लखनऊ से कानपुर की दूरी क्या वाकई महज 45 मिनट में तय की जा सकती है? सरकार के इस दावे की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को पब्लिक के लिए एक्सप्रेस-वे खुलने पर दैनिक भास्कर ने जमीनी पड़ताल की। इस सफर की शुरुआत सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से कार द्वारा की गई। शुरुआती सफर में पहली रेड लाइट पर रुकने और शहीद पथ की ओर बढ़ते हुए करीब 50 किमी प्रति घंटा की औसत रफ्तार मिली। रास्ते में 3 से 4 मिनट का ट्रैफिक मिलने के कारण शहीद पथ पार करने में ही 37 मिनट का समय लग गया। इसके बाद अमौसी एयरपोर्ट से होते हुए सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक्सप्रेस-वे के एंट्री पॉइंट पर पहुंचा जा सका, यानी एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने में ही कुल 44 मिनट लग गए। इस नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के बाद पहला टोल प्लाजा आया, जो देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल प्लाजा है। यहां बिना गाड़ी रोके ही, टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले लगे एआई (AI) कैमरों और फास्टैग रीडर ने चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को पढ़कर सीधे पैसे काट लिए। चौड़ी सड़कों और बेहद कम ट्रैफिक के कारण एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी की औसत गति लगभग 100 किमी प्रति घंटा रही। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, साइन बोर्ड, दोनों तरफ मजबूत फेंसिंग और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े इमरजेंसी कॉलिंग बूथ बनाए गए हैं। हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर बाइक चलाने की अनुमति न होने के बावजूद इस सफर के दौरान मार्ग पर कई बाइक भी चलती हुई दिखाई दीं। इस पड़ताल के निष्कर्ष में पाया गया कि एक्सप्रेस-वे का सफर पूरा करने में भले ही 44 मिनट का समय लगा, लेकिन लखनऊ के शुरुआती बिंदु से कानपुर पहुंचने में कुल 1 घंटा 47 मिनट का समय लगेगा।
लखनऊ से कानपुर की दूरी क्या वाकई महज 45 मिनट में तय की जा सकती है? सरकार के इस दावे की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को पब्लिक के लिए एक्सप्रेस-वे खुलने पर दैनिक भास्कर ने जमीनी पड़ताल की। इस सफर की शुरुआत सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से कार द्वारा की गई। शुरुआती सफर में पहली रेड लाइट पर रुकने और शहीद पथ की ओर बढ़ते हुए करीब 50 किमी प्रति घंटा की औसत रफ्तार मिली। रास्ते में 3 से 4 मिनट का ट्रैफिक मिलने के कारण शहीद पथ पार करने में ही 37 मिनट का समय लग गया। इसके बाद अमौसी एयरपोर्ट से होते हुए सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक्सप्रेस-वे के एंट्री पॉइंट पर पहुंचा जा सका, यानी एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने में ही कुल 44 मिनट लग गए। इस नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के बाद पहला टोल प्लाजा आया, जो देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल प्लाजा है। यहां बिना गाड़ी रोके ही, टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले लगे एआई (AI) कैमरों और फास्टैग रीडर ने चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को पढ़कर सीधे पैसे काट लिए। चौड़ी सड़कों और बेहद कम ट्रैफिक के कारण एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी की औसत गति लगभग 100 किमी प्रति घंटा रही। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, साइन बोर्ड, दोनों तरफ मजबूत फेंसिंग और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े इमरजेंसी कॉलिंग बूथ बनाए गए हैं। हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर बाइक चलाने की अनुमति न होने के बावजूद इस सफर के दौरान मार्ग पर कई बाइक भी चलती हुई दिखाई दीं। इस पड़ताल के निष्कर्ष में पाया गया कि एक्सप्रेस-वे का सफर पूरा करने में भले ही 44 मिनट का समय लगा, लेकिन लखनऊ के शुरुआती बिंदु से कानपुर पहुंचने में कुल 1 घंटा 47 मिनट का समय लगेगा।
- रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को रामपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध घोषित करते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने 15 दिन के भीतर स्वयं ही इस अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया है, ऐसा न करने पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले पर डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के कुल 40 भवनों में से केवल 2 का ही मानचित्र स्वीकृत है, जबकि शेष 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के कराया गया है।1
- घर में घुसे सांप को भगाने का एक बेहद ही अनोखा और अजब-गजब तरीका सामने आया है। अब घर में घुसे सांप को भगाने के लिए बस अपना मोबाइल फोन निकालकर एक क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करना होगा और सांप तुरंत गायब हो जाएगा। द शिवा कुमार (The Shiva Kumar) द्वारा साझा की गई यह जानकारी सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो के रूप में काफी ट्रेंड कर रही है।1
- जंतर मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान शामिल हुए हैं।1
- दिल्ली के द्वारका जिले में गाड़ी चोरी के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तम नगर पुलिस स्टेशन की डेडिकेटेड टीम ने चोरी के 5 दोपहिया वाहन बरामद करने के साथ ही एक बेखौफ ऑटो चोर को भी गिरफ्तार किया है।1
- उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके तहत आज प्रदेश के 33 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अयोध्या में मंगलवार तड़के आंधी के साथ तेज बारिश हुई, जिससे राम मंदिर जाने वाले भक्ति पथ पर एक फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा लखनऊ, संभल, हाथरस, देवरिया और आगरा में भी कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश दर्ज की गई। लखनऊ में देर शाम तेज बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि देवरिया में रात से ही रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मथुरा में यमुना नदी उफान पर है और पानी चेतावनी के निशान से 1.30 मीटर नीचे बह रहा है, जिसके चलते वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। इसके साथ ही, बरेली में रामगंगा और बिजनौर में मलान नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है, जबकि कानपुर और वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी आनंदेश्वर मंदिर घाट की सीढ़ियों तक आ गया है। इस बीच, बलिया में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है, जिसके कारण बांसडीह में 150 परिवार अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं।1
- दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की खबरों को लेकर कांग्रेस नेता और एआईसीसी (AICC) के पंजाब इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी भूपेश बघेल ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "...क्या आपने राहुल गांधी से बात की? अखबारों को जो लिखना है लिखने दो। मुझे जो कहना था, मैंने पहले ही कह दिया है।" बघेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मीडिया जो स्टोरी चलाता है, उस पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है और वे जो चाहें चला सकते हैं, क्योंकि यह बच्चों का खेल नहीं है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की हड़ताल और धरना प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी है। इस बीच, मछलीनगर से सपा सांसद ने भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के इस धरने को अपना समर्थन दिया है।1
- मेरठ जनपद के सरधना में 15 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे अविरल जैन के 'सेल पारस फर्नीचर' शोरूम में भीषण आग लग गई। इस हादसे में शोरूम के भीतर रखा कई करोड़ रुपये का फर्नीचर जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया। आग लगने के कारणों में फिलहाल शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह माना जा रहा है। इस घटना की जानकारी सबसे पहले एक चाय वाले दुकानदार को हुई, जिसने आग लगी देखकर तुरंत सूचित किया। इसके बाद मौके पर दमकल विभाग की गाड़ियां भी पहुंचीं, लेकिन उनके पहुंचने तक कुछ भी हाथ नहीं आया और करोड़ों रुपये की संपत्ति पूरी तरह तबाह हो गई।1