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ किसान मशीनों के जरिए भूसा बनाकर उसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, पराली जलाने से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जिसे लेकर प्रशासन समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाता रहता है। ग्रामीण क्षेत्र में यह मिश्रित स्थिति खेती के पारंपरिक और आधुनिक तरीकों के बीच संतुलन को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने के बजाय मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देना अधिक लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल है।1
- तीनमुहानी के पास पुलिस की कार्रवाई, ड्राइवर को दी गई सख्त हिदायत शेखपुरा- जिले में इन दिनों यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शहर के तीनमुहानी के पास यातायात पुलिस ने एक बस को रोककर कार्रवाई की, जिसमें कई लोग बस की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि बस बारात लेकर जा रही थी और पूरी तरह से भरी हुई थी। स्थिति यह थी कि बस के अंदर जगह खाली थी, जबकि यात्री छत पर बैठकर सफर कर रहे थे, जो पूरी तरह असुरक्षित है। यातायात पुलिस ने बस को रुकवाकर छत पर बैठे सभी यात्रियों को नीचे उतरने की अपील की। पुलिस को देखते ही यात्री जल्दबाजी में नीचे उतरने लगे। इस दौरान यातायात थाना प्रभारी सदाशिव शाहा ने बस चालक से पूछताछ की। चालक ने बताया कि उसने यात्रियों को छत पर बैठने से मना किया था, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी। हालांकि इस मामले में बस का चालान नहीं काटा गया, लेकिन चालक को सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया गया। यातायात पुलिस ने लोगों से सुरक्षित यात्रा करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- आपकी बात एक गंभीर और वास्तविक समस्या को उठाती है—किसानों पर कर्ज का बोझ और उससे जुड़ी कानूनी व प्रशासनिक परेशानियाँ। लेकिन एक बात साफ करना जरूरी है: बड़े उद्योगपतियों और किसानों के मामलों में कानून अलग नहीं होता, फर्क अक्सर प्रक्रिया, संसाधन और पहुंच का होता है। इसलिए समाधान भावनात्मक अपील के साथ-साथ व्यावहारिक होना चाहिए। आप जो मांग रख रहे हैं—पंचायत स्तर पर समाधान तंत्र—यह काफी मजबूत और ज़मीन से जुड़ा आइडिया है। इसे थोड़ा व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तो सरकार पर प्रभाव भी ज्यादा पड़ेगा। आपकी बात को मजबूत रूप में ऐसे पेश किया जा सकता है: मुख्य समस्या: समय पर कर्ज न चुकाने पर किसानों को नोटिस, कुर्की/जब्ती का डर अदालतों में भीड़ और खराब व्यवहार गरीब किसान के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं मांग/समाधान: पंचायत स्तर पर “किसान कर्ज समाधान समिति” बने जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और प्रशासन शामिल हों छोटे किसानों के लिए कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring) आसान किस्तें, समय बढ़ाना किसानों के लिए लोक अदालत/कैम्प कोर्ट पंचायत में ही लगे ताकि उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें कर्ज माफी या राहत योजना (जरूरतमंद किसानों के लिए) बैंक और प्रशासन को मानवीय व्यवहार का निर्देश पोस्टर/अपील के लिए दमदार लाइनें: हेडलाइन: 👉 "किसान पर कर्ज का बोझ क्यों? समाधान पंचायत स्तर पर हो!" सबहेडिंग: 👉 "नोटिस और जब्ती नहीं, सम्मान और समाधान चाहिए!" मुख्य लाइन: 👉 "किसान खुशहाल होगा तभी भारत खुशहाल होगा" अपील: 👉 "बिहार सरकार और भारत सरकार से मांग – हर पंचायत में किसान कर्ज समाधान समिति बनाई जाए"1