*कौशाम्बी: संदीपनघाट के चिकवन का पूरा में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर* *कौशाम्बी संदेश नेटवर्क* कौशाम्बी जनपद के संदीपनघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिकवन का पूरा में राकेश दिवाकर पर कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर भूमाफिया और उसके साथियों ने राकेश को घेरकर बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।परिजनों के अनुसार, राकेश दिवाकर ने पूर्व में भी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। घटना के बाद घायल राकेश को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।घटना से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
*कौशाम्बी: संदीपनघाट के चिकवन का पूरा में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर* *कौशाम्बी संदेश नेटवर्क* कौशाम्बी जनपद के संदीपनघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिकवन का पूरा में राकेश दिवाकर पर कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर भूमाफिया और उसके साथियों ने राकेश को घेरकर बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।परिजनों के अनुसार, राकेश दिवाकर ने पूर्व में भी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। घटना के बाद घायल राकेश को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।घटना से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- *कौशांबी पत्रकार पर एफआईआर दर्ज, संगठनों में रोष* *संदीपन घाट प्रकरण को लेकर डायट मैदान में धरना, निष्पक्ष जांच की उठी मांग* *कौशाम्बी संदेश* कौशांबी। जनपद में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। संदीपन घाट क्षेत्र में हुए कथित हमले के मामले में एक स्थानीय पत्रकार को नामजद किए जाने के विरोध में प्रेस क्लब और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि बिना निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के ही पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में पत्रकार का नाम सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जल्दबाजी में दर्ज की गई एफआईआर से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने डायट मैदान में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है और उसे दबाने या डराने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। धरना स्थल पर आयोजित सभा में कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके बाद पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर की समीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक पत्रकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई न की जाए। इस पूरे प्रकरण ने जिले में मीडिया और प्रशासन के संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच की दिशा क्या रहती है।2
- देख लो सवर्णों तुम्हारे मोदी ने तुम्हारा क्या हाल कर दिया।कुछ भी बहम पाल लेना लेकिन ये बहम मत पालना कि भाजपा तुम्हारी सगी है। #सवर्णों_भाजपा_छोड़ो1
- जनपद कौशाम्बी पुलिस ने कुल 83 मोबाइल रिकवर कर मोबाइल स्वामियों को लौटाये ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल पर जनपद कौशाम्बी के विभिन्न थानों पर मोबाइल चोरी, स्नेचिंग व मोबाइल खोने आदि की प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए जनपद कौशाम्बी के समस्त थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस एवं मेनुअल इनपुट की सहायता से भिन्न-भिन्न कम्पनियों के कुल 83 मोबाइल जिनकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रू० है, की बरामदगी की गई है। थानों पर नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर व सीसीटीएनएस पुलिस टीम द्वारा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। बरामद किये गये मोबाइल फोन को उनके स्वामियों की पहचान कर प्रदान किये गये हैं। ग़ौरतलब हो कि सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल एक केन्द्रीकृत सिटीजन पोर्टल है, जिसकी सहायता से चोरी हुए, खोए हुये अथवा छीने गये मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा सकता है। आम जनता द्वारा स्वयं ही अपने मोबाइल खोने, चोरी होने आदि की सूचना ऑनलाइन सी ई आई आर की वेवसाइट ceir.gov.in पर दर्ज की जा सकती है। इसी प्रकार मोबाइल चोरी व खो जाने के सम्बन्ध में थानों पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों को CEIR पोर्टल पर दर्ज कर ट्रैक किया जाता है। इस प्रकार पूरे भारत वर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकता अनुसार सम्बन्धित थानों को सूचित करते हुये बरामद करके मोबाइल स्वामी को सुपुर्द किया जाता है। सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में प्रथम स्थान, थाना करारी (19 मोबाइल), द्वितीय स्थान थाना कोखराज (14 मोबाइल) व तृतीय स्थान थाना सराय अकिल (13 मोबाइल) पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा उत्साहवर्धन हेतु 5000-5000 रूपये के नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- धर्म और धंधा में फर्क समझ लो1
- कौशाम्बी। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी व बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पिपरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11/12 फरवरी 2026 की रात चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दूल्हापुर नहर पुलिया के पास से गांजा तस्करी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया।1
- *झूठे मुकदमे में पत्रकार को फँसाने की साजिश के विरोध में पत्रकार एकजुट* *कौशांबी संदेश* कौशाम्बी। जनपद में एक पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फँसाने की साजिश के विरोध में पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न मीडिया संगठनों से जुड़े पत्रकारों ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी भी पत्रकार को व्यक्तिगत रंजिश या दबाव के तहत फर्जी मुकदमे में फँसाने का प्रयास किया जाता है, तो यह न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना के भी खिलाफ है।मामले को लेकर पत्रकारों ने उच्चाधिकारियों से पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाए।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होंगे। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जिले में चर्चा का माहौल है।2