आज दिनांक 27 मई 2026 को सुपौल के जिला पदाधिकारी, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, ने त्रिवेणीगंज के बघेली और पथरागौरधाय पंचायत तथा छातापुर प्रखंड बाजार में फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने सभी एफआर आईडी उपयोगकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पंचायत अंतर्गत सभी रैयत भू-धारकों के एफआर आईडी बनाना सुनिश्चित करें और व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह कार्य पूरा करें। उन्हें आवंटित कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का भी आदेश दिया गया। साथ ही, वहाँ के जनप्रतिनिधियों को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए भी निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिवेणीगंज व छातापुर, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उपस्थित रहे। सभी रैयत भू-धारकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने पंचायत स्तरीय कर्मी से संपर्क करें और नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपना एफआर आईडी बनवाएं।
आज दिनांक 27 मई 2026 को सुपौल के जिला पदाधिकारी, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, ने त्रिवेणीगंज के बघेली और पथरागौरधाय पंचायत तथा छातापुर प्रखंड बाजार में फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने सभी एफआर आईडी उपयोगकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पंचायत अंतर्गत
सभी रैयत भू-धारकों के एफआर आईडी बनाना सुनिश्चित करें और व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह कार्य पूरा करें। उन्हें आवंटित कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का भी आदेश दिया गया। साथ ही, वहाँ के जनप्रतिनिधियों को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए भी निर्देशित किया
गया। निरीक्षण के समय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिवेणीगंज व छातापुर, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उपस्थित रहे। सभी रैयत भू-धारकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने पंचायत स्तरीय कर्मी से संपर्क करें और नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपना एफआर आईडी बनवाएं।
- मधेपुरा में स्वास्थ्य संबंधी एक विवाद गहरा गया है। इस मामले में सिविल सर्जन ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए इसे एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है।1
- मधेपुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ मकई चुराते हुए रंगे हाथों पकड़े गए एक व्यक्ति ने, बजाय अपनी गलती स्वीकार करने के, उन ग्रामीणों पर ही SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया है जिन्होंने उसे पकड़ा था। इस घटना को 'उलटा चोर कोतवाल को डांटे' की कहावत के अनुरूप बताते हुए, इसे चोर की एक 'घिनौनी साजिश' करार दिया गया है।1
- मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संगठनात्मक चुनाव के तहत जिला अध्यक्ष पद का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सागर सेवा सदन में आयोजित इस चुनाव में रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता को सर्वसम्मति से लगातार तीसरी बार पार्टी का जिला अध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव प्रक्रिया जिला निर्वाचन पदाधिकारी अशोक मेहता की अध्यक्षता और जिला पर्यवेक्षक दीपक वर्मा की देखरेख में पूरी की गई। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने पिंटू मेहता का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। तीसरी बार यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद, नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता ने पार्टी नेतृत्व और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, युवाओं और आम कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ना, तथा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना उनके मुख्य उद्देश्य होंगे। इस अवसर पर प्रो. मृत्युंजय मेहता, सीताराम कुशवाहा, मो. इफ्तिखार, गुड्डू आलम, गुलाब देवी, अमित कुशवाहा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के इस संगठनात्मक चुनाव के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम शुरू होगा।4
- Post by Md Asgar Ali1
- सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर के सामने बना यात्री शेड समय से पहले ही जर्जर होकर ध्वस्त होने के कगार पर पहुँच गया है, जिससे लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि इस यात्री शेड के नाम पर सरकारी राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है। कई लोगों ने बताया कि यह यात्री शेड ईंट और सीमेंट की बजाय स्टील की चादरों और खूंटों से बनाया गया है, यही वजह है कि यह कुछ ही महीनों में टूट गया है और अब बैठने लायक नहीं बचा है। लोगों का कहना है कि यदि इसका निर्माण स्थायी सामग्री से होता तो यह अधिक समय तक चलता। इसके अतिरिक्त, प्रखंड कार्यालय में दिन भर सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन परिसर में न तो पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था है और न ही कोई उपयोग लायक शौचालय भवन। यह स्थिति लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बनती है। हालाँकि, परिसर में दर्जनों शौचालय भवन बनाए गए हैं, पर उनमें से एक भी इस्तेमाल में नहीं है, जिससे साफ जाहिर होता है कि सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में योजनाओं के नाम पर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर बंदरबांट कर लिया गया है।1
- मंत्री रत्नेश सदा हाल ही में सहरसा पहुँचे, जहाँ उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर रमन झा ने मंत्री रत्नेश सदा का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।1
- मधेपुरा में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा विवाद अब और गहरा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने पहली बार खुलकर जवाब दिया है। पत्रकार से बातचीत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद, निराधार और एक सुनियोजित साज़िश करार दिया है। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान कई निजी अस्पताल और क्लिनिक सरकार के निर्धारित मापदंडों के विपरीत संचालित पाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और फायर सेफ्टी समेत कई जरूरी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे संस्थानों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिया गया है, और गैरकानूनी तरीके से अस्पताल चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिविल सर्जन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कई अस्पतालों में नामित डॉक्टर और एनेस्थेटिस्ट जिले में मौजूद ही नहीं रहते। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर पूर्णिया और सहरसा में रहते हैं, जबकि मधेपुरा में उनके नाम पर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। डॉ. विजय कुमार ने कहा कि ऐसे संस्थानों को 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमों को लागू करने और जांच को सख्त करने के कारण ही उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से की गई एक सोची-समझी साज़िश है। गौरतलब है कि इससे पहले, IMA और IDA ने जिलाधिकारी को सौंपे गए एक संयुक्त ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी, मनमानी और फाइलें लंबित रखकर अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने डीडीसी, जिला योजना पदाधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के निदेशक को संयुक्त जांच का आदेश दिया है। अब मधेपुरा में सभी की निगाहें इस प्रशासनिक जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।3
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- झंझारपुर के सिमरा महादलित बस्ती में एक आपसी विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि स्थिति बेकाबू हो गई। इस घटना के दौरान महिला से लेकर बुजुर्ग और युवा तक, सभी लोग हाथों में लाठी लेकर बीच सड़क पर आ गए और जमकर हंगामा किया। विवाद बढ़ने के साथ ही, वहां लाठी-डंडे भी चले, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1