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करौली जिला कारागृह में धौलपुर जिले के 68 वर्षीय विचाराधीन बंदी कलुआ गुर्जर की मौत हो गई है। कालीतीर सोने का गुर्जा, धौलपुर निवासी कलुआ गुर्जर की तबीयत खराब होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुँच गए। परिवारीजनों का कहना है कि कलुआ गुर्जर 27 साल पुराने एक मामले में विचाराधीन बंदी थे और वह दस्यु जगन गुर्जर के साले थे। परिजनों ने बताया कि वे आठ दिन पहले ही जेल में कलुआ से मिलकर गए थे, तब उनकी तबीयत सही थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जेल प्रशासन द्वारा उन्हें कलुआ की तबीयत बिगड़ने के बारे में बीच में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। परिजनों के अनुसार, उन्हें पिछली रात ही जेल से फोन आया और बताया गया कि तबीयत खराब होने के कारण कलुआ की मौत हो गई है।
पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
करौली जिला कारागृह में धौलपुर जिले के 68 वर्षीय विचाराधीन बंदी कलुआ गुर्जर की मौत हो गई है। कालीतीर सोने का गुर्जा, धौलपुर निवासी कलुआ गुर्जर की तबीयत खराब होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुँच गए। परिवारीजनों का कहना है कि कलुआ गुर्जर 27 साल पुराने एक मामले में विचाराधीन बंदी थे और वह दस्यु जगन गुर्जर के साले थे। परिजनों ने बताया कि वे आठ दिन पहले ही जेल में कलुआ से मिलकर गए थे, तब उनकी तबीयत सही थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जेल प्रशासन द्वारा उन्हें कलुआ की तबीयत बिगड़ने के बारे में बीच में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। परिजनों के अनुसार, उन्हें पिछली रात ही जेल से फोन आया और बताया गया कि तबीयत खराब होने के कारण कलुआ की मौत हो गई है।
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- धौलपुर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय महारपुर के प्रधानाध्यापक नरेंद्र सिंह ने 'पे बैक टू सोसाइटी' की भावना को साकार करते हुए और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक अनोखे अंदाज़ में अपना जन्मदिन मनाया। उन्होंने यह अवसर घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू सपेरा बस्ती गदरपुरा में इन परिवारों के बच्चों के बीच बिताया। इस दौरान, प्रधानाध्यापक ने शिक्षा की मुख्यधारा से दूर रह रहे इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें बस्ता, कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य स्टेशनरी सामग्री वितरित की।1
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