उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके तहत आज प्रदेश के 33 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अयोध्या में मंगलवार तड़के आंधी के साथ तेज बारिश हुई, जिससे राम मंदिर जाने वाले भक्ति पथ पर एक फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा लखनऊ, संभल, हाथरस, देवरिया और आगरा में भी कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश दर्ज की गई। लखनऊ में देर शाम तेज बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि देवरिया में रात से ही रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मथुरा में यमुना नदी उफान पर है और पानी चेतावनी के निशान से 1.30 मीटर नीचे बह रहा है, जिसके चलते वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। इसके साथ ही, बरेली में रामगंगा और बिजनौर में मलान नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है, जबकि कानपुर और वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी आनंदेश्वर मंदिर घाट की सीढ़ियों तक आ गया है। इस बीच, बलिया में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है, जिसके कारण बांसडीह में 150 परिवार अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके तहत आज प्रदेश के 33 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अयोध्या में मंगलवार तड़के आंधी के साथ तेज बारिश हुई, जिससे राम मंदिर जाने वाले भक्ति पथ पर एक फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा लखनऊ, संभल, हाथरस, देवरिया और आगरा में भी कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश दर्ज की गई। लखनऊ में देर शाम तेज बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि देवरिया में रात से ही रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मथुरा में यमुना नदी उफान पर है और पानी चेतावनी के निशान से 1.30 मीटर नीचे बह रहा है, जिसके चलते वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। इसके साथ ही, बरेली में रामगंगा और बिजनौर में मलान नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है, जबकि कानपुर और वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी आनंदेश्वर मंदिर घाट की सीढ़ियों तक आ गया है। इस बीच, बलिया में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है, जिसके कारण बांसडीह में 150 परिवार अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ की सेंट्रल मार्केट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण और 815 घरों के आगे से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। मंगलवार दोपहर 3 बजे जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, वैसे ही पिछले 89 दिनों से धरने पर बैठी महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। महिलाओं का कहना है कि तीन महीने के आंदोलन, पूजा-पाठ और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और सरकार ने उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस फैसले के बाद धरने पर बैठी महिलाओं का गुस्सा और दर्द सरकार पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारी शीतल पुजानी ने बेहद भावुक होकर कहा कि सरकार गूंगी-बहरी हो गई है, जो तीन महीने से सड़कों पर बैठे लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। वहीं राधा गुप्ता ने सरकार के प्रति तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर तोड़ दिए गए और व्यापार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है; जब सब कुछ छीन ही लिया गया है तो वे अब वोट क्यों दें? महिलाओं ने रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की कि उनके जीवनभर की जमापूंजी इन मकानों और दुकानों में लगी थी, और अब इस उम्र में वे दोबारा घर कहां बनाएंगे। लाचार महिलाओं का कहना है कि ऐसी जिंदगी जीने से अच्छा है कि उन्हें मार ही दिया जाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अन्य आवासीय इलाकों में भी नियमों के खिलाफ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को आगामी सितंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।1
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- जापान का नागोरो गांव अपनी अनोखी पहचान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले नजर आते हैं। कभी पूरी तरह आबादी से भरा यह गांव पलायन के कारण खाली होता चला गया, जिसके बाद एक स्थानीय महिला ने गांव की पुरानी रौनक लौटाने के लिए सैकड़ों पुतले बनाना शुरू किया। आज यहां हर गली, खेत और घर में बने ये पुतले इस अनोखे गांव की कहानी बयां करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन खालसा ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर अमरोहा एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है, जिसमें विशेष रूप से खाद और दवाइयों के बढ़े दामों व दरों को लेकर अपनी बातें रखी गई हैं।1
- क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर लगातार 18वें दिन भी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है। वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में हड़ताल पर बैठे हैं। सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर तुरंत मेडिकल मदद की मांग की गई है। लाइवलॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में संबंधित अधिकारियों से सोनम वांगचुक को किसी सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने, उन्हें तत्काल इलाज मुहैया कराने और उनकी जान बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की गई है।1
- शामली जनपद में पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस विशेष कार्रवाई को थाना गढ़ीपुख्ता, कैराना और कांधला पुलिस ने अंजाम दिया है। थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने होटल में फर्जी रूम बुकिंग के नाम पर लोगों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी करने वाले बुन्टा निवासी मोहम्मद अनस, आकिल और आसिफ को गिरफ्तार किया है और इनके पास से ही मोबाइल व नकदी बरामद हुई है। उधर, थाना कैराना पुलिस ने पार्सल डिलीवरी चार्ज के नाम पर गौतमबुद्धनगर निवासी एक महिला से 41,928 रुपये ठगने के मामले में ग्राम मन्नामाजरा निवासी अल्ताफ को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में, थाना कांधला पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में विकास नगर, कस्बा एलम निवासी अमरीत को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ से कानपुर की दूरी क्या वाकई महज 45 मिनट में तय की जा सकती है? सरकार के इस दावे की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को पब्लिक के लिए एक्सप्रेस-वे खुलने पर दैनिक भास्कर ने जमीनी पड़ताल की। इस सफर की शुरुआत सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से कार द्वारा की गई। शुरुआती सफर में पहली रेड लाइट पर रुकने और शहीद पथ की ओर बढ़ते हुए करीब 50 किमी प्रति घंटा की औसत रफ्तार मिली। रास्ते में 3 से 4 मिनट का ट्रैफिक मिलने के कारण शहीद पथ पार करने में ही 37 मिनट का समय लग गया। इसके बाद अमौसी एयरपोर्ट से होते हुए सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक्सप्रेस-वे के एंट्री पॉइंट पर पहुंचा जा सका, यानी एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने में ही कुल 44 मिनट लग गए। इस नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के बाद पहला टोल प्लाजा आया, जो देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल प्लाजा है। यहां बिना गाड़ी रोके ही, टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले लगे एआई (AI) कैमरों और फास्टैग रीडर ने चलती हुई गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को पढ़कर सीधे पैसे काट लिए। चौड़ी सड़कों और बेहद कम ट्रैफिक के कारण एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी की औसत गति लगभग 100 किमी प्रति घंटा रही। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, साइन बोर्ड, दोनों तरफ मजबूत फेंसिंग और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े इमरजेंसी कॉलिंग बूथ बनाए गए हैं। हालांकि, एक्सप्रेस-वे पर बाइक चलाने की अनुमति न होने के बावजूद इस सफर के दौरान मार्ग पर कई बाइक भी चलती हुई दिखाई दीं। इस पड़ताल के निष्कर्ष में पाया गया कि एक्सप्रेस-वे का सफर पूरा करने में भले ही 44 मिनट का समय लगा, लेकिन लखनऊ के शुरुआती बिंदु से कानपुर पहुंचने में कुल 1 घंटा 47 मिनट का समय लगेगा।1
- बागपत के खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के बसी रोड पर रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को मुखबिर से संदिग्धों के आने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर आ रहे तीन संदिग्धों को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से तीनों बदमाशों के पैर में चोट आई है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान मेरठ के खरखोदा निवासी जगत उर्फ मामा, अमरोहा निवासी दीपांशु उर्फ भूरा और गौतम बुद्ध नगर के छपरौला निवासी अमन उर्फ काला के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, लगभग 50 किलो चोरी के विद्युत तार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बागपत के एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि ये तीनों आरोपी विद्युत तार चोर गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं, जो बागपत और चांदीनगर क्षेत्र में लगातार चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। फिलहाल घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और खेकड़ा कोतवाली में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1