उन्होंने सिर्फ प्रसव नहीं कराया, बल्कि सैकड़ों घरों के 'बुझते चिरागों' को रौशनी दी है।" "कहते हैं जीत अकेले नहीं मिलती। अजय के इस मिशन को मुकम्मल बनाते हैं उनके साथी—पायलट जयपाल पटेल, खेमसिंह नेताम और ईएमटी छबि लाल कश्यप, कविता मेहरा, कपिल राम नाग व टेकधर कश्यप। जब एम्बुलेंस के पहिए कीचड़ में धंसते हैं, तब इन साथियों का हौसला ही उसे मंजिल तक ले जाता है।" आज 'मातृ दिवस' है। आज दिन है उन हाथों को सलाम करने का, जो नए जीवन को सुरक्षा की गोद देते हैं। अजय और उनकी टीम सिर्फ कर्मचारी नहीं, छत्तीसगढ़ के गौरव हैं, जो प्रधानमंत्री के 'सुरक्षित मातृत्व' के संकल्प को अपनी मेहनत से सींच रहे हैं। महतारी एक्सप्रेस 102—क्योंकि हर माँ अनमोल है, और हर जान कीमती! मातृ दिवस पर इन जांबाजों को छत्तीसगढ़ का सलाम!" जहाँ पक्की सड़कें दम तोड़ देती हैं और घने जंगलों की खामोशी डर पैदा करती है... वहां एक सायरन गूँजता है—उम्मीद का सायरन! लोग कहते हैं भगवान हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए उसने 'माँ' बनाई। लेकिन जब वही माँ जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हो, तब 'देवदूत' बनकर पहुँचते हैं अजय कुमार निर्मल जैसे कर्मवीर।"
उन्होंने सिर्फ प्रसव नहीं कराया, बल्कि सैकड़ों घरों के 'बुझते चिरागों' को रौशनी दी है।" "कहते हैं जीत अकेले नहीं मिलती। अजय के इस मिशन को मुकम्मल बनाते हैं उनके साथी—पायलट जयपाल पटेल, खेमसिंह नेताम और ईएमटी छबि लाल कश्यप, कविता मेहरा, कपिल राम नाग व टेकधर कश्यप। जब एम्बुलेंस के पहिए कीचड़ में धंसते हैं, तब इन साथियों का हौसला ही उसे मंजिल तक ले जाता है।" आज 'मातृ दिवस' है। आज दिन है उन हाथों को सलाम करने का, जो नए जीवन को सुरक्षा की गोद देते हैं। अजय और उनकी टीम सिर्फ कर्मचारी नहीं, छत्तीसगढ़ के गौरव हैं, जो प्रधानमंत्री के 'सुरक्षित मातृत्व' के संकल्प को अपनी मेहनत से सींच रहे हैं। महतारी एक्सप्रेस 102—क्योंकि हर माँ अनमोल है, और हर जान कीमती! मातृ दिवस पर इन जांबाजों को छत्तीसगढ़ का सलाम!" जहाँ पक्की सड़कें दम तोड़ देती हैं और घने जंगलों की खामोशी डर पैदा करती है... वहां एक सायरन गूँजता है—उम्मीद का सायरन! लोग कहते हैं भगवान हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए उसने 'माँ' बनाई। लेकिन जब वही माँ जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हो, तब 'देवदूत' बनकर पहुँचते हैं अजय कुमार निर्मल जैसे कर्मवीर।"
- उन्होंने सिर्फ प्रसव नहीं कराया, बल्कि सैकड़ों घरों के 'बुझते चिरागों' को रौशनी दी है।" "कहते हैं जीत अकेले नहीं मिलती। अजय के इस मिशन को मुकम्मल बनाते हैं उनके साथी—पायलट जयपाल पटेल, खेमसिंह नेताम और ईएमटी छबि लाल कश्यप, कविता मेहरा, कपिल राम नाग व टेकधर कश्यप। जब एम्बुलेंस के पहिए कीचड़ में धंसते हैं, तब इन साथियों का हौसला ही उसे मंजिल तक ले जाता है।" आज 'मातृ दिवस' है। आज दिन है उन हाथों को सलाम करने का, जो नए जीवन को सुरक्षा की गोद देते हैं। अजय और उनकी टीम सिर्फ कर्मचारी नहीं, छत्तीसगढ़ के गौरव हैं, जो प्रधानमंत्री के 'सुरक्षित मातृत्व' के संकल्प को अपनी मेहनत से सींच रहे हैं। महतारी एक्सप्रेस 102—क्योंकि हर माँ अनमोल है, और हर जान कीमती! मातृ दिवस पर इन जांबाजों को छत्तीसगढ़ का सलाम!" जहाँ पक्की सड़कें दम तोड़ देती हैं और घने जंगलों की खामोशी डर पैदा करती है... वहां एक सायरन गूँजता है—उम्मीद का सायरन! लोग कहते हैं भगवान हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए उसने 'माँ' बनाई। लेकिन जब वही माँ जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हो, तब 'देवदूत' बनकर पहुँचते हैं अजय कुमार निर्मल जैसे कर्मवीर।"1
- बस्तर के करनदोला भानपुरी में एक ईसाई महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विश्व हिंदू परिषद ने वन भूमि पर शव दफनाने का विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस की समझाइश के बाद परिजनों ने शव को जगदलपुर के करकापाल कब्रिस्तान ले जाकर अंतिम संस्कार किया।1
- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में युवा हर्षवर्धन बाजपेयी बस्तर की पारंपरिक सल्फी को स्वास्थ्यवर्धक पेय बनाने पर काम कर रहे हैं। उनके इस अनूठे प्रयोग को इनोवेशन महाकुंभ 1.0 में तृतीय पुरस्कार मिला है। हर्षवर्धन सल्फी की सेल्फ लाइफ व पोषक गुणों को बढ़ाकर उसे एक नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव की समय-सारणी जारी हो गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मतदान की तारीखों के ऐलान के बाद से उम्मीदवार और मतदाता तैयारियों में जुट गए हैं।1
- दांतेवाड़ा जिले के समेली बोड़ेपारा में पानी की गंभीर समस्या से स्थानीय महिलाएं बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रशासन से जल्द से जल्द इस जल संकट का समाधान करने की अपील की गई है।1
- चंपावत जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। चंपावत जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आरोपियों में एक आरोपी एक भाजपा नेता बताया जा रहा है1
- माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी वेणु जंघेल गिरफ्तार माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी वेणु जंघेल गिरफ्तार1
- कोंडागांव जिले के बड़ेबेंद्री गांव में नाली निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। निर्माण पूरा होने से पहले ही नाली जगह-जगह से दरकने लगी है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को आगामी बारिश में नाली के टिकने की चिंता सता रही है।1