मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा विवाद अब और गहरा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने पहली बार खुलकर जवाब दिया है। पत्रकार से बातचीत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद, निराधार और एक सुनियोजित साज़िश करार दिया है। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान कई निजी अस्पताल और क्लिनिक सरकार के निर्धारित मापदंडों के विपरीत संचालित पाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और फायर सेफ्टी समेत कई जरूरी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे संस्थानों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिया गया है, और गैरकानूनी तरीके से अस्पताल चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिविल सर्जन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कई अस्पतालों में नामित डॉक्टर और एनेस्थेटिस्ट जिले में मौजूद ही नहीं रहते। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर पूर्णिया और सहरसा में रहते हैं, जबकि मधेपुरा में उनके नाम पर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। डॉ. विजय कुमार ने कहा कि ऐसे संस्थानों को 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमों को लागू करने और जांच को सख्त करने के कारण ही उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से की गई एक सोची-समझी साज़िश है। गौरतलब है कि इससे पहले, IMA और IDA ने जिलाधिकारी को सौंपे गए एक संयुक्त ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी, मनमानी और फाइलें लंबित रखकर अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने डीडीसी, जिला योजना पदाधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के निदेशक को संयुक्त जांच का आदेश दिया है। अब मधेपुरा में सभी की निगाहें इस प्रशासनिक जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा विवाद अब और गहरा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने पहली बार खुलकर जवाब दिया है। पत्रकार से बातचीत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद, निराधार और एक सुनियोजित साज़िश करार दिया है। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान कई निजी अस्पताल और क्लिनिक सरकार के निर्धारित मापदंडों के विपरीत संचालित पाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और फायर सेफ्टी समेत कई जरूरी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे संस्थानों
को नियमों के अनुरूप व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिया गया है, और गैरकानूनी तरीके से अस्पताल चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिविल सर्जन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कई अस्पतालों में नामित डॉक्टर और एनेस्थेटिस्ट जिले में मौजूद ही नहीं रहते। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर पूर्णिया और सहरसा में रहते हैं, जबकि मधेपुरा में उनके नाम पर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। डॉ. विजय कुमार ने कहा कि ऐसे संस्थानों को 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमों को लागू करने और जांच को सख्त करने
के कारण ही उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से की गई एक सोची-समझी साज़िश है। गौरतलब है कि इससे पहले, IMA और IDA ने जिलाधिकारी को सौंपे गए एक संयुक्त ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी, मनमानी और फाइलें लंबित रखकर अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने डीडीसी, जिला योजना पदाधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के निदेशक को संयुक्त जांच का आदेश दिया है। अब मधेपुरा में सभी की निगाहें इस प्रशासनिक जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- सहरसा जिले के सौर बाजार में, किसान सलाहकारों पर एक चर्चित पत्रकार से मिलकर एक मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करने का आरोप लगा है। सूत्रों के अनुसार, किसान सलाहकार इस चर्चित पत्रकार से बातचीत कर किसी मामले को निपटाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- आज दिनांक 27 मई 2026 को सुपौल के जिला पदाधिकारी, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, ने त्रिवेणीगंज के बघेली और पथरागौरधाय पंचायत तथा छातापुर प्रखंड बाजार में फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने सभी एफआर आईडी उपयोगकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पंचायत अंतर्गत सभी रैयत भू-धारकों के एफआर आईडी बनाना सुनिश्चित करें और व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह कार्य पूरा करें। उन्हें आवंटित कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का भी आदेश दिया गया। साथ ही, वहाँ के जनप्रतिनिधियों को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए भी निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिवेणीगंज व छातापुर, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उपस्थित रहे। सभी रैयत भू-धारकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने पंचायत स्तरीय कर्मी से संपर्क करें और नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपना एफआर आईडी बनवाएं।3
- बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर तीसरी पीढ़ी की राजनीतिक तैयारी को लेकर एक नई चर्चा ने जोर पकड़ा है। यह बहस 'इराज' के एक बर्थडे कार्ड के बाद शुरू हुई है, जिसने लोगों के बीच उत्सुकता जगा दी है। इस घटनाक्रम से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या लालू और तेजस्वी के बाद, अब इराज पार्टी में अगली पीढ़ी के नेतृत्वकर्ता के तौर पर उभरेंगे।1
- नौहट्टा में बकरीद का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस शुभ अवसर पर ईदगाहों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ सभी ने हर्षोल्लास के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।1
- जलई थाना अध्यक्ष दिपक कुमार के नेतृत्व में एक फ्लैग मार्च निकाला गया।1
- नौहट्टा थाना पुलिस ने आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) त्योहार को क्षेत्र में शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में बुधवार को थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने नौहट्टा थाना क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील इलाकों और मुख्य बाजारों में एक भव्य फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखना और किसी भी असामाजिक तत्व को कड़ा संदेश देना था। यह फ्लैग मार्च नौहट्टा थाना परिसर से शुरू होकर मुख्य बाजार, बस स्टैंड, विभिन्न चौक-चौराहों से गुजरते हुए क्षेत्र के संवेदनशील गांवों तक पहुँचा। इसमें बिहार पुलिस के भारी संख्या में जवान और सशस्त्र बल शामिल थे, जिनकी गाड़ियों के सायरन और कदमों की धमक ने आम जनता में सुरक्षा का अहसास कराया, वहीं उपद्रवियों के मन में खौफ पैदा किया। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने स्पष्ट किया कि शांति समिति की बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान हुड़दंग करने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। राहुल कुमार ने यह भी बताया कि पुलिस की 'तीसरी आंख' सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रख रही है, और अफवाह फैलाने वाले या भड़काऊ पोस्ट डालने वाले लोगों को सीधे जेल भेजा जाएगा। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे त्योहार को पारंपरिक हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु के दिखने पर तुरंत नौहट्टा पुलिस को सूचित करें। फ्लैग मार्च के दौरान कई पुलिस पदाधिकारी, एएसआई और भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद दिखे, जिनकी इस सक्रियता की स्थानीय दुकानदारों और आम जनता ने सराहना की है।1
- बकरीद पर्व के दौरान नौहट्टा थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से आज एक फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च नौहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जो थाना क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और मुख्य इलाकों से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। इस दौरान प्रशासन ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनसे त्योहार के अवसर पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा शाहपुर पंचायत के वार्ड 04 में एक सड़क तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। सड़क की इस दयनीय स्थिति के कारण लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है।1
- सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र स्थित महादलित टोला में शनिवार देर रात पुलिस टीम पर हमला हुआ। इस घटना में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) अंजय कुमार और महिला होमगार्ड काजल कुमारी घायल हो गईं। हमलावरों ने महिला जवान से राइफल भी छीन ली, हालांकि बाद में इसे खेत से बरामद किए जाने की चर्चा है। इसके अतिरिक्त, पुलिस के सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस, वीरपुर एसडीपीओ और सुपौल एसपी मौके पर पहुंचे। देर रात तक इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुटी हुई है।1