मध्य भारत न्यूज़: खास रिपोर्ट खाड़ी संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की भारी कटौती भोपाल/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में बढ़ते युद्ध के हालातों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) में ₹10 प्रति लीटर की बड़ी कटौती करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद, पेट्रोल पर प्रभावी एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे ₹10 से घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया आभार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे 'जनहितैषी' बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा: "खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालातों के बीच, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं पर बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ कम होगा, बल्कि रिफाइनरी उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में भी बड़ी सहायता मिलेगी।" क्यों लिया गया यह निर्णय? महंगाई पर लगाम: वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $100 के पार पहुंचने के बावजूद, भारत में कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आपूर्ति में निरंतरता: एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल कंपनियों (OMCs) के घाटे में कमी आएगी, जिससे देशभर में ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। निर्यात पर सख्ती: सरकार ने घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर अतिरिक्त टैक्स भी लगाया है, ताकि देश के भीतर तेल की कमी न हो। आम जनता को क्या होगा फायदा? विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें जिस तेजी से बढ़ रही थीं, यदि यह कटौती नहीं की जाती तो पेट्रोल-डीजल के दाम ₹15-20 तक बढ़ सकते थे। सरकार के इस हस्तक्षेप से फिलहाल खुदरा कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी और माल ढुलाई महंगी होने से बचेगी, जिससे आम आदमी की रसोई पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
मध्य भारत न्यूज़: खास रिपोर्ट खाड़ी संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की भारी कटौती भोपाल/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में बढ़ते युद्ध के हालातों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) में ₹10 प्रति लीटर की बड़ी कटौती करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद, पेट्रोल पर प्रभावी एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे ₹10 से घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया आभार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे 'जनहितैषी' बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा: "खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालातों के बीच, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं पर बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ कम होगा, बल्कि रिफाइनरी उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में भी बड़ी सहायता मिलेगी।" क्यों लिया गया यह निर्णय? महंगाई पर लगाम: वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $100 के पार पहुंचने के बावजूद, भारत में कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आपूर्ति में निरंतरता: एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल कंपनियों (OMCs) के घाटे में कमी आएगी, जिससे देशभर में ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। निर्यात पर सख्ती: सरकार ने घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर अतिरिक्त टैक्स भी लगाया है, ताकि देश के भीतर तेल की कमी न हो। आम जनता को क्या होगा फायदा? विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें जिस तेजी से बढ़ रही थीं, यदि यह कटौती नहीं की जाती तो पेट्रोल-डीजल के दाम ₹15-20 तक बढ़ सकते थे। सरकार के इस हस्तक्षेप से फिलहाल खुदरा कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी और माल ढुलाई महंगी होने से बचेगी, जिससे आम आदमी की रसोई पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
- पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में बढ़ते युद्ध के हालातों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) में ₹10 प्रति लीटर की बड़ी कटौती करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद, पेट्रोल पर प्रभावी एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे ₹10 से घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया आभार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे 'जनहितैषी' बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा: "खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालातों के बीच, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं पर बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ कम होगा, बल्कि रिफाइनरी उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में भी बड़ी सहायता मिलेगी।" क्यों लिया गया यह निर्णय? महंगाई पर लगाम: वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $100 के पार पहुंचने के बावजूद, भारत में कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आपूर्ति में निरंतरता: एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल कंपनियों (OMCs) के घाटे में कमी आएगी, जिससे देशभर में ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। निर्यात पर सख्ती: सरकार ने घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर अतिरिक्त टैक्स भी लगाया है, ताकि देश के भीतर तेल की कमी न हो। आम जनता को क्या होगा फायदा? विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें जिस तेजी से बढ़ रही थीं, यदि यह कटौती नहीं की जाती तो पेट्रोल-डीजल के दाम ₹15-20 तक बढ़ सकते थे। सरकार के इस हस्तक्षेप से फिलहाल खुदरा कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी और माल ढुलाई महंगी होने से बचेगी, जिससे आम आदमी की रसोई पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़1
- रामनवमी पर मैहर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य शोभायात्रा में दिखी धर्म और संस्कृति की झलक मैहर मे चैत्र नवरात्र के पावन पर्व और रामनवमी के शुभ अवसर पर मैहर नगरी में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में आज एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भव्य शोभायात्रा श्री राम जानकी बड़ा अखाड़ा से प्रारंभ हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों किला चौक, हुसैन चौक, रहीम चौक, रंगलाल चौक, चौरसिया मोहल्ला, घंटाघर चौक, कटरा बाजार होते हुए काली माता मंदिर पहुंची और अंततः चंडी देवी मंदिर में समापन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ बड़ा अखाड़ा के महंत श्री श्री 1008 श्री सीता वल्लभ शरण जू महाराज द्वारा भगवान श्रीराम की प्रतिमाओं, झांकियों एवं गुरुजनों पर पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में शामिल विभिन्न झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के जीवंत स्वरूपों ने लोगों का मन मोह लिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष के साथ भक्ति में लीन नजर आए।जगह-जगह स्वागत मंच लगाए गए और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। कुल मिलाकर, मैहर में निकली यह शोभायात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी जीता जगता उदाहरण रही।4
- सतना।हिंदू पर्व समन्वय समिति के तत्वाधान में सर्व समाज ने शहर में निकाली भव्य रामनवमी शोभायात्रा।1
- सतना- शहर मे कोलगवाॅ थाना के सामने स्थित बी. टी. आई . ग्राउंड मे चल रहे स्वदेशी व्यापार मेला मे वैसे तो कई आकर्षित करने वाले स्टाल लगे है। परन्तु मेले का मुख्य आकर्षण दिखा आदिवासी जडी बूटी निर्मित हेयर आयल के स्टाल मे, जिसके संचालक प्रफुल्ल जी ने बताया कि हमारे यहां निर्मित हेयर आयल से लोगो को काफी फायदा हो रहा है। जिस कारण लोग यहा एक दूसरे से पता करते हुए आ रहें है। और उनकी जो हेयर फाल की समस्या है, उसमे काफी अच्छे रिजल्ट का अनुभव ले रहें है। आपको बता दे कि यह मेला पिछले 17 मार्च 2026 से निरंतर संचालित है और यह मेला आगामी 05 अप्रैल 2026 तक बी. टी . आई. ग्राउंड सतना मे चलने वाला है।1
- Post by Dileep bunkar1
- *हजार बार देखा* *लेकीन पेट नाही भरा*1
- मैहर✍️🌹 मां शारदा धाम मैहर के ऐतिहासिक मेला व्यवस्था पर सभी मेला अधिकारी धन्यवाद के पात्र🙏🙏 मैहर....एक उम्दा सोच ओर ईमानदारी की कार्यप्रणाली एक अच्छा कारनामा करके दिखाता है ।जिसका जीता जागता प्रमाण दिया मैहर जिला प्रशासन ने मैहर कलेक्टर और मैहर एसडीएम ने जिस तरह से इस बार नवरात्रि व्यवस्था की वह वाकई सराहनीय रहा । आने वाले दर्शनार्थियों को व्यवस्थित मां के दर्शन हुए आवागमन भी पूरी तरह व्यवस्थित रहा साथ ही जिस तरह से मैहर प्रशासन ने इस बार देवी जी धाम में फैले अतिक्रमण पर काबू पाया पूर्व में ऐसा कभी नहीं हुआ । नवरात्रि के दौरान आवागमन इतना सुगम रहा जिसे शब्दों में बताया नहीं जा सकता अतिक्रमण न लगने से पर्याप्त जगह भी रही। मैहर प्रशासन को आगे भी यह चाहिए कि अतिक्रमण पर काबू रखे ओर देवी जी धाम में फैले अतिक्रमण को एक निश्चित जगह आबंटित की जाए और उनको व्यवस्थित किया जाए ताकि भविष्य में अतिक्रमण के कारण कोई अव्यवस्था न हो सके । क्योंकि देवी जी धाम में बढ़ता अतिक्रमण चिंताजनक है जिस पर भी लगाम अति आवश्यक है । शारदा प्रबंधक समिति के सभी प्रभारियों पुलिस एवं मैहर कलेक्टर एसडीएम पुलिस अधीक्षक की सूझ बुझ ओर सार्थक कार्यप्रणाली ने मेला व्यवस्था को ऐतिहासिक बनाया । जिसको देख आम आवाम हृदय की अंतिम गहराई से धन्यवाद ज्ञापित कर रहा है ।🌹🌹🙏🙏 वाकई ऐसा पहली बार देखा गया है हर स्वार्थ से उठकर मात्र जनहित में कार्य किया गया देवी जी धाम में जगह की कोई कमी नहीं पर्याप्त जगह है किंतु व्यवस्था में बाधक अतिक्रमण जो सड़कों को अपनी चपेट में ले लेता है जिससे जगह खत्म हो जाती है।। आशा ही नहीं बल्की पूरी उम्मीद है कि आगे भी ऐसी ही बेहतर व्यवस्था होगी ।। मैहर जिला प्रशासन को सर्व सुविधायुक्त ,शांति और सुचारू रूप से माता के भक्तों को माता के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करने में प्रदान की गई सुविधा व्यवस्था के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय भक्तों तथा आम जनों की तरफ से हार्दिक धन्यवाद 🌹🌹1
- थाली में जहर?” मैहर की ‘बीकानेर एक्सप्रेस’ पर बड़ा आरोप, खाने में कीड़े मिलने का वीडियो वायरल मैहर शहर में खाने के नाम पर आखिर परोसा क्या जा रहा है? यह सवाल तब खड़ा हो गया जब मैहर की चर्चित दुकान “बीकानेर एक्सप्रेस” पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वहां ग्राहकों को दिए जा रहे खाने में कीड़े तक मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। वीडियो में साफ तौर पर दावा किया जा रहा है कि एक ग्राहक को परोसे गए खाद्य पदार्थ में कीड़े पाए गए। यह कोई छोटी लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे-सीधे लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। वीडियो वायरल, लेकिन जिम्मेदार कौन? पीड़ित ग्राहक ने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। लेकिन सवाल यह है कि— क्या खाद्य विभाग सो रहा है? क्या बिना जांच के ही लोगों को जहर परोसा जा रहा है? “कागजों में साफ-सुथरा, हकीकत में सड़ा खाना?” यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि निरीक्षण सिर्फ कागजों तक सीमित है जमीनी हकीकत में दुकानों में गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं अगर एक नामी दुकान में यह हाल है, तो छोटे ठेलों और दुकानों की स्थिति का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। सीधे सवाल—जवाब कौन देगा? क्या प्रशासन इस वीडियो को गंभीरता से लेगा?क्या दुकान पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?और सबसे बड़ा सवाल—क्या लोगों की थाली में जहर परोसने वालों पर लगाम लगेगी या नहीं?फिलहाल वीडियो ने पूरे मैहर में हड़कंप मचा दिया है, लेकिन असली परीक्षा अब प्रशासन की है—कार्रवाई होगी या सिर्फ जांच का ढोंग? ज्ञात हो कि मैहर में शारदीय चैत्र नवरात्रि मेले का आयोजन हो रहा है जिसमें देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मैहर पहुंच रहे हैं और सबसे बड़ी बात की यह बीकानेर एक्सप्रेस रेलवे स्टेशन के समीप की स्थिति जहां पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शनार्थी मैहर पहुंचते हैं ऐसे मे एक गंभीर सवाल सेहत को लेकर खडा होता है3